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Income Tax का बोझ कर रहा है परेशान? तो इन 7 तरीकों से घटा सकते हैं अपनी आयकर की देनदारी

अगर आप हर साल टैक्स में राहत चाहते हैं, तो अभी से अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग को ध्यान में रखते हुए निवेश शुरू कर दें.

Updated: Oct 11, 2021 6:21 PM
7 sure shot ways for every taxpayer to reduce Income Tax liabilityइन सात तरीकों से आप टैक्स बेनिफिट का फायदा उठा सकते हैं.

Income Tax: इनकम टैक्स की देनदारी को कम कैसे किया जाए? अगर आप टैक्सपेयर हैं तो यह सवाल आपके मन में कभी ना कभी तो जरूर आया होगा. अगर आपके पास कर योग्य आय है तो इनकम टैक्स का भुगतान करने से बचने का कोई तरीका नहीं है. हालांकि आप सही प्लानिंग के ज़रिए टैक्स के बोझ कुछ कम जरूर कर सकते हैं. दिलचस्प बात यह है कि टैक्स सेविंग निवेश और खर्च से जुड़ी हुई है. इसका मतलब है कि आयकर नियम कुछ निवेशों और खर्चों पर करों के भुगतान से छूट की अनुमति देते हैं.

यहां हम आपको अपनी टैक्स देनदारी को कम करने के सात बढ़िया तरीकों के बारे में बता रहे हैं.

रिटायरमेंट प्लानिंग और बचत

अगर आप हर साल टैक्स में राहत चाहते हैं, तो अभी से अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग को ध्यान में रखते हुए निवेश शुरू कर दें. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आयकर नियम के अनुसार 1.5 लाख रुपये तक के कुछ निवेशों पर आप इनकम टैक्स छूट के हकदार हैं. इसका फायदा उठाने के लिए आप PPF, NPS, EPF, टैक्स सेविंग FD आदि जैसे स्कीम्स में निवेश कर सकते हैं. Tax2win.in के को-फाउंडर और सीईओ अभिषेक सोनी कहते हैं: “अपनी रिटायरमेंट के लिए बचत शुरू कर देनी चाहिए. इसके लिए PPF, NPS, EPF, टैक्स सेविंग FD आदि में निवेश किया जा सकता है. इन निवेश विकल्प से की गई बचत पर आप सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर इनकम टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं.”

माता-पिता के मेडिकल बिलों का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करें.

अगर आप टैक्स का बोझ कुछ कम करना चाहते हैं तो आपको अपने माता-पिता के मेडिकल संबंधित बिलों का भुगतान ऑनलाइन मोड से करना चाहिए और इसका एक रिकॉर्ड भी रखना चाहिए. सोनी कहते हैं कि इसके ज़रिए आप सेक्शन 80डी के तहत 50 हजार रुपये तक के खर्च पर टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं.

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HRA बेनिफिट के लिए रेंट रिसीप्ट और रेंट एग्रीमेंट संभाल कर रखें.

अगर आप किराए के मकान में रह रहे हैं तो अपनी टैक्स देनदारी को कम करने के लिए HRA (हाउस रेंट अलाउंस) छूट का दावा कर सकते हैं. इसके लिए आपको मकान के किराए की रसीद और रेंट एग्रीमेंट को संभाल कर रखना होगा. अगर आपका सालाना किराया 1 लाख रुपये से ज्यादा है तो इस स्थिति में आपको अपने मकान मालिक का पैन कार्ड भी अपनी कंपनी को देना होगा. इसके ज़रिए आप आसानी से HRA छूट का फायदा उठा सकते हैं.

अपने और परिवार के लिए खरीदें हेल्थ इंश्योरेंस

आपको अपने और अपने परिवार के सदस्यों के लिए एक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी लेनी चाहिए. इससे आपको सेक्शन 80सी और 80डी के तहत चुकाए गए प्रीमियम पर डिडक्शन क्लेम करने में मदद मिलेगी.

टैक्स सेविंग MF में करें निवेश

सोनी ने आगे कहा कि आप अलग-अलग टैक्स-सेविंग म्यूचुअल फंड (ELSS) में भी निवेश कर सकते हैं. आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत वित्तीय वर्ष के दौरान ELSS म्यूचुअल फंड में निवेश पर 1.5 लाख रुपए तक के टैक्‍स को कम किया जा सकता है. धारा 80 सी के तहत कुल 1.5 लाख रुपये तक की छूट का दावा किया जा सकता है. ईएलएसएस म्यूचुअल फंड्स इक्विटी फंड की एक श्रेणी है यानी कि इस पर टैक्स भी इक्विटी फंड की ही तरह लगेगा. इन फंडों द्वारा दिए जाने वाले डिविडेंड्स को आपकी आय में जोड़कर स्लैब के मुताबिक टैक्स कैलकुलेट किया जाएगा. चूंकि इसमें तीन साल का लॉक-इन होता है तो इसमें शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन नहीं होता है. इस फंड से 1 लाख रुपये तक के लांग टर्म कैपिटल गेन पर कोई टैक्स नहीं चुकाना होता है और इससे अधिक के गेन पर 10 फीसदी की दर से टैक्स चुकाना होता है. निवेशकों को इंडेक्सेशन का कोई बेनेफिट नहीं मिलता है.

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NPS में कर सकते हैं निवेश

आप NPS में भी निवेश कर सकते हैं और धारा 80CCD(1B) के तहत 50,000 रुपये की अतिरिक्त छूट का दावा कर सकते हैं. इसके तहत बेसिक सैलरी के 10% तक के निवेश पर भी आपको सेक्शन 80सी से अलग इनकम टैक्स छूट का लाभ मिलता है. दिलचस्प बात यह है कि निवेश पर यह छूट सभी टैक्स स्लैब में आने वाले करदाताओं को मिल सकती है.

अपने एम्प्लॉयर से अपनी ओर से NPS में योगदान करने के लिए कहें

सोनी के मुताबिक, आपका एम्प्लॉयर आपकी ओर से NPS में योगदान कर सकता है. इस स्थिति में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए धारा 80 सीसीडी (2) के तहत आयकर में कटौती के लिए किसी भी सीमा के बावजूद वेतन (मूल + डीए) के 14% तक की कटौती की जाती है. दूसरों के लिए यह सीमा 10% है.

(Article : Rajeev Kumar)

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