मुख्य समाचार:
  1. क्या है नो-कॉस्ट EMI? कस्टमर्स के लिए कितना है फायदेमंद, जानें पूरी डिटेल

क्या है नो-कॉस्ट EMI? कस्टमर्स के लिए कितना है फायदेमंद, जानें पूरी डिटेल

आजकल नो-कॉस्ट EMI आॅप्शन खासी चर्चा में आ चुका है.

October 27, 2018 11:49 AM
what is no cost emi and how does it workई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म या फिजिकल स्टोर्स में कई प्रोडक्ट्स को नो-कॉस्ट ईएमआई पर खरीदने का विकल्प रहता है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यह नो-कॉस्ट ईएमआई है क्या और नॉर्मल ईएमआई से कैसे अलग है.

जब कोई किसी प्रोडक्ट की खरीद के लिए एकमुश्त भुगतान नहीं कर पाता है तो कई कंपनियां और रिटेलर्स उसे EMI पर खरीदारी करने का आॅप्शन देते हैं. लेकिन आजकल एक नया नो-कॉस्ट EMI आॅप्शन भी खासी चर्चा में आ चुका है. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म या फिजिकल स्टोर्स में कई प्रोडक्ट्स को नो-कॉस्ट EMI पर खरीदने का विकल्प रहता है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यह नो-कॉस्ट EMI है क्या और नॉर्मल EMI से कैसे अलग है. आइए बताते हैं क्या है नो-कॉस्ट EMI और कैसे करती है काम-

क्या है नो-कॉस्ट EMI?

जब आप ईएमआई यानी किस्तों पर कोई प्रोडक्ट या सर्विस लेते हैं तो आपको एक तय अवधि तक समान अमाउंट एक तय वक्त पर देना होता है. साथ ही ब्याज भी लगता है. यह ब्याज EMI सुविधा लेने के एवज में देना होता है. यानी अगर आपने 12000 रुपये की चीज खरीदी है और इसे इसका पेमेंट EMI पर 3 महीने तक करना है तो आपको 4000 रुपये की किस्त प्लस ब्याज देना होगा.

वहीं, नो-कॉस्ट EMI में आपको केवल चीज का दाम ही EMI में चुकाना होता है और कोई ब्याज नहीं देना होता है. यानी अगर 12000 की चीज 3 माह तक दी जाने वाली EMI पर खरीदी है तो हर माह केवल 4000 रुपये का भुगतान करना होगा. यानी आपकी जेब से केवल 12000 रुपये ही जाएंगे.

कैसे करती है काम?

दरअसल नो-कॉस्ट EMI ग्राहकों को लुभाने का एक जरिया होता है. साधारण EMI में दिए जाने वाले ब्याज की तरह कंपनियां इसमें भी ब्याज काउंट कर लेती हैं. इसके दो तरीके होते हैं. पहला तरीका यह कि कंपनियां नो-कॉस्ट EMI का आॅप्शन देती हैं तो प्रोडक्ट के एकमुश्त पेमेंट पर डिस्काउंट देती हैं, वहीं नो-कॉस्ट EMI पर आपको प्रोडक्ट पूरी कीमत पर खरीदना होता है. दूसरा तरीका यह कि इंट्रेस्ट प्रोडक्ट कॉस्ट में ही शामिल कर दिया जाता है.

क्या है इसकी वजह?

नो-कॉस्ट EMI पर भी ब्याज लेने की वजह यह है कि RBI की ओर से जीरो परसेंट इंट्रेस्ट को परमीशन नहीं है.

(नोट: लेखक बैंक बाजार डॉट कॉम के सीईओ हैं.)

Go to Top