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FD से ऊंचा रिटर्न दे रहे हैं बैंकिंग एंड PSU फंड, अभी निवेशकों को क्यों करना चाहिए निवेश?

Banking & PSU Fund: पिछले 1 साल की बात करें तो बैंकिंग और पीएसयू फंड रिटर्न देने के मामले में टॉप सेग्मेंट में शामिल है.

October 2, 2020 8:16 AM
Mutual FundBanking & PSU Fund: पिछले 1 साल की बात करें तो बैंकिंग और पीएसयू फंड रिटर्न देने के मामले में टॉप सेग्मेंट में शामिल है.

Banking & PSU Fund: पिछले 1 साल की बात करें तो इक्विटी और डेट दोनों ही कटेगिरी में बैंकिंग और पीएसयू फंड रिटर्न देने के मामले में टॉप सेग्मेंट में शामिल है. 1 साल के दौरान इस कटेगिरी ने 9.68 फीसदी रिटर्न दिया है. इस सेग्मेंट में कई स्कीम हैं, जिनका रिटर्न शॉर्ट टर्म बैंक एफडी की तुलना में दोगुना और 5 साल की एफडी की तुलना में 3 फीसदी से भी ज्यादा रहा है. बैंकिंग एंड पीएसयू फंड डेट फंड की एक खास कटेगिरी है. सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इन फंड का आकर्षण क्यों बढ़ रहा है. निवेशकों का भरोसा इन पर क्यों बढ़ा है. क्या आगे भी इनमें निवेश करना चाहिए. हम यहां इसके लिए 4 फैक्टर बता रहे हैं…..

1. सुरक्षित निवेश

असल में सेबी के नियमों के अनुसार, इन फंडों को अपने कुल एसेट का कम से कम 80 फीसदी बैंकों, सार्वजनिक उपक्रमों, सरकारी वित्‍तीय संस्‍थानों के डेट इंस्‍ट्रूमेंट में निवेश करना जरूरी है. इन्हें बैंक, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) और पब्लिक फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस (PFI) द्वारा जारी किया जाता है. इनमें से ज्‍यादातर संस्‍थानों का स्‍वामित्‍व सरकार के हाथों में है. इसलिए इनवेस्‍टमेंट एक्‍सपर्ट्स इसे सुरक्षित निवेश मानते हैं.

2. डेट में सतर्क हैं निवेशक

बैंकिंग और PSU फंडों का आकर्षण बढ़ने के पीछे वजह है. पिछले कुछ महीनों की बात करें तो डेट सेग्मेंट के लिए निगेटिव खबरें आई हैं. कई स्कीम में डिफॉल्‍ट रहा तो कई की रेटिंग घट गई. वहीं, हाल ही में फ्रैंकलिन टेम्‍पलटन की घटना ने निवेशकों को और सतर्क कर दिया है. ऐसी स्थिति में डेट कटेगिरी में बैंकिंग एंड पीएसयू फंड आकर्षक हुए हैं.

3. एक्सपेंस रेश्यो कम, FD से अच्छा रिटर्न

ये फंड अधिक लिक्विडिटी वाले इंस्ट्रूमेंट में पैसा लगाते हैं. इन इंस्ट्रूमेंट की मेच्योरिटी की औसत अवध‍ि कम होती है. खास बात है कि इन स्कीम में बेहद पॉपुलर निवेया माने जाने वाले एफढी की तुलना में अचछा रिटर्न मिल रहा है. यह शॉर्ट टर्म में दोगुना और 5 साल की एफढडी की तुलना में 2.5 से 3 फीसदी तक ज्यादा है. सबसे अच्छी बात है कि इनका एक्सपेंस रेश्यो भी कम होता है.

4. ब्याज दरों से जुड़ा है रिटर्न

ब्याज दरें अगर कम होती है तो इन फंडों का रिटर्न बढ़ जाता है. इस वित्त वर्ष दरों में और कटौती संभव है. वहीं ये स्कीम काफी लिक्विड होती हैं. ये स्कीम दूसरी डेट स्कीम के मुकाबले कम रिस्क वाली होती हैं क्योंकि ये हाई रेटिंग वाले इंस्ट्रूमेंट में निवेश करती हैं. हालांकि ये पूरी तरह से रिस्क फ्री नहीं होती हैं.

ABSL बैंकिंग एंड पीएसयू डेट फंड

5 साल का रिटर्न: 9.07 फीसदी
5 साल में 1 लाख की वैल्यू: 1.54 लाख
मिनिमम इन्वेस्टमेंट: 1000 रुपये
एसेट्स: 13,519 करोड़ (31 अगस्त, 2020)
एक्सपेंस रेश्यो: 0.35% (31 अगस्त, 2020)

कोटक बैंकिंग एंड PSU डेट फंड

5 साल का रिटर्न: 9.00 फीसदी
5 साल में 1 लाख की वैल्यू: 1.54 लाख
मिनिमम इन्वेस्टमेंट: 5000 रुपये
एसेट्स: 9132 करोड़ (31 अगस्त, 2020)
एक्सपेंस रेश्यो: 0.29% (31 अगस्त, 2020)

HDFC बैंकिंग एंड PSU फंड

5 साल का रिटर्न: 8.97 फीसदी
5 साल में 1 लाख की वैल्यू: 1.54 लाख
मिनिमम इन्वेस्टमेंट: 5000 रुपये
एसेट्स: 8173 करोड़ (31 अगस्त, 2020)
एक्सपेंस रेश्यो: 0.36% (31 अगस्त, 2020)

निप्पॉन इंडिया बैंकिंग एंड PSU फंड

5 साल का रिटर्न: 8.96 फीसदी
5 साल में 1 लाख की वैल्यू: 1.54 लाख
मिनिमम इन्वेस्टमेंट: 5000 रुपये
एसेट्स: 5410 करोड़ (31 अगस्त, 2020)
एक्सपेंस रेश्यो: 0.31% (31 अगस्त, 2020)

(Sourve: value Research)

(बीएनपी फिनकैप कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर एके निगम से भी बात चीत पर आधारित)

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