सर्वाधिक पढ़ी गईं

कर्ज के जाल में फंसते तो नहीं जा रहे आप, इन 6 संकेतों से करें पता

आम तौर पर हम कर्ज लेने से बचते हैं लेकिन आज के दौर में वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्ज का सहारा लेना आम हो चला है.

April 9, 2019 8:01 AM

Signs That You’re Spiraling Into A Debt Trap

Debt Trap: आम तौर पर हम कर्ज लेने से बचते हैं लेकिन आज के दौर में वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्ज का सहारा लेना आम हो चला है. कर्ज को स्मार्ट तरीके से मैनेज करना बेहद जरूरी है. ताकि यह समय से चुकता हो जाए और आपको नुकसान न उठाना पड़े. अगर इसे स्मार्टली मैनेज न किया जाए तो यह जी का जंजाल भी बन सकता है. आप कर्ज के जाल में फंसते चले जाते हैं और यह आपको फाइनेंशियली नुकसान पहुंचा सकता है. अगर कहीं से कर्ज लिया हुआ तो आप कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं या नहीं, इसे कुछ संकेतों से पता किया जा सकता है. ऐसे ही कुछ संकेत इस तरह हैं-

1. पर्याप्त सेविंग्स न होना

हर कोई अपनी मंथली इनकम का कम से कम 10-20 फीसदी बचाना चाहता है. अगर आपकी पूरी कमाई खर्च हो जाती है और आपकी कोई सेविंग्स नहीं रहेगी. पूरी इनकम खर्च होने का अर्थ है कि आपके खर्चे नियंत्रण से बाहर हैं. ऐसे में जल्दी ही आपके खर्चे आपकी इनकम से ज्यादा हो जाएंगे यानी इनकम कम पड़ेगी. अगर ऐसा हुआ तो आपको कर्ज लेने की जरूरत आन पड़ेगी.

2. रोजमर्रा के खर्च और लाइफस्टाइल के लिए उधार लेना

जहां तक संभव हो सके आपको अपने नियमित, फिक्स्ड खर्चे और अपनी लाइफस्टाइल से जुड़ी जरूरतों को अपनी इनकम से ही पूरा करना चाहिए. ​उदाहरण के लिए अगर कोई नई शॉपिंग करनी है तो इस अपनी सैलरी से करें, घूमने की तैयारी है तो इस खर्चे को अपनी सेविंग्स से करें. अगर आप ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं और इन खर्चों के लिए उधार ले रहे हैं तो आप अपनी इनकम को सही तरीके से मैनेज नहीं कर पा रहे हैं.

3. इनकम का 50% से ज्यादा EMI में जाना

कुछ लोग एक ही वक्त पर कई तरह के लोन लिए होते हैं. जैसे- एजुकेशन लोन, होम लोन या कार लोन या पर्सनल लोन या फिर क्रेडिट कार्ड लोन. इसके लिए हर माह ईएमआई देनी होती है, जिसे उचित ढंग से मैनेज करना होता है. सहीं ढंग से मतलब है कि ईएमआई का लेवल आपकी मंथली इनकम का 30-40 फीसदी होना चाहिए. अगर यह लेवल इस आंकड़े से ज्यादा है तो आप जोखिम ले रहे हैं. ईएमआई में इनकम के जाने का लेवल जितना हाई होगा, आपकी सेविंग्स उतनी ही घटती जाएगी और इमर्जेन्सी में पैसों की किल्लत पैदा हो जाएगी.

4. EMI और बिल पेमेंट का मिस हो जाना

अगर आप अपने मौजूदा लोन की EMI और बिल पेमेंट मिस कर जाते हैं तो आपको अपने पैसों को मैनेज करने के ​तरीके के बारे में फिर से सोचने की जरूरत है. ईएमआई मिस होना आपके क्रेडिट स्कोर पर निगेटिव प्रभाव डालता है और आपके लोन डिफॉल्ट कर सकने का मैसेज जाता है. इसलिए आपको अपने पेमेंट्स को लेकर ज्यादा अनुशासित रहने की जरूरत है. इसके लिए आप अपनी ईएमआई या बिल पेमेंट को अपने अकाउंट से आॅटोमेटिक पेमेंट या डिडक्ट पर लगा सकते हैं. इससे महीने में सबसे पहले आपके बकाया चुकता होंगे और उसके बाद आप बचे हुए पैसे खर्च, सेविंग्स और इन्वेस्टमेंट पर लगा सकते हैं.

5. क्रेडिट कार्ड लोन नियंत्रण से बाहर होना

क्रेडिट कार्ड पहले खर्च करने और बाद में चुकाने की वित्तीय आजादी देता है. लेकिन क्रेडिट कार्ड से लिए गए लोन को समय पर चुकाना जरूरी है. हर तरह के लोन में से सबसे महंगा लाने क्रेडिट कार्ड लोन होता है. इसकी वजह इसकी उच्च सालाना ब्याज दर होती है, जो कुछ मामलों में 50 फीसदी या इससे ज्यादा भी हो सकती है. इसलिए अपनी क्रेडिट लिमिट के 20-30 फीसदी से ज्यादा खर्च करने से बचें. साथ ही क्रेडिट कार्ड लोन को समय से इंट्रेस्ट फ्री पीरियड के अंदर पे करने की कोशिश करें.

6. मौजूदा कर्ज को चुकाने के लिए उधार लेना

अगर आप अपने मौजूदा कर्ज को चुकाने के लिए एक नया कर्ज या उधार ले रहे हैं तो समझ जाएं कि आप कर्ज के जाल में पूरी तरह फंस चुके हैं. इस स्टेज पर आकर सभी वित्तीय जरूरतों और खर्चों पर नजर डालना और उन्हें वरीयता आधार पर सेट करना बेहद जरूरी हो जाता है ताकि जितनी जल्द हो सके इस स्थिति से निकला जा सके.

Article By: Adhil Shetty, CEO, bankbazaar.com

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. निवेश-बचत
  3. कर्ज के जाल में फंसते तो नहीं जा रहे आप, इन 6 संकेतों से करें पता

Go to Top