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इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो क्या है? इसे कैसे बनाते हैं? जानें डिटेल

अगर व्यक्ति के वित्तीय लक्ष्य साफ हैं, तो एक साधारण और प्रभावी पोर्टफोलियो बनाना संभव है.

April 10, 2021 4:33 PM
what is investment portfolio and how to build itअगर व्यक्ति के वित्तीय लक्ष्य साफ हैं, तो एक साधारण और प्रभावी पोर्टफोलियो बनाना संभव है.

इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो जटिल चीज नहीं है. अगर व्यक्ति के वित्तीय लक्ष्य साफ हैं, तो एक साधारण और प्रभावी पोर्टफोलियो बनाना संभव है. पोर्टफोलियो निवेश निवेशक के कुल निवेश किए गए एसेट्स को दिखाता है. अगर आप पहली बार निवेश शुरू कर रहे हैं, तो टर्म इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो डरावना लग सकता है. हालांकि, थोड़ी कोशिश और सही मार्गदर्शन के साथ, पूरी प्रक्रिया आसान की जा सकती है. वित्तीय सलाहाकार से सही मार्गदर्शन के साथ, निवेश की पूरी प्रक्रिया बेहतर हो सकती है.

इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो क्या है?

एक इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो एसेट्स का समूह है, जो निवेशक के पास हो सकता है. इसमें स्टॉक, बॉन्ड, रियल एस्टेट, गोल्ड आदि हैं. इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट एसेट्स को एक छत के नीचे वर्गीकृत करता है. उदाहरण के लिए, एक निवेशक के पास म्यूचुअल फंड में निवेश के अलावा प्रोविडेंट फंड में नियमित बचत हो सकती है. निवेश से जुड़े फैसले लेते समय इन अकाउंट्स को देखने की जरूरत है.

एक इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो को अच्छे तरीके से मैनेज करने का सबसे बेहतर तरीका इसके मैनेजमेंट को प्रोफेशनल फाइनेंशियल एडवायजर को सौंपना है.

जोखिम को देखना जरूरी

बहुत से लोग लापरवाही से निवेश करते हैं. उनके साफ निवेश के लक्ष्य नहीं हैं. यह गलत है. व्यक्ति को अपने पोर्टफोलियो को विकसित करते समय रिस्क टोलरेंस को जरूर देखना चाहिए. बहुत से लोगों के लिए यह एक अनजान कॉन्सेप्ट है, लेकिन पेशेवर वित्तीय सलाहाकार इसे निवेश के फैसले लेते समय एक महत्वपूर्ण फैक्टर मानते हैं. रिस्क टोलरेंस निवेशक को अस्थिरता से निपटने की समर्थता का आकलन करती है. उदाहरण के लिए, अगर व्यक्ति रिटायरमेंट के लिए निवेश कर रहा है, तो अस्थिरता सही नहीं है. बाजार छोटी अवधि में परेशान कर सकते हैं, लेकिन लंबी अवधि में मुनाफे और नुकसान सही स्तर पर आ जाते हैं.

एक बार जोखिम की पहचान होने पर, अगला कदम निवेश की पहचान करना है. अगर किसी व्यक्ति का गोल पांच साल दूर है, तो रिटर्न की स्थिरता को देखते हुए, डेट फंड में निवेश करना चाहिए. इसी तरह, कोई व्यक्ति युवा है, तो वह ज्यादा जोखिम वाले एसेट्स जैसे प्योर इक्विटी फंड्स में निवेश कर सकता है.

एक इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो बनाते समय, एसेट आवंटन पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण है. बहुत से निवेशक अपने जोश में छोटी अवधि के एसेट्स में सब कुछ निवेश कर देते हैं और अस्थिरता के दौरान घबराते हैं. यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि हर एसेट क्लास में कितना निवेश करना चाहिए.

(By Abhinav Angirish, Founder, Investonline.in)

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