अब कंप्यूटर के लिए मोटी रकम चुकाने की जरूरत नहीं, हर महीने 399 रुपये देकर चला सकते हैं काम, जानिए कैसे | The Financial Express

अब कंप्यूटर के लिए मोटी रकम चुकाने की जरूरत नहीं, हर महीने 399 रुपये देकर चला सकते हैं काम, जानिए कैसे

पहली बार सब्सक्रिप्शन के लिए आपको 3600 रुपये रिफंडेबल सिक्योरिटी मनी के तौर पर जमा करने होंगे.

अब कंप्यूटर के लिए मोटी रकम चुकाने की जरूरत नहीं, हर महीने 399 रुपये देकर चला सकते हैं काम, जानिए कैसे
Praho Computers तैयार करने वाली कंपनी ने सब्सक्रिप्शन के लिए 399 रुपये मंथली चार्ज तय की है. (Image credit: Selligion Technologies)

Selligion Praho Computer: अब तक आप नया कंप्यूटर खरीदने के लिए मोटी रकम चुकाते थे या फिर एक साथ ज्यादा पैसे न खर्च हो इस वजह से आप अपने बच्चे के लिए कंप्यूटर नहीं खरीद पा रहे थे. मुंबई की एक स्टार्टअप कंपनी सैलीजियोन टेक्नोलॉजी आपको दे रही है मंथली सब्सक्रिप्शन पर कंप्यूटर घर लाने का मौका. इस कंप्यूटर के लिए आपको सिर्फ करीब 400 रुपये मंथली भुगतान करना होगा. कंपनी शुरूआती दौर में वायरलेस माउस और की-बोर्ड भी फ्री में उपलब्ध करा रही है. इस कंप्यूटर में बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से जुड़े कई एप्लिकेशन पहले से उपलब्ध रहेंगे. इस कंप्यूटर को आप किसी भी मॉनिटर या टीवी स्क्रीन से जोड़कर चला सकते हैं, जिसका इंतजाम आपको खुद करना होगा.

सब्सक्रिप्शन पर प्राहो कंप्यूटर लेने के ये हैं फायदें

बाजार में ढेर सारे कंप्यूटर मौजूद है. लेकिन मुंबई की कंपनी सैलीजियोन टेक्नोलॉजी का प्रोडक्ट प्राहो इस भीड़ से कुछ अलग है. उसका ये क्लाउड-बेस्ड कंप्यूटर “प्राहो” बेहद कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा. सैलीजियोन टेक्नोलॉजी के इस कंप्यूटर को सिर्फ 399 रुपये के मंथली चार्ज पर सब्सक्राइब किया जा सकता है. साथ ही पहली बार सब्सक्रिप्शन लेने वाले ग्राहकों को 3600 रुपये सिक्योरिटी मनी के तौर पर भी जमा कराने होंगे, जो रिफंडेबल है.

क्यों किफायती है सैलीजियोन का प्राहो कंप्यूटर

अगर आप बाजार से कोई कंप्यूटर खरीदते हैं तो उसके लिए आपको कम से कम 25 हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे. ये कंप्यूटर सिर्फ एक साल की वारंटी के साथ मिलेगी. उसके बाद आने वाले दिनों में उसमें जरूरी सॉफ्टवेयर इंस्टाल कराने और उन्हें समय-समय पर अपडेट करने के लिए भी पैसे खर्च करने होंगे. अगर आप उस कंप्यूटर को सही ढंग से इस्तेमाल करेंगे तो वह 3 से 4 साल बाद वो पुरानी जेनरेशन का हो जाता है. लेकिन अगर आप सैलीजियोन टेक्नोलॉजी के कंप्यूटर प्राहो का सब्सक्रिप्शन लेते हैं तो हर महीने 399 रुपये का खर्च आएगा. इस हिसाब से देखें तो 3 साल में आपको करीब 15 हजार रुपये खर्च करना होगा. यानी कंप्यूटर की कीमत में ही आपके लगभग 10 हजार रुपये बच जाएंगे. इसके अलावा इस दौरान कंप्यूटर और उसके सॉफ्टवेयर्स को अपग्रेड या अपडेट करने का काम भी कंपनी ही करेगी. तो इस पर भी आपके पैसे और एनर्जी दोनों बचेंगे. प्राहो कंप्यूटर पर आपको अनलिमिटेड अपडेट और जब चाहें उसे कंपनी को वापस करके अपनी सिक्योरिटी मनी ले सकेंगे.

