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WhatsApp ने पत्रकारों, एक्टिविस्ट की जासूसी मामले में किया भारत सरकार का समर्थन, कहा- कड़ा एक्शन लिया

इजरायली सॉफ्टवेयर से भारतीय पत्रकारों और एक्टिविस्ट की जासूसी मामले में व्हॉट्सएप (WhatsApp) ने शुक्रवार को कहा कि उसने कड़ा एक्शन लिया है और वह भारत सरकार का समर्थन करती है.

November 1, 2019 5:28 PM
Image: Reuters

इजरायली सॉफ्टवेयर से भारतीय पत्रकारों और एक्टिविस्ट की जासूसी मामले में व्हॉट्सएप (WhatsApp) ने शुक्रवार को कहा कि उसने कड़ा एक्शन लिया है और वह भारत सरकार का समर्थन करती है. गुरुवार को फेसबुक की कंपनी व्हॉट्सएप ने कहा था कि इजराइल स्पाईवेयर ‘पेगासस’ के जरिये वैश्विक स्तर पर जासूसी की जा रही है. भारतीय पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी इस जासूसी का शिकार बने हैं. व्हॉट्सएप ने कहा था कि वह एनएसओ ग्रुप के खिलाफ मुकदमा करने जा रही है. आईटी मंत्रालय ने मामले में व्हॉट्सएप से 4 नवंबर तक जवाब मांगा है.

भारत सरकार ने मामले में मांगा है व्हॉट्सएप से जवाब

भारत सरकार ने व्हॉट्सएप से पूछा कि वो इस मामले को समझाये और यह बताए कि उसने करोड़ों भारतीयों की प्राइवेसी को बचाने के लिए मामले में क्या कदम उठाए हैं. व्हॉट्सएप के प्रवक्ता ने बताया कि वो भारत सरकार के सभी नागरिकों की निजता को बचाने के सख्त रवैये से सहमत हैं. इसलिए उन्होंने साइबर अटैक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. व्हॉट्सएप के मुताबिक कंपनी सभी यूजर्स के डाटा की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. हालांकि कंपनी के प्रवक्ता ने इस बारे में नहीं बताया कि क्या उसने सरकार के सवाल का जवाब दे दिया है.

कंपनी ने बताया था कि वह इजरायली फर्म एनएसओ ग्रुप के खिलाफ मुकदमा करने जा रही है. इसी कंपनी ने वह टेक्नोलॉजी विकसित की जिसके जरिये अज्ञात इकाइयों ने जासूसी के लिए करीब 1,400 लोगों के फोन हैक किए. चार महाद्वीपों के यूजर्स इस जासूसी का शिकार बने हैं. इनमें राजनयिक, राजनीतिक विरोधी, पत्रकार और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हैं. हालांकि, व्हॉट्सएप ने यह खुलासा नहीं किया है कि किसके कहने पर पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के फोन हैक किए गए हैं. व्हॉट्सएप ने यह भी नहीं बताया कि भारत में कितने लोगों को इस जासूसी का निशाना बनाया गया.

WhatsApp का खुलासा- इजराइल स्पाईवेयर के जरिए भारतीय पत्रकारों, एक्टिविस्ट की कराई गई जासूसी, सरकार ने मांगा जवाब

कंपनी ने पीड़ित यूजर्स को मैसेज कर दी जानकारी

कंपनी ने कहा कि मई में उसे एक ऐसे साइबर हमले का पता चला जिसमें उसकी वीडियो कॉलिंग सिस्टम के जरिये यूजर्स को मालवेयर भेजा गया। व्हॉट्सएप ने कहा कि उसने करीब 1,400 यूजर्स को खास व्हॉट्सएप मैसेज के जरिये इसकी जानकारी दी है. हालांकि कंपनी ने भारत में इस स्पाईवेयर हमले से प्रभावित लोगों की संख्या नहीं बताई है लेकिन उसके प्रवक्ता ने कहा कि इस हफ्ते कंपनी ने जिन लोगों से संपर्क किया है उनमें भारतीय यूजर्स भी शामिल हैं.

दुनिया भर में व्हॉट्सएप का इस्तेमाल करने वालों की संख्या डेढ़ अरब है. भारत में करीब 40 करोड़ लोग व्हॉट्सएप का इस्तेमाल करते हैं. व्हॉट्सएप ने मंगलवार को कैलिफोर्निया के फेडरल कोर्ट में इजराइल की साइबर इंटेलिजेंस कंपनी एनएसओ ग्रुप के खिलाफ मुकदमा दायर किया है.

एनएसओ ने व्हॉट्सएप के लगाए गए सभी आरोपों से इनकार कर दिया है. व्हॉट्सएप के मुताबिक इस हमले से सिविल सोसायटी के कम से कम 100 लोग प्रभावित हुए हैं, हालांकि यह संख्या बढ़ भी सकती है. यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो में स्थित एक साइबर सेक्योरिटी लैब, सिटीजन लैब ने हैंकिंग की इस घटना की पड़ताल करने में व्हॉट्सएप की मदद की.

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