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WhatsApp का इनकार: मैसेज सोर्स का पता लगाने के लिए नहीं लाएगी टेक्नोलॉजी

WhatsApp के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमारा ध्यान भारत में दूसरों के साथ मिलकर काम करने और लोगों को गलत सूचना के बारे में शिक्षित करने पर है. इसके जरिए हम लोगों को सुरक्षित रखना चाहते हैं.’’

August 23, 2018 4:56 PM
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WhatsApp ने अपने प्लेटफार्म पर संदेश के मूल स्रोत का पता लगाने के लिए सॉफ्टवेयर विकसित करने से इनकार कर दिया है. सरकार ने कंपनी से इस तरह की टेक्नोलॉजी लगाने की मांग की थी, जिसे उसने ठुकरा दिया है.

सरकार चाहती है कि WhatsApp ऐसा समाधान विकसित करे जिससे फर्जी या झूठी सूचनाओं के स्रोत का पता लगाया जा सके. उल्लेखनीय है कि इस तरह की फर्जी सूचनाओं से देश में भीड़ की पिटाई से हत्या की घटनाएं हुई हैं. इस बारे में WhatsApp के प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह का साफ्टवेयर बनाने से एक किनारे से दूसरे किनारे तक कूटभाषा प्रभावित होगी और व्हॉट्सएप की निजी प्रकृति पर भी असर पड़ेगा. ऐसा करने से इसके दुरुपयोग की और संभावना पैदा होगी. हम निजता संरक्षण को कमजोर नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि लोग WhatsApp के जरिए सभी प्रकार की संवेदनशील सूचनाओं का आदान प्रदान करने के लिए निर्भर है. चाहे वह उनके चिकित्सक हों, बैंक या परिवार के सदस्य हों.

WhatsApp के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमारा ध्यान भारत में दूसरों के साथ मिलकर काम करने और लोगों को गलत सूचना के बारे में शिक्षित करने पर है. इसके जरिए हम लोगों को सुरक्षित रखना चाहते हैं.’’ पिछले कुछ माह के दौरान WhatsApp के मंच से कई फर्जी सूचनाओं का प्रसार हुआ है जिससे भारत में भीड़ की पिटाई से लोगों की हत्या की घटनाएं हुई हैं. इसको लेकर कंपनी आलोचनाओं का सामना कर रही है.

WhatsApp के प्रमुख क्रिस डेनियल्स इसी सप्ताह सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद से मिले थे. प्रसाद ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि सरकार ने WhatsApp से स्थानीय कॉरपोरेट इकाई बनाने और जाली संदेश के मूल स्रोत का पता लगाने को प्रौद्योगिकी समाधान विकसित करने को कहा है.

हालांकि, इसके साथ ही प्रसाद ने फेसबुक की कंपनी WhatsApp के भारत की डिजिटल कहानी में योगदान की सराहना भी की. बैठक के बाद डेनियल्स ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था. देश में अगले साल आम चुनाव होने हैं. ऐसे में सरकार सोशल मीडिया प्लेटफार्म मसलन Facebook, Twitter और WhatsApp से फर्जी खबरों के प्रसार को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रही है.

दुनियाभर में WhatsApp के प्रयोगकर्ताओं की संख्या डेढ़ अरब है. भारत कंपनी के लिए सबसे बड़ा बाजार है. यहां WhatsApp का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या दो करोड़ से अधिक है.

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