मुख्य समाचार:

लोन से जुड़े इन 7 नियमों का रखें ध्यान, नहीं होगी कोई परेशानी

आपको लोन से जुड़ी कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिये.

December 4, 2019 9:15 AM

 

seven rules for financial well being while taking a loanव्यक्ति की जिंदगी में लोन उसके लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करते हैं.

व्यक्ति की जिंदगी में लोन उसके लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करते हैं. चाहे वह अपना नया बिजनेस शुरू करना हो, अपना घर खरीदना हो, बच्चे की पढ़ाई हो या किसी इमरजेंसी की स्थिति , लोन आपको वित्तीय फैसले लेने में मदद करता है. इसके लिये आपको पैसे जमा होने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है. लेकिन आपको लोन से जुड़ी कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिये.

कर्जदाताओं के ऑफर्स की तुलना करें

लोन लेने से पहले यह जरूरी है कि आप रिसर्च करें और अलग-अलग पैमानों पर कर्जदाताओं की तुलना कर लें जिससे आप अपने लिये सबसे अच्छी डील चुन सकें. इस पर फैसला सिर्फ ब्याज दर के आधारित पर न लें बल्कि कुछ दूसरी चीजों का भी इसमें ध्यान रखें जैसे प्रीपेमेंट चार्ज, प्रोसेसिंग फी आदि जिससे आपको अपने लोन की पूरी कीमत का पता चल जाये.

लोन का टेन्योर चुनें

लोन का टेन्योर आपके महीने की ईएमआई की राशि तय करने में मुख्य रहता है. लोन के कम टेन्योर का मतलब ज्यादा ईएमआई है, इससे ब्याज दर भी कम होती है. व्यक्ति को लोन टेन्योर अपनी भुगतान करने की क्षमता और दूसरे खर्च के लिये जरूरी पैसों को ध्यान में रखकर चुनना चाहिये. अगर आप आराम से अपनी ईएमआई का भुगतान कर सकते हैं, तो आप छोटे टेन्योर को चुन सकते हैं.

ज्यादा कर्जदाताओं से पूछताछ न करें

जब भी आप लोन या क्रेडिट कार्ड लेने के लिये ज्यादा लोगों से पूछताछ करते हैं, तो कर्जदाता आपकी क्रेडिट रिपोर्ट लेते हैं. कर्जदाताओं की ओर से लिया गया यह कदम आपके क्रेडिट स्कोर को कुछ अंक कम कर देता है. इसलिये अगर आप कम समय में कई लोगों से पूछताछ करते हैं, तो इससे आपका क्रेडिट स्कोर जल्दी कम हो जाएगा.

समय पर भुगतान करें

लोन या क्रेडिट कार्ड की राशि का समय पर भुगतान नहीं करने से जुर्माना और ज्यादा ब्याज दर लग सकता है. इसके अलावा आपके क्रेडिट स्कोर पर भी बुरा असर हो सकता है. आपके क्रेडिट स्कोर की गणना करते समय आपका रिपेमेंट का रिकॉर्ड सबसे ज्यादा अंक रखता है. लोन या क्रेडिट कार्ड की राशि के भुगतान में देरी करने पर कर्जदाता इसकी जानकारी देते हैं, जिससे आपका क्रेडिट स्कोर उस हिसाब से घट जाता है.

लोन अकाउंट की गारंटी देने पर उसका ध्यान रखें

किसी लोन अकाउंट की गारंटी देने पर आप उसके समय पर भुगतान के लिये आप भी जिम्मेदार रहते हैं. उसमें कोर् डