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  1. सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल रोकने की कवायद, IT नियमों में संशोधन की योजना

सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल रोकने की कवायद, IT नियमों में संशोधन की योजना

IT मंत्रालय के अधिकारियों की पिछले सप्ताह गूगल, फेसबुक, व्हॉट्सएप, ट्विटर और अन्य कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी.

December 24, 2018 8:11 PM
IT ministry plans to amend rules to make social media platforms accountableसंशोधन के ड्राफ्ट के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और मैसेंजर सर्विस देने वाले एप्स को ऐसे ‘व्यवस्था’ करनी होगी, जिससे गैरकानूनी कंटेंट की पहचान हो सके और उन पर अंकुश लगाया जा सके. (Reuters)

सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए सरकार सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों में संशोधन की योजना बना रही है. संशोधन के ड्राफ्ट के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और मैसेंजर सर्विस देने वाले एप्स को ऐसे ‘व्यवस्था’ करनी होगी, जिससे गैरकानूनी कंटेंट की पहचान हो सके और उन पर अंकुश लगाया जा सके. साथ ही इसके तहत उन्हें अपनी जांच पड़ताल की व्यवस्था सख्त करनी होगी.

आईटी मंत्रालय के अधिकारियों की पिछले सप्ताह गूगल, फेसबुक, व्हॉट्सएप, ट्विटर और अन्य कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी, जिसमें आईटी नियमों में बदलाव के प्रस्तावों पर विचार किया गया.

इस कदम के पीछे वजह

व्हॉट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अफवाहें फैलने के बाद भीड़ के आक्रमण में कुछ लोगों के मारे जाने की घटनाओं के बाद सरकार इस तरह के प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल को रोकने के तरीकों पर विचार कर रही है. साथ ही यह विचार भी है कि सोशल मीडिया पर 2019 के आम चुनाव से पहले किसी तरह के फर्जी संदेशों के प्रसार को रोकने के उपाय ठोस किए जाएं.

ये भी उठाया है कदम

संशोधन के वृहद प्रभाव को लेकर कुछ हलकों से चिंता जताए जाने के बाद सरकार ने सोमवार को कहा कि वह अभिव्यक्ति की आजादी और अपने नागरिकों की निजता को लेकर प्रतिबद्ध है. सरकार ने पिछले सप्ताह दस केंद्रीय एजेंसियों को किसी भी कंप्यूटर के डाटा को मार्ग में पकड़ने के लिए अधिकृत किया है. विपक्ष ने इसको लेकर काफी हंगामा किया.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को उठाने होंगे ये कदम

आईटी नियमों में प्रस्तावित संशोधन के मसौदे के अनुसार गैरकानूनी कंटेंट की पहचान और उसे बेकार करने के लिए आटोमेटेड टूल्स लगाए जाएंगे. आईटी मंत्रालय की वेबसाइट पर डाले गए मसौदे में कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को प्रौद्योगिकी आधारित आॅटोमेटेड उपकरण या उचित व्यवस्था करनी होगी, जिस पर उचित नियंत्रण हो. ऐसा इसलिए ताकि प्रो—एक्टिव तरीके से गैरकानूनी कंटेंट को रोका जा सके.

एक अन्य बदलाव का भी प्रस्ताव किया गया है. इसके तहत ऐसे प्लेटफॉर्म्स को अपने यूजर्स को सूचित करना होगा कि वे किसी तरह की ईशनिंदा, अश्लील, अपमानजनक, नफरत फैलाने वाले या जातीय दृष्टि से आपत्तिजनक कंटेंट को होस्ट, अपलोड करने और साझा करने से बचें.

15 जनवरी के बाद होगा अंतिम फैसला

आईटी मंत्रालय संशोधन के मसौदे पर 15 जनवरी तक सार्वजनिक टिप्पणियां लेगा और उसके बाद इस पर कोई अंतिम फैसला करेगा. इस बारे में गूगल, फेसबुक और व्हॉट्सएप को भेजे गए ई-मेल का जवाब नहीं मिला. सोमवार को जारी बयान में आईटी मंत्रालय ने कहा कि सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आने वाले कंटेंट का नियमन नहीं करती. हालांकि, इन कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल आतंकवाद, अतिवाद, हिंसा और अपराध के लिए भड़काने को लेकर नहीं किया जा सके.

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