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Dhanteras Shopping: धनतेरस पर खरीदने जा रहे हैं गोल्ड, इन 7 बातों का रखें ध्यान

सोना निवेश का अच्छा जरिया हो सकता है लेकिन इसे खरीदते वक्त इससे जुड़ी सावधानियों पर ध्यान देना भी जरूरी है.

November 5, 2018 1:23 PM
things you should remember while buying gold on dhanteras or diwaliआज धनतेरस है और इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है. (Reuters)

आज धनतेरस है और इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है. लोगों की पहली पसंद ज्वैलरी या गोल्ड बिस्किट होते हैं लेकिन गोल्ड कॉइन की भी अच्छी बिक्री होती है. गोल्ड क्वॉइन को लोकल ज्‍वैलर, बैंकों, स्‍टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, सरकारी कंपनी MMTC, नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां जैसे मुथूट ग्रुप आदि से आसानी से खरीद सकते हैं. सोना निवेश का अच्छा जरिया हो सकता है लेकिन इसे खरीदते वक्त इससे जुड़ी सावधानियों पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी है. लापरवाही धोखे की वजह बन जाती है. आइए बताते हैं गोल्ड ज्वैलरी और क्वॉइन खरीदते वक्त किन बातों पर ध्यान दिया जाना चाहिए-

शुद्धता को न करें नजरअंदाज

सोना खरीदते वक्‍त शुद्धता का ध्‍यान रखना बेहद जरूरी है. अगर आप प्‍योर गोल्‍ड लेना चाहते हैं तो यह 24 कैरेट का होता है. हालांकि आपको ज्‍वैलरी 100 फीसदी प्‍योर गोल्‍ड में नहीं मिलेगी. इसकी वजह है कि सोना बहुत लचीला और सॉफ्ट होता है. इसके चलते 24 कैरट की ज्‍वैलरी नहीं बन पाती है. ज्‍वैलरी में 22 कैरेट या 18 कैरेट गोल्‍ड का इस्‍तेमाल होता है. लेकिन गोल्‍ड बार या सिक्‍का प्‍योर गोल्‍ड में खरीदा जा सकता है. कैरेट के अलावा फाइननेस के जरिए भी प्‍योरिटी का पता लगाया जा सकता है. फाइननेस के नंबर होते हैं जैसे 916, इसका मतलब है कि कॉइन 999.9 फीसदी प्‍योर है.

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कैरेट के हिसाब से कीमत

ध्‍यान रखें कि 22 कैरेट गोल्‍ड 24 कैरेट गोल्‍ड से सस्‍ता होता है. चूंकि ज्‍वैलरी 22 कैरेट गोल्‍ड की होती है, इसलिए इसकी कीमत 24 कैरेट गोल्‍ड के हिसाब से नहीं होगी. इस बात का ध्यान रखें कि प्‍योर गोल्‍ड ज्‍वैलरी बताकर 22 कैरेट ज्‍वैलरी के लिए 24 कैरेट के हिसाब से पैसे न वसूल लिए जाएं. बिल बनवाते वक्त ज्‍वैलर से सोने की शुद्धता और कीमत को बिल पर जरूर लिखवाएं.

things you should remember while buying gold on dhanteras or diwaliImage: Reuters

गोल्‍ड ज्‍वेलरी का मेकिंग चार्ज

गोल्‍ड ज्‍वैलरी बनवाते वक्त उस पर किए गए काम के हिसाब से मेकिंग चार्ज लिया जाता है. ज्वैलरी का काम जितना बारीक रहता है, उतना मेकिंग चार्ज ज्‍यादा रहता है. फेस्टिवल्‍स के टाइम पर डिमांड ज्‍यादा रहती है, जिसका फायदा उठाते हुए कुछ ज्वैलर्स छोटी सी ज्‍वैलरी पर भी हैवी ज्वैलरी के हिसाब से ही चार्ज वसूलते हैं. ज्‍यादातर कस्‍टमर के पास वक्‍त कम होता है और उन्‍हें ज्‍वैलरी चाहिए होती है, इसलिए वह बहुत ज्‍यादा बार्गेन यानी तोल-मोल किए बिना ज्‍वैलर द्वारा बताया मेकिंग चार्ज देने के लिए तैयार हो जाते हैं. लेकिन सही तो यह है कि मेकिंग चार्ज को लेकर आप जितनी बार्गेनिंग कर सकते हैं, करें.

गोल्‍ड कॉइन में 0.5 ग्राम के मिनिमम वेट के गोल्‍ड के कॉइन भी खरीद सकते हैं और इसलिए ज्‍वैलरी के मुकाबले इन पर मेकिंग चार्ज भी कम होता है. गोल्‍ड कॉइन पर मेकिंग चार्ज की रेंज 4 फीसदी से 11 फीसदी तक है, जबकि गोल्‍ड ज्‍वैलरी पर 8-10 फीसदी तक मेकिंग चार्ज है.

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हॉलमार्क की अनदेखी

ज्‍यादातर लोग गोल्ड खरीदते वक्‍त हॉलमार्क को अनदेखा करते हैं. बीआईएस हॉलमार्क गोल्ड के शुद्ध होने की गांरटी होता है. इसलिए बिना हॉलमार्क वाली ज्वैलरी न खरीदें. गोल्‍ड कॉइन खरीदते वक्‍त भी जांच लें कि वह BIS सर्फिाइड हो. किसी भी गोल्‍ड आइटम पर पांच चीजें मार्क होती हैं- BIS लोगो, प्‍योरिटी या फाइननेस दर्शाने वाला नंबर जैसे 22 कैरेट या 916, एसेइंग या हॉलमार्किंग सेंटर का लोगो, मार्किंग की साल और ज्‍वैलर्स आइडेंटिफिकेशन नंबर. BIS की ओर से यह घोषणा की जा चुकी है कि वह केवल 22, 18 और 14 कैरेट वाली गोल्‍ड ज्‍वैलरी पर ही हॉल‍मार्किंग करेगा. यह नियम 1 जनवरी 2017 से प्रभावी हो गया है.

things you should remember while buying gold on dhanteras or diwaliImage: Reuters

अगर ले रहे हैं स्टेटेड ज्‍वैलरी

स्टेटेड गोल्‍ड ज्‍वैलरी में नग की कीमत भी शामिल रहती है. ऐसी ज्‍वैलरी खरीदते वक्त स्‍टोन्‍स या जेम्‍स की शुद्धता का सर्टिफिकेट जरूर लें. साथ ही उनकी कीमत और वजन भी बिल पर लें. एक ज्वैलर ने बताया कि वैसे तो कस्‍टमर को स्‍टडेड चीजों की कीमत और वजन भी बिल पर अलग से दिया जाता है. लेकिन कुछ ज्‍वैलर्स स्‍टडेड ज्‍वैलरी में लगे स्‍टोन्‍स और जेम्‍स को भी सोने की कीमत में ही लगाते हैं और वजन करते वक्‍त उनका वजन अलग से नहीं किया जाता है.

जब कस्टमर उस ज्वैलरी को बेचता है तो नगों का दाम अलग रहता है और सोने का अलग. 1 या 2 छोटे स्‍टोन्‍स होने पर फर्क नहीं पड़ता लेकिन हैवी वर्क होने पर ध्‍यान देना जरूरी हो जाता है. ऐसे में अगर स्‍टोन्‍स, सोने से सस्ते हैं कम है तो नुकसान होता है. इसलिए बिल पर स्‍टडेड चीजों के दाम और वजन अलग से दिया होने पर आप धोखे से बच जाएंगे. शुद्धता का सर्टिफिकेट आपको नकली जेम्‍स व स्‍टोन्‍स की असली के हिसाब से कीमत देने से बचाएगा.

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बिल न लेना

सोने की खरीदारी करते वक्‍त उसका पक्‍का बिल जरूर लें. कई लोग जान-पहचान की दुकान से खरीदारी करते वक्‍त बिल को तवज्‍जो नहीं देते, जो यह गलत है. सोना चाहे जहां से खरीदें लेकिन उसका पक्‍का बिल लेना न भूलें. ये भी ध्‍यान रखें कि उसमें खरीदी गई ज्‍वैलरी, मेकिंग चार्ज और दुकानदार आदि की पूरी डिटेल हो.

गोल्ड क्वॉइन की पैकेजिंग

गोल्‍ड क्वॉइन टेंपर प्रूफ पैकेजिंग में आते हैं. टेंपर प्रूफ पैकेजिंग क्वॉइन की प्‍योरिटी बरकरार रहने को सुनिश्चित करती है. इसलिए गोल्‍ड कॉइन खरीदते वक्‍त यह ध्‍यान रखें कि काइॅन टेंपर प्रूफ पैकेजिंग वाला ही हो. अगर आप आगे चलकर इसे बेचना चाहते हैं तो आपको भी इसकी यही पैकेजिंग बरकरार रखनी होगी.

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