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भविष्य में रुपये-पैसों की ना हो टेंशन, तो करें निवेश की सही प्लानिंग; समझें बैलेंस्ड फंड क्यों हो सकता है बेहतर

Balances Advantage Fund: बैलेंस्ड एडवांटेज फंड ऐसे निवेशकों के लिए भी बेहतर विकल्प है जो युवा हैं और निवेश पर रिस्क नहीं लेना चाहते हैं.

Updated: Feb 04, 2021 12:07 PM
Balances Advantage FundBalances Advantage Fund: बैलेंस्ड एडवांटेज फंड ऐसे निवेशकों के लिए भी बेहतर विकल्प है जो युवा हैं और निवेश पर रिस्क नहीं लेना चाहते हैं.

Financial Planning: भारतीय अर्थव्यवस्था उम्मीद से भी ज्यादा तेजी से सुधर रही है. ईंधन और बिजली की ज्यादा खपत, मालभाड़ा स्थ‍िर होने या उसमें बढ़त और ‍मध्यम एवं भारी वाणि‍ज्य‍ि‍क वाहनों (MH&CV) की बिक्री में सुधार इसका प्रमाण है. इसके अलावा सुधरे हुए आर्थ‍िक आंकड़ों के साथ कॉरपोरट जगत ने लॉकडाउन की अवधि‍ से बेहतर तरीके से वापसी की है. मार्जिन के विस्तार के साथ ही उनकी बिक्री बढ़ी है और कम बेस होने की वजह से आगे भी कमाई में चौंकाने वाले आंकड़े दिख सकते हैं. वैश्विक स्तर पर ब्याज दरें बहुत कम होने और केंद्रीय बैंकों द्वारा नोटों की छपाई से आगे भी FII का निवेश मजबूत बना रहेगा, क्योंकि उन्हें बेहतर रिटर्न चाहिए. इस तरह लगातार आ रही नकदी, मजबूत आर्थ‍िक आंकड़े और कॉरपोरेट का बेहतर मुनाफा बाजारों में तेजी बनाए रखेगा. लेकिन महंगाई एक बउ़ा जोखिम हो सकता है.

कोरोना वायरस महामारी असं‍गठित क्षेत्र पर भारी पड़ा है, जिसकी पूरी इंडस्ट्री के हर वैल्यू चेन में कुछ न कुछ भूमिका होती है. सप्लाई में रुकावट आई है, क्योंकि असंगठित क्षेत्र में कई कारोबार में मंदी आने से असर पड़ा है. मांग के साथ तालमेल बना पाने की आपूर्ति चेन की अक्षमता से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है. क्योंकि कमजोर वैश्विक आर्थ‍िक परिदृश्य को देखते हुए केंद्रीय बैंक ज्यादा सक्रियता दिखाने की जगह आदर्श रूप में ब्याज दरें बढ़ाने में हिचक दिखा सकते हैं.

बैलेंस्ड एडवांटेज फंड निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प

ऐसे में बैलेंस्ड एडवांटेज फंड निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प दिख रहा है. यह एक ऐसा फंड है जो इक्विटी और डेट के सेगमेंट में बैलेंस तरीके से अलोकेशन को मैनेज करता है. यह लॉन्ग टर्म में दौलत बनाने के लिए ‘निचले स्तर पर खरीदो और ऊंचे स्तर पर बेचो’ मॉडल को अपनाता है. मॉडल आधारित रवैया अपनाने से निवेश को स्वाभाविक तरीके से ही और टैक्स बचत करते हुए इक्विटी और निश्चित आय के बीच पुनर्संतुलित करने में मदद मिलती है. इसमें निवेशकों को भी खुद निगरानी रखने की जरूरत नहीं पड़ती.

आमतौर पर इक्विटी फंड जैसी दूसरी म्यूचुअल फंड श्रेणि‍यों में बदलते आर्थ‍िक हालात के मुताबिक एसेट के आवंटन में बदलाव होता रहता है. लेकिन बैलेंस्ड एडवांटेज फंड अपने तय रास्ते का पालन करते हैं और निवेश लक्ष्य में निर्धारित सीमा से परे नहीं जाते. एक बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में निवेश करते समय किसी निवेशक को जोखि‍म, रिटर्न, लागत, निवेश सीमा, वित्तीय लक्ष्य, रिटर्न पर टैक्स आदि का ध्यान रखना चाहिए.

