सर्वाधिक पढ़ी गईं

LTV रेश्यो से भी तय होता है लोन कितना मिलेगा, समझें कैसे होता है इसका कैलकुलेशन

लोन टू वैल्यू रेशियो से यह तय होता है कि लोन कितना मिलेगा.

December 10, 2020 7:56 AM
what is ltv ratio and how loan to value ratio affects home loan amount know here all the detailsकम एलटीवी रेशियो होने पर बेहतर ब्याज दर पर लोन मिलता है.

अपना घर लगभग हर किसी का सपना होता है. इसके लिए कुछ लोग जिंदगी भर पैसे जुटाते हैं और कुछ लोग बैंकों या किसी अन्य वित्तीय संस्थानों से लोन लेते हैं. हालांकि यह जरूरी नहीं है कि आपको उतना लोन मिल जाएगा, जितना आपको जरूरत है. बैंक या वित्तीय संस्थान कोई भी लोन आवेदन स्वीकृत करने से पहले कई बिंदुओं पर गौर करते हैं. इसमें न सिर्फ सालाना इनकम देखी जाती है बल्कि क्रेडिट स्कोर पर भी वित्तीय संस्थान गौर करते हैं. इसके अलावा एक और फैक्टर लोन टू वैल्यू (LTV) रेश्यो बहुत महत्वपूर्ण है, जो यह तय करता है कि लोन कितना मिलेगा. आइए जानते हैं कि एलटीवी क्या है और यह किस तरह लोन एप्लीकेशन को प्रभावित करता है.

यह भी पढ़ें- होम लोन लेते समय इन बातों का रखें ख्याल, EMI चुकाने में मिलेगी बड़ी राहत

एक फॉर्मूले से निकाला जाता है LTV Ratio

लोन टू वैल्यू या एलटीवी रेशियो निकालने के लिए एक खास फॉर्मूले का प्रयोग किया जाता है, (उधार लिया गया अमाउंट / प्रॉपर्टी की वैल्यू) X 100 = LTV रेश्यो . इसमें कर्ज देने वाले वित्तीय संस्थान यह तय करते हैं कि लोन अमाउंट के हिसाब से प्रॉपर्टी की वैल्यू क्या है. उदाहरण के लिए मान लें कि आपको 1 करोड़ का घर खरीदना है और एलटीवी रेशियो 70 फीसदी है तो बैंक अधिक से अधिक आपको 70 लाख रुपये का ही कर्ज दे सकती है.
एक और उदाहरण लेते हैं कि जैसे आप 30 लाख की प्रॉपर्टी के लिए 5 लाख का डाउनपेमेंट करते हैं और 25 लाख के लोन के लिए अप्लाई करते हैं तो इस केस में एलटीवी 83 फीसदी ((25 लाख/30 लाख)*100) होगा.

कम रेश्यो होने पर मिलता है बेहतर ब्याज दर पर लोन

इस रेशियो के आधार पर बैंक प्रापर्टी वैल्यू का लोन अमाउंट फिक्स करते हैं. इसके जरिए लेंडर्स यह सुनिश्चित करते हैं कि वे जिस प्रॉपर्टी के लिए कर्ज दे रहे हैं, उसकी कीमत लोन अमाउंट की तुलना में बहुत कम हो. यह कम होता है तो लेंडर्स से बेहतर ब्याज दर पर कर्ज मिल सकता है. इसके अलावा और भी नियमों में थोड़ी ढील मिलती है. ऊपर दिए गए उदाहरण से यह समझा जा सकता है कि डाउनपेमेंट अगर अधिक होता है तो कम लोन अमाउंट की जरूरत होगी जिससे एलटीवी रेशियो भी कम होगा और नतीजतन आप बैंक से ब्याज दर समेत अन्य शर्तों के लिए मोल-भाव कर सकते हैं.

LTV पर RBI की गाइडलाइन्स

केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एलटीवी को लेकर बैंकों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इसके मुताबिक 30 लाख या उससे कम के लिए अधिकतम एलटीवी रेश्यो 90 फीसदी तक हो सकता है. 30 लाख से 75 लाख रुपये तक के होम लोन के लिए 80 फीसदी एलटीवी रेश्यो होता है और 75 लाख से अधिक के होम लोन के लिए 75 फीसदी एलटीवी रेश्यो होता है. इस रेश्यो का मतलब हुआ कि अगर आप 75 लाख से अधिक की प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं तो बैंक से सिर्फ 75 फीसदी तक फाइनेंस हो सकता है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. निवेश-बचत
  3. LTV रेश्यो से भी तय होता है लोन कितना मिलेगा, समझें कैसे होता है इसका कैलकुलेशन

Go to Top