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Home Loan vs Land Loan: दोनों में क्या अंतर है?

Home Loan और Land Loan, बैंकों और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC) द्वारा 21 साल से ज्यादा उम्र के सभी भारतीय निवासियों को दिया जाता है.

August 3, 2018 3:31 PM
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एक मकान खरीदने के लिए और एक जमीन लेने के लिए लिया जाने वाला लोन काफी हद तक एक अन्य होम लोन लेने के समान लग सकता है लेकिन ऐसा नहीं है. लैंड लोन और होम लोन में काफी समानताएं हैं लेकिन उनमें कुछ मौलिक अंतर भी हैं.

चलिए पता करते हैं कि दोनों में क्या अंतर है और आपके लिए कौन सा लोन सही है.

Home Loan vs Land Loan

लैंड और होम दोनों तरह के लोन, बैंकों और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC) द्वारा 21 साल से ज्यादा उम्र के सभी भारतीय निवासियों को दिया जाता है. कुछ बैंक, गैर निवासी भारतीयों (NRI) को भी लैंड लोन देते हैं यदि उस जमीन को एक मकान बनाने के लिए खरीदा जा रहा हो. जबकि एक होम लोन, एक मकान खरीदने के लिए एक बैंक या एक NBFC द्वारा दिया जाता है जो बन चुका हो, या बन रहा हो, या जिसे निकट भविष्य में बनाने की मंजूरी मिली हो, लेकिन लैंड लोन के लिए व्यक्ति को यह सुनिश्चित करना पड़ता है कि आप जो जमीन का टुकड़ा खरीदना चाहते हैं वह एक आवासीय जमीन है. इसके अलावा, जबकि होम लोन, प्रॉपर्टी के लोकेशन और आकार की परवाह किए बिना हर तरह की मंजूर प्रॉपर्टी पर
मिल जाता है, लेकिन लैंड लोन के कुछ नियम हैं जो निम्नलिखित हैं:

  • जमीन का इस्तेमाल भविष्य में आवासीय उद्देश्य के लिए करना पड़ता है
  • यह एक नॉन-एग्रीकल्चरल और नॉन-कमर्शियल प्रॉपर्टी होनी चाहिए
  • इसे म्युनिसिपल/कॉर्पोरेशन के सीमा क्षेत्र में स्थित होना चाहिए
  • यह किसी इंडस्ट्रियल इलाके में या गाँव में स्थित नहीं होना चाहिए

लैंड लोन के लिए कम LTV

लोन टू वैल्यू (LTV), किसी प्रॉपर्टी के आधार पर मिल सकने वाले लोन का परिमाण है. एक व्यक्ति को एक होम लोन में 80-85% (कुछ मामलों में 90%) तक फंडिंग मिल सकती है. लेकिन एक लैंड लोन के लिए, अधिकतम LTV, काफी हद तक प्लॉट वैल्यू के 70% तक सीमित होता है. इसलिए यदि आप पर्सनल काम के लिए या एक निवेश के रूप में एक प्लॉट खरीदने पर विचार कर रहे हैं तो आपको अपनी जेब से कम से कम 30% पैसे देने पड़ेंगे. यदि प्रॉपर्टी, किसी छोटे शहर या कस्बे में स्थित है तो लैंड लोन के लिए अधिकतम लोन टू वैल्यू (LTV) अनुपात थोड़ा कम हो सकता है जो आम तौर पर प्लॉट की कुल लागत का लगभग 50%-60% होता है.

ब्याज दर

लोन कंपनियों द्वारा होम लोन और लैंड लोन पर लिया जाने वाला ब्याज एक समान होता है. लेकिन, होम लोन की ब्याज दरें, आम तौर पर लैंड लोन से कुछ बेसिस पॉइंट्स (100 बेसिस पॉइंट्स = 1%) सस्ती होती हैं. उधारकर्ता की प्रोफाइल के आधार पर इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है। इसके अलावा, दोनों तरह के लोन पर अतिरिक्त प्रोसेसिंग फीस ली जाती है.

लोन की अवधि

होम लोन की अवधि, लैंड लोन की तुलना में थोड़ी अधिक होती है. आम तौर पर, होम लोन की अवधि 30 साल तक की हो सकती है लेकिन एक लैंड लोन की अधिकतम अवधि 15 साल की होती है. कुछ NBFC, लैंड लोन के लिए 20 साल की अवधि प्रदान कर सकती हैं.

टैक्स कटौती

यह एक लैंड लोन लेने वाले व्यक्ति के लिए सबसे बड़ा नुकसान है और यह लोन एक मकान बनाने के लिए मिलने के बावजूद, आपको इस लोन को चुकाने के लिए किए जाने वाले पेमेंट के लिए इनकम टैक्स की कटौती का लाभ उठाने की सुविधा नहीं मिलती है. लेकिन, यदि आप खरीदी गई जमीन पर घर बनाने का काम शुरू करते हैं तो आप लोन के उस हिस्से के लिए टैक्स कटौती का लाभ उठाने के हक़दार बन जाते हैं. लोन के जिस हिस्से का इस्तेमाल घर बनाने के लिए किया जाता है उसका इस्तेमाल टैक्स कटौती के लिए किया जा सकता है. यह कटौती सिर्फ उस साल से मिलती है जिस साल में घर बनाने का काम पूरा हो जाता है. इसके विपरीत, एक व्यक्ति, होम लोन के लिए दिए जाने वाले ब्याज पर कटौती के लिए क्लेम कर सकता है. कुल मिलाकर, लैंड लोन के लिए डॉक्यूमेंट्स का लीगल वेरिफिकेशन, होम लोन की तुलना में काफी अधिक सख्त है, इसलिए लैंड लोन लेते समय लीगल हेल्प जरूर लें.

इसके लेखक बैंक बाज़ार के सीईओ आदिल शेट्टी हैं.

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