बैलेंस्ड एडवांटेज फंडो के फायदे

1. बैलेंस्ड एडवांटेज फंड द्वारा अपनाया गया एसेट अलोकेशन मॉडल प्रति चक्रीय प्रकृति का होता है. जब बाजार चढ़ता है तो यह इक्विटी में निवेश घटा लेता है और इसके विपरीत होने पर ऐसी ही प्रतिक्रिया होती है. ऐसे फंड के एसेट इक्व‍िटी और डेट के बीच सक्रियता से मैनेज किए जाते हैं. लेकिन निवेशक को इस फंड के द्वारा कम भाव पर खरीद और भाव ऊंचा होने पर बिक्री का लाभ मिलता है.

2. यह किसी व्यक्ति की एसेट आवंटन जरूरतों का ध्यान रखता है.

3. बच्चों की शिक्षा, शादी या रिटायरमेंट जरूरतों जैसे दीर्घकालिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निवेशक किसी बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में निवेश के लिए SIP विकल्प का भी चुनाव कर सकते हैं.

प्रोफेशनल्स और उद्यमियों की उभरती पीढ़ी के लिए ये फंड आदर्श हैं, जो किसी परंपरागत करियर से बंधे नहीं रहना चाहते हैं. यह ऐसे लोगों के लिए भी बेहतर हैं जो युवा हैं और वे परंपरागत रवैया नहीं अपनाना चाहते और न ही यह चाहते हैं कि उनके निवेश निधि‍ पर किसी तरह का जोखि‍म हो. ऐसे निवेशक जो अपने रिटर्न को ज्यादा से ज्यादा करने के लिए अपने निवेश को सक्रियता से प्रबंधन के बारे में स्मार्ट तरीका पसंद करते हैं. ऐसे निवेशकों के लिए जो कि टैक्स बचत वाले निवेश की तलाश में हैं.

रिटायरमेंट लक्ष्य के लिए

एसेट आवंटन: इसमें एसेट आवंटन की अपनी खूबी होती है. यह कुछ ऐसा होता है, जो कि आपके निवेश को अच्छा नतीजा दिलाने में समय नहीं लगाता और यह एक ऐसी श्रेणी होती है, जिसमें यह गुण स्वाभाविक तरीके से होता है.

अनुशासन: यह निवेशकों के अंदर अनुशासन की भावना विकसित करता है. आपको बाजार के ऊंचे और नीचे के चक्र में अपने एसेट का आवंटन करना होता है. इसमें इक्विटी और फिक्स्ड इनकम आवंटन स्वाभाविक तरीके से रीसेट होता रहता है और इस तरह से अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलती है.

उतार चढ़ाव से सुरक्षा: ऐसे निवेशक जो कम उतार-चढ़ाव चाहते हैं, अक्सर बैलेंस्ड फंड का चुनाव करते हैं. क्योंकि किसी पोर्टफोलियो के लिए बॉन्ड आवंटन से आमदनी कराते हैं. बॉन्ड ज्यादा स्थायी रिटर्न प्रदान करते हैं और आमतौर पर शेयरों जैसे ज्यादा उतार-चढ़ाव का सामना नहीं करते.

बेहतर रिटर्न: बैलेंस्ड एडवांटेज फंड प्रति यूनिट जोखि‍म (जो कि आप किसी निवेश में ले रहे हैं) बेहतर रिटर्न हासिल करने में आपकी मदद करते हैं. चूंकि एक निवेशक के रूप में हमारे पास इतना समय नहीं होता कि हम बाजारों पर नजर रखें, बैलेंस्ड एडवांटेज फंड हमें प्रति यूनिट जोखि‍म बेहतर रिटर्न दिलाने में मदद करता है.

इक्विटी जैसा टैक्स बेनिफिट: निवेशक किसी एक इक्विटी फंड में या एक फिक्स्ड इनकम साधन में निवेश करे और कभी इसमें निवेश करे या बाहर जाए, ऐसे करने से बेहतर है कि बैलेंस्ड एडवांटेज फंड को चुनें जो कि टैक्स बचत भी करता है. यह एक ऐसी श्रेणी है जो कि इस तरह से डिजाइन की गई है ताकि इक्विटी फंडों जैसा ही टैक्स फायदा मिले.

(लेखक: अनिरुद्ध साहा, सीनियर फंड मैनेजर (इक्विटीज), PGIM इंडिया म्यूचुअल फंड. यह लेखक के निजी विचार हैं.)

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