मुफ्त मिल रहे वायरलेस माउस और की-बोर्ड

हाइब्रिड क्लाउड-बेस्ड कंप्यूटर प्राहो की बुकिंग जारी है. ये कंप्यटर सिर्फ भारतीयों को दी जाएगी. इस कंप्यूटर के सब्सक्रिप्शन पर मौजूदा समय में वायरलेस माउस और वायरलेस की-बोर्डस फ्री मिल रहा है. ये आफर सीमित समय के लिए है. अगर आप इसका लाभ पाना चाहते हैं तो जल्द ही बुकिंग कर फायदा उठा सकते हैं.

ऐसे बना प्राहो कंप्यूटर

बीते साल कोरोना महामारी के दौरान जब संक्रमण दर चरम पर था तब सैलीजियोन टेक्नोलॉजी (Selligion Technologies) के को-फाउंडर नमन चक्रवर्ती, योशिता सेनगुप्ता, जॉबी जॉन और पुनीत रहेजा ने देखा कि कैसे बच्चों के स्कूल बंद हो गए. वे कंप्यूटर से दूर होते गए. हालांकि बच्चों ने इसके बारे में सोचा भी नहीं होगा. स्मार्टफोन ने कंप्यूटर की जगह ले ली. इस दौरान पढ़ाई के गैप को भरने में स्मार्टफोन की मांग तेजी आई. क्योंकि उस समय ऑनलाइन मोड में स्कूल संचालित की जाती रही. इन सब हालातों को देखते हुए सैलीजियोन टेक्नोलॉजी से जुड़े लोगों के मन में विचार आया. उसके बाद कंपनी ने उन बच्चों को कंप्यूटर मुहैया कराने का सोचा जिनके पैरेंट बजट के अभाव में या फिर मोटी रकम खर्च कर बच्चे के लिए नया कंप्यूटर खरीदने से डरते रहे कि पता नहीं उनका बच्चा कंप्यूटर चलाने में दिलचस्पी लेगा या नहीं या वह उसकी भाषा को समझने में सक्षम होगा या नहीं. कोरोना महामारी के दौरान दूसरे लॉक-डाउन में सैलीजियोन ने कंप्यूटर बनाने की तैयारी शुरू की. करीब 1 साल बाद कंपनी ने हाइब्रिड क्लाउड-बेस्ड कंप्यूटर “प्राहो” को तैयार किया. कंपनी आंतरिक रूप से अगस्त-सितंबर 2022 से टेस्टिंग कर रही है. 2022 के आखिरी महीनों में सैलीजियोन अपने प्राहो कंप्यूटर को मंथली सब्सक्रिप्शन (Computer on Rent) पर बच्चों के लिए उपलब्ध कराएगी.

क्लाउड-बेस्ड कंप्यूटर प्राहो का सब्सक्रिप्शन बेहद कम कीमत पर उपलब्ध है. ग्राहकों को ये काफी पसंद आएगा. इसके पीछे सैलीजियोन टेक्नोलॉजी की सीओओ योशिता सेनगुप्ता ने तर्क दिया कि भारतीय भले ही ओटीटी प्लेटफार्म के लिए मंथली सब्सक्रिप्शन न खरीदें लेकिन वे 90 की दशक चली आ रही केबल टीवी के लिए खर्च कर रहे हैं. हालंकि उन्होंने अब बदलाव किया है. अब वे टाटा स्काई के लिए खर्च कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि भारत में ग्राहकों को सब्सक्रिप्शन आधारित सर्विस लेने में कोई समस्या है. खासकर वह सर्विस या प्रोडक्ट जो पूरी तरह पैसा वसूल हो.

