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Tax Saving Bond: क्या होते हैं टैक्स सेविंग्स बांड, PM मोदी ने भी किया है निवेश

PM Modi/Tax Saving Bond: पीएम मोदी ने टेक्स सेविंग्स बांड में करीब 20 हजार रुपये निवेश किए हैं.

October 17, 2020 7:32 AM
Tax Saving BondPM Modi/Tax Saving Bond: पीएम मोदी ने टेक्स सेविंग्स बांड में करीब 20 हजार रुपये निवेश किए हैं.

PM Modi/Tax Saving Bond: पीएम मोदी ने टैक्स सेविंग्स बांड में करीब 20 हजार रुपये निवेश किए हैं. उन्होंने L&T इंफ्रास्ट्रक्चर बांड (टैक्स सेविंग) में अपना पैसा लगाया हुआ है. इसके अलावा बचत खाते, FD और NSC में भी उनका निवेश है. फिलहाल टैक्स सेविंग बांड भी निवेश के लिए एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है. इसमें सिथर लेकिन सुरक्षित रिटर्न मिलता है. यह उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प है, जो बहुत कम रिस्क के साथ बाजार से FD या RD जैसे विकल्पों से कुछ बेहतर रिटर्न चाहते हैं. इसमें जमा पैसे पर जहां आप टैक्स बेनेफिट ले सकते हें, वहीं लंबी अवधि में आपका पैसा भी बढ़ता जाता है.

टैक्स फ्री बांड से अलग

आपके पास निवेश के विकल्पों में बांड भी शामिल हैं. शेयर बाजार में सीधे पैसा लगाने की बजाए बांड में निवेश करना सुरक्षित माना जाता है. बांड की 2 पॉपुलर कटेगिरी में टैक्स फ्री बांड्स और टैक्स सेविंग बांड्स हैं. बहुत से लोग इन्हें एक समझ लेते हैं, लेकिन ये दोनों ही अलग हैं.

टैक्स सेविंग बांड के मामले में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80CCF के तहत टैक्स बेनेफिट मूल राशि पर मिलता है, जो इन बांडों में निवेश की जाती है. इसके तहत निवेशक को 20,000 रुपये तक के निवेश पर टैक्स डिडक्शन का लाभ मिलता है. इसलिए एक वित्त वर्ष में टैक्स पेयर्स अपनी कुल टैक्स योग्य इनकम में से 20,000 रुपये कम कर सकता है.

दूसरी ओर टैक्स फ्री बांड्स में होने वाली ब्याज इनकम पूरी तरह टैक्स फ्री होती है. इन बांड में निवेश पर मिलने वाली इनकम पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होता, जबकि टैक्स सेविंग बांड के ब्याज पर टैक्स लगता है.

टैक्स सेविंग बांड: लॉक इन पीरियड

टैक्स सेविंग बांड पर लॉक इन पीरियड अमूमन कम से कम 5 साल का होता है. वहीं, कुछ पर इससे ज्यादा लॉक इन पीरियड होता है. साफ है कि यह मिड टर्म से लांग टर्म इन्वेस्टमेंट को प्रोत्साहित करता है.

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किसके लिए बेहतर

टैक्स फ्री बांड को उन निवेशकों के लिए बेहतर माना जाता है, जो बाजार में ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते हैं. यह कंजर्वेटिव निवेशकों के निलए बेहतर है, जिन्हें कम रिस्क पर सुरक्षित रिटर्न मिलता है. हालांकि इसमें टैक्स फ्री बांड की तुलना में रिटर्न कुछ होता है. इसका फायदा यह है कि इनकी पेपर क्वालिटी और रेटिंग दूसरे बांड के मुकाबले बेहतर होती है. इन पर स्थिर लेकिन सुरक्षित रिटर्न मिलता है.

बेहतर लिक्विडिटी

टैक्स सेविंग बॉन्ड के मामले में आपको अधिक लिक्विडिटी मिलती है. आप इन्हें दाम बढ़ने पर बेच सकते हैं, क्योंकि ये एक्सचेंज पर ट्रेड करते हैं. टैक्स सेविंग बांड पर ब्याज दर सरकारी गवर्नमेंट सिक्योरिटीज की वर्तमान दरों पर आधारित होती है. वर्तमान में यह दर बैंक एफडी की तुलना में आकर्षक है.

फीचर्स: टैक्स सेविंग बांड

  • यह लो रिस्क इन्वेस्टमेंट विकल्प है. उनके लिए बेहतर जिन्होंने तुरंत निवेश करना शुरू किया है.
  • इसमें निवेशक कम्युलेटिव और नॉन कम्युलेटिव विकल्प चुने सकते हैं.
  • इसमें ब्याज दरें स्माल सेविंग्स स्कीम के मुकाबले आकर्षक होती हैं.
  • इसमें निवेश के लिए अधिकतम कोई सीमा नहीं निर्धारित है.
  • बांड की मेच्योरिटी पीरियड को आगे बढ़ाया जा सकता है.
  • एक्सचेंज पर ट्रेड होने से लिक्विडिटी का बेहतर विकल्प है.
  • 5 साल के लॉक इन पीरियड से रिटर्न बेहतर हो सकता है.
  • इसके जरिए एक वित्त वर्ष में 20 हजार रुपये तक टैक्स डिडक्शन का लाभ ले सकते हैं.
  • यह मिड से लांग टर्म निवेशकों के लिए अच्छा विकल्प है.

 

(नोट: बीएनपी फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम से बातचीत पर भी आधारित)

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