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हर चीज EMI पर खरीदने की आदत पड़ेगी भारी, ऐसे पा सकते हैं छुटकारा

आज के दौर में EMI पर चीजें खरीदना काफी ट्रेंड में है. महंगी चीजों के लिए एकमुश्त रकम न होने पर लोग इंस्टॉलमेंट में पेमेंट कर लेते हैं.

May 29, 2019 8:46 AM

Why you should not buy everything on EMI

आज के दौर में EMI पर चीजें खरीदना काफी ट्रेंड में है. महंगी चीजों के लिए एकमुश्त रकम न होने पर लोग इंस्टॉलमेंट में पेमेंट कर लेते हैं. ऐसा कभी-कभी तो ठीक है लेकिन हर बार महंगी चीज खरीदना और EMI में पेमेंट करना नुकसानदायक भी हो सकता है.

इसे एक उदाहरण से समझें. अर्जुन गैजेट का शौकीन इंसान है और जब भी कोई नया फोन या अपग्रेडेड वर्जन मार्केट में आता है तो वह खरीद लेता है. वह नए फोन खरीदने का शौकीन तो है लेकिन उसके पास इसके लिए पर्याप्त फंड नहीं होता है. लिहाजा उसने इस शौक को पूरा करने के लिए 12 महीने के लिए EMI विकल्प चुना. ऐसे में अर्जुन यह नहीं समझ पा रहा है कि EMI पर फोन खरीदने से उसे 50000 रुपये के फोन पर 4000 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे हैं.

अगर आप भी हर चीज EMI पर चीजें खरीदने की आदत रखते हैं तो इसे बदलने में ये कुछ स्टेप्स काम आ सकते हैं…

खर्च करने से पहले करें बचत

अगर आप अपने खर्च करने के तौर-तरीकों से अच्छी तरह वाकिफ हैं तो इसके लिए पहले से ही प्लान कर लें और एक अलग फंड बनाएं. इस फंड में जमा करने के लिए SIP का सहारा भी लिया जा सकता है. इस तरीके से आप उस जमा पर अतिरिक्त ब्याज भी कमा सकते हैं और अपने खर्चों के लिए पर्याप्त जमा भी कर सकते हैं.

बजट, खर्च और सेविंग में बनाएं बैलेंस

कई लोगों के लिए EMI एक जाल भी हो सकती है क्योंकि वे पहले से अपने खर्चों की पहचान नहीं कर पाते हैं. अगर आपने पहले से खर्चों को लेकर कोई प्लान नहीं बनाया है तो आप नहीं जान पाएंगे कि पैसा कहां जा रहा है. इसका हल है कि आप बजट, खर्च और सेविंग में बैलेंस बनाएं. इसके लिए टैक्स काटने के बाद बची इनकम का 50 फीसदी खर्चों या जरूरतों के लिए, 30 फीसदी इच्छाओं के लिए और 20 फीसदी सेविंग्स के लिए रखा जाए. यह ध्यान रहे कि इनकम का बंटवारा आपके मौजूदा वित्तीय परिदृश्य पर निर्भर करेगा.

क्रेडिट कार्ड का करते हैं इस्तेमाल तो…

अगर आप क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं अच्छा होगा कि आप अपने खर्चों को सही तरीके से कैटेगराइज करें और इन्हें क्रेडिट कार्ड व इनकम सोर्स के बीच में बांटें. इससे सभी खर्चों का रिकॉर्ड रखने में मदद मिल सकती है. यह तरीका इनकम का सिंगल सोर्स होने पर काफी काम का है.

(यह आर्टिकल Edelweiss के पर्सनल वेल्थ एडवायजरी हेड राहुल जैन का है.)

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