हाइब्रिड और क्लाउट कंप्यूटिंग

प्राहो कंप्यूटर से हाइब्रिड नाम जुड़ना दिलचस्प है. दरअसल इस कंप्यूटर में दो ऑपरेटिंग सिस्टम दिया गया है. Linux OS और दूसरा Windows OS. Linux OS आमतौर पर बिना इंटरनेट के आम कंप्यूटर की तरह काम करता है. इसमें बच्चों के काम के कंई एप्लिकेशन साप्टवेयर जैसे वर्ड, एक्सेल दिए गए हैं. इसके आलावा इस कंप्यूटर में Windows OS का एक्सेस भी दिया गया है. Windows OS के लिए Linux OS पर चल रहे कंप्यूटर स्क्रीन पर दिए आइकन पर क्लिक करके जा सकते हैं. हालांकि इसके लिए इंटरनेट का कनेक्शन होना जरुरी है. यहीं पर कम्युनिटी क्लाउड का कान्सेप्ट भी प्राहो से जुड़ जाता है. मोबाइल नंबर की मदद से क्लाउड का एक्सेस पाने के लिए लॉग-इन करना होगा. इस दौरान मोबाइल पर ओटीपी भेजी जाएगी. इस ओटीपी डिटेल को भरकर क्लाउड का इस्तेमाल कर सकेंगे. क्लाउड को समझने के लिए गूगल ड्राइव सबसे बढ़िया उदाहरण आपके पास है. जैसे गूगल ड्राइव को एक्सेस पाने के लिए आपको लॉग-इन आइडी और पासवर्ड की जरूरत पड़ती है ठीक वैसे ही आप क्लाउड का इस्तेमाल कर सकेंगे. इस क्लाउड पर अधिक स्टोरेज वाले साफ्टवेयर जैसे वीडियो एडिटिंग साफ्टवेयर मिल सकेंगे.

कैसे पड़ा नाम प्राहो

सैलीजियोन टेक्नोलॉजी के कंप्यूटर प्राहो (Pra+Ho) का नाम भारत के दो महान शख्सियतों के नाम के शुरुआती वर्तनी से पड़ा है. Pra प्रशान्त चन्द्र महालनोबिस जो भारत के एक मैथमेटिशियन (सांख्यिकीविद) और साइंटिस्ट रहे. प्रशान्त चन्द्र भारत में इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट (ISI) की शुरुआत के लिए जाने जाते हैं. बाद के दिनों इन्होंने प्लानिंग कमीशन जो अब नीति आयोग के नाम से जाना जाता है उससे जुड़े. प्रशान्त चन्द्र दूसरे पंचवर्षीय योजना के मसौदे के कारण भी जाने जाते हैं. प्रशांत चन्द्र भारत में स्टैटिसटिक्स के जनक कहे जाते हैं. और दूसरा नाम है होमी जहांगीर भाभा का जिन्हें भारत में न्यूक्लियर प्रोग्राम के जनक कहा जाता है. भारत में कम्प्यूटिंग डिवाइस तैयार करने की पहल करने वाले दोनों ही शख्सियतों को आज के दौर में उनके सराहनीय प्रयास के लिए बहुत कम ही लोग जानते हैं. साल 1953 में मैथमेटिशियन प्रशांत ने भारत के पहले एनालॉग इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर को बेकार पड़ी चीज़ों से तैयार किया था. भाभा ने 1959 में डिजिटल कंप्यूटर लेकर आए और उनके इस खोज को 1960 से इस्तेमाल किया जा रहा है. इन्हीं दोनों शख्सियतों के नामों को जोड़कर सैलीजियोन टेक्नोलॉजी ने अपने कंप्यूटर को प्राहो नाम दिया है.

कहां और कैसे मिलेगा सैलीजियोन का प्राहो कंप्यूटर

प्राहो कंप्यूटर प्री-बुकिंग जारी है. सैलीजियोन टेक्नोलॉजी (Selligion Technology) कंपनी का ये प्रोडक्ट ऑर्डर करने के लिए आपको आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. याद रहे यह कंप्यूटर बच्चों के इस्तेमाल के लिए बनाया गया है. ऐसे में जब आप ऑर्डर करेंगे तो कंपनी की तरफ से फोन कॉल भी आ सकता है और दिए गए आर्डर की पुष्टि के लिए आप से जानकारी लिया जा सकता है कि क्या आप प्राहो कंप्यूटर अपने बच्चे के इस्तेमाल के लिए खरीद रहे हैं. ये बात कंपनी की सीओओ सेनगुप्ता ने बताया है.

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First published on: 21-11-2022 at 22:11 IST

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