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  1. ITR: फाइल करने के बाद इन 4 तरीकों से करा लें ई-वेरिफाई, नहीं तो हो जाएगा इनवैलिड

ITR: फाइल करने के बाद इन 4 तरीकों से करा लें ई-वेरिफाई, नहीं तो हो जाएगा इनवैलिड

आयकर रिटर्न दाखिल करते वक्त उसे वेरीफाई करना आखिरी प्रोसेस होता है. ध्यान रहे कि आईटीआर फाइलिंग के दिन से 120 दिन के भीतर वेरीफाई करना जरुरी है.

September 5, 2018 7:42 AM
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Income Tax Return: आयकर रिटर्न दाखिल करते वक्त उसे वेरीफाई करना आखिरी प्रॉसेस होता है. यदि आप ITR वेरीफाई नहीं करते हैं तो आपके द्वारा दाखिल ITR इनवैलिड माना जाएगा. वित्त वर्ष 2013-14 तक आयकर रिटर्न को डिजिटली या फिर फिजिकली हस्ताक्षर करके वेरीफाई किया जा सकता था. फिजिकली हस्ताक्षर किए गए डॉक्यूमेंट को सेन्ट्रल प्रोसेसिंग सेंटर, आयकर विभाग, बेंगलुरु के पते पर भेजना होता है. आप ऑनलाइन ई-वेरीफाई भी कर सकते हैं.

जब आप ऑनलाइन आयकर रिटर्न जमा कर रहे होते हैं तो ई-वेरीफाई के लिए एक पॉप-अप आता है जहां से आप उसी वक्त या फिर बाद में वेरीफाई करूंगा, आॅप्शन चुन सकते हैं. ध्यान रहे कि आईटीआर फाइलिंग के दिन से 120 दिन के भीतर वेरीफाई करना जरूरी है.

आइए जानते हैं किन तरीकों से आप अपना ITR ई-वेरिफाई करा सकते हैं…

  1. आधार OTP के जरिए

यदि टैक्सपेयर का मोबाइल नंबर आधार से लिंक है तो वह 6 अंकों के OTP के जरिए दाखिल किए गए रिटर्न को ई-वेरीफाई कर सकता है. भेजा गया OTP 30 मिनट के लिए वैलिड रहता है. ओटीपी के जरिए वेरीफाई करने के लिए आपको अपने ई-फाइलिंग अकाउंट लॉग-इन करना होगा. टैक्सपेयर इस बात का ध्यान रखें कि उनका पैन और आधार कार्ड ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जुड़ा हुआ हो.

  • incometaxindiaefiling.gov.in पर लॉग इन करें.
  • इसके बाद माय-अकाउंट पर क्लिक करें और फिर ई-वेरीफाई पर जाएं.
  • ‘ई-वेरीफाई’ लिंक पर क्लिक करें यहां से आधार ओटीपी जेनरेट करें.
  • मोबाइल नंबर पर मिले 6 अंकों के ओटीपी दर्ज करें.

2. नेट अकाउंट के जरिए EVC से

EVC (इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड) 10 अंको का एक अल्फा-न्यूमेरिक कोड होता है जो 72 घंटों के लिए वैलिड होता है. यह कोड आपके नेट बैंकिंग से जुड़े मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी पर भेजा जाएगा.

नेट बैंकिंग के जरिए EVC जेनरेट करने के लिए:

  • सबसे पहले incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं और लॉग-इन करें.
  • इसके बाद ‘नेट बैंकिंग के जरिए ई-फाइलिंग’ पर क्लिक करें और नेट बैंकिंग अकाउंट लॉग-इन करें.
  • आपके खाते के अनुसार ‘ई-टैक्स’ या ‘टैक्सेशन’ के लिए अलग टैब होगा जहां क्लिक करने के बाद आपको आयकर पोर्टल खाते पर रिडायरेक्ट किया जाएगा.
  • जब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का पेज ओपन होता है तो ‘अपना खाता’ चुनें और ई-वेरीफाई रिटर्न पर क्लिक करें.

3. बैंक अकाउंट के जरिए EVC से

आप अपने बैंक अकाउंट के जरिए भी आयकर रिटर्न को ई-वेरीफाई कर सकते हैं. यह सुविधा हरेक बैंक के साथ नहीं है इसलिए इसके जरिए ई-वेरीफाई करने से पहले पता कर लें.

  • सबसे पहले incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं और लॉग-इन करें.
  • इसके बाद EVC जेनेरेट पर क्लिक करें और फिर बैंक अकाउंट के जरिए EVC पर क्लिक करें.
  • उस अकाउंट को चुने जिसके जरिए आप EVC जेनरेट करना चाहते हैं.
  • यदि आपका प्रेफेर्रेड बैंक खाता नहीं जुड़ा हुआ है तो उसे जोड़ें और नाम, खाता नंबर, आईएफएससी कोड, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी आदि दायर करें.
  • बैंक कुछ ही मिनट में आपके द्वारा दिए गए डिटेल्स को कन्फर्म करेगा और इसके बाद आप बैंक अकाउंट के जरिए EVC जेनरेट कर सकते हैं.

4. DEMAT अकाउंट के जरिए EVC से

इसके जरिए वेरीफाई करने के लिए आपका डीमैट अकाउंट प्री-वैलिडेटेड होना जरुरी है. प्रोफाइल सेटिंग्स वाले टैब में टैक्सपेयर के जरूरी डिटेल्स जैसेकि डिपोजिटरी टाइप, डीमैट अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी डालें. डिपोजिटरी द्वारा वेरीफाई करने के बाद आप EVC जेनरेट कर सकते हैं.

(इसकी लेखक होमी मिस्त्री, डेलोइट इंडिया की पार्टनर हैं.)

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