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ब्याज पर टैक्स सेविंग: बैंक खाते से ज्यादा फायदेमंद है पोस्ट ऑफिस अकाउंट, क्या कहता है नियम?

हम सभी जानते हैं कि सेविंग्स अकाउंट से होने वाली पूरी ब्याज आय टैक्स के दायरे में नहीं आती है.

November 26, 2020 10:26 AM
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Income Tax Saving: हम सभी जानते हैं कि सेविंग्स अकाउंट से होने वाली पूरी ब्याज आय टैक्स के दायरे में नहीं आती है. इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80TTA के तहत 60 साल से कम उम्र के व्यक्ति या HUF के लिए बैंक/को-ऑपरेटिव सोसायटी/पोस्ट ऑफिस के बचत खाते से 10000 रुपये सालाना तक की ब्याज आय टैक्स फ्री है. वहीं 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के मामले में बचत खाते से एक वित्त वर्ष में हासिल होने वाला 50000 रुपये तक का ब्याज टैक्स फ्री है. ऐसा आयकर कानून के सेक्शन 80TTB के तहत है.

लेकिन बेहद कम लोग जानते होंगे कि आयकर कानून के एक सेक्शन के तहत पोस्ट ऑफिस में बचत खाता (Savings Account) रखने वालों को ब्याज आय में कुछ अतिरिक्त फायदा हासिल होता है. यह सेक्शन है 10(15)(i). दरअसल आयकर कानून के सेक्शन 10(15)(i) के तहत पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट से होने वाली ब्याज आय एक तय लिमिट तक आयकर से छूट प्राप्त यानी एग्जेंप्ट है. यह एग्जेंप्शन पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट के एकल खाताधारक के मामले में 3500 रुपये तक की सालाना ब्याज आय और खाता ज्वॉइंट में होने पर 7000 रुपये तक की ब्याज आय पर लागू है.

पोस्ट ऑफिस: करदाता को डबल फायदा

सीए योगेश अग्रवाल का कहना है कि गौर करने वाली बात यह है कि सेक्शन 10(15)(i) टैक्स देनदारी से एग्जेंप्शन उपलब्ध कराता है, वहीं सेक्शन 80TTA और 80TTB टैक्सेबल इनकम से डिडक्शन उपलब्ध कराते हैं. हालांकि करदाता एक ही साल में सेक्शन 10(15)(i) और सेक्शन 80TTA/80TTB दोनों का टैक्स बेनिफिट हासिल कर सकता है.

यानी पोस्ट ऑफिस बचत खाते से कुल सालाना ब्याज आय पर पहले तो करदाता सेक्शन 10(15)(i) के तहत 3500/7000 रुपये तक का एग्जेंप्शन क्लेम कर सकता है. उसके बाद बची हुई ब्याज आय पर सेक्शन 80TTA/80TTB के तहत 10000/50000 रुपये तक का टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकता है.

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बैंक खाते से कैसे ज्यादा फायदा

अगर बैंक में सेविंग्स अकाउंट है तो उससे होने वाली सालाना ब्याज आय पर करदाता केवल सेक्शन 80TTA/80TTB के तहत 10000/50000 रुपये तक का ही टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकेगा. वहीं अगर पोस्ट ऑफिस में सेविंग्स अकाउंट है तो करदाता ब्याज आय पर सेक्शन 10(15)(i) और सेक्शन 80TTA/80TTB को मिलाकर सिंगल खाते पर 13500 रु/53500 रु और ज्वॉइंट खाते पर 17000 रु/57000 रु तक का टैक्स बेनिफिट हासिल कर सकता है.

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