मुख्य समाचार:

Tax Saving: वसीयत या विरासत में मिला पैसा और प्रॉपर्टी है टैक्स फ्री, जानें क्या कहता है कानून

भारत में उत्तराधिकार टैक्स लागू नहीं है. लिहाजा करदाता को वसीयत या विरासत में मिला पैसा, जेवर और प्रॉपर्टी कर के दायरे से बाहर हैं.

February 14, 2020 9:08 AM
Tax Saving: Tax exemption on money and property received as ancestral property and inheritanceImage: Reuters

Income Tax Saving: भारत में उत्तराधिकार टैक्स लागू नहीं है. लिहाजा करदाता को वसीयत या विरासत में मिला पैसा, जेवर और प्रॉपर्टी कर के दायरे से बाहर हैं. फिर चाहे यह पैतृक संपत्ति के तौर पर मिला हो या अन्य किसी से वसीयत में. पैतृक संपत्ति में आयकर कानून केवल बाप, दादा और परदादा से विरासत में मिले पैसे, जेवर और अचल संपत्ति को ही शामिल करता है. मां से मिली रकम या संपत्ति को भी टैक्स से छूट प्राप्त है.

अगर कभी आयकर विभाग करदाता से इस ट्रांजेक्शन को लेकर सवाल करता है तो करदाता को साबित करना होगा कि रकम या प्रॉपर्टी आदि माता-​पिता से या वसीयत से या खानदानी विरासत के तौर पर मिले हैं.

अगर बनाया कमाई का जरिया तो देना होगा टैक्स

अगर करदाता विरासत/वसीयत में मिली हुई रकम को ​इन्वेस्ट कर कमाई करता है, प्रॉपर्टी को बेचता है या आगे चलकर कमाई या ब्याज हासिल करने का जरिया बनाता है तो फिर उसे इनसे आने वाली अर्निंग पर टैक्स देना होगा. प्रॉपर्टी की बिक्री से हासिल कमाई को कैपिटल गेन की श्रेणी में रखा जाएगा.

प्रॉपर्टी बेचने से कमाई आती है कैपिटल गेन्स में

प्रॉपर्टी पर कैपिटल गेन टैक्स देनदारी इसके करदाता के पास रहने की अवधि पर निर्भर करेगी. लेकिन याद रहे कि विरासत में मिली प्रॉपर्टी के मामले में इसका होल्डिंग पीरियड वास्तविक मालिक द्वारा प्रॉपर्टी खरीदे जाने की तारीख से काउंट होता है, न कि इसे विरासत में किसी अन्य को दिए जाने की तारीख से. अगर प्रॉपर्टी दो साल से ज्यादा वक्त के होल्डिंग पीरियड के बाद बेची जा रही है तो इसकी बिक्री से हासिल कमाई लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स मानी जाएगी. अगर प्रॉपर्टी पास रहने की अवधि 2 साल से कम है तो इसकी बिक्री से कमाई शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स में आएगी. इसी के हिसाब से आयकर देय होगा.

Tax Saving: केवल होम लोन से 10.50 लाख की आय बना सकते हैं टैक्स फ्री, यूं समझें कैलकुलेशन

कैपिटल गेन्स पर ऐसे पा सकते हैं टैक्स डिडक्शन

अंतरिम बजट 2019 के पेश होने से पहले एक आवासीय घर बेचकर दूसरा घर खरीदने पर कैपिटल गेन्स पर टैक्स डिडक्शन तभी मिलता था, जब उस पैसे से केवल एक आवासीय घर खरीदा गया हो. लेकिन अंतरिम बजट 2019 में यह प्रावधान किया गया कि घर की बिक्री से प्राप्त रकम से दो आवासीय घरों को खरीदकर कैपिटल गेन्स पर टैक्स डिडक्शन का लाभ लिया जा सकता है. लेकिन शर्त यह है कि कैपिटल गेन्स की रकम 2 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. अगर रकम 2 करोड़ रुपये से ज्यादा हुई तो यह लाभ केवल एक आवसीय घर की खरीद पर ही मिलेगा.

इसके अलावा एक शर्त यह भी है कि प्रॉपर्टी से बिक्री से प्राप्त पैसे पर टैक्स डिडक्शन का लाभ लेने के लिए इससे एक निश्चित समयावधि के अंदर दूसरा घर खरीदना जरूरी है. उदाहरण के तौर पर बिक्री की तारीख से दो साल के अंदर, दूसरे घर के कंस्ट्रक्शन के मामले में प्रॉपर्टी बिक्री की तारीख से तीन साल के अंदर.

आप चाहें तो कैपिटल गेन्स को आयकर कानून के सेक्शन 54EC के तहत कैपिटल गेन्स बॉन्ड में निवेश करके भी टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं. इन बॉन्ड में निवेश की सीमा प्रति वित्त वर्ष 50 लाख रुपये तक है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. निवेश-बचत
  3. Tax Saving: वसीयत या विरासत में मिला पैसा और प्रॉपर्टी है टैक्स फ्री, जानें क्या कहता है कानून

Go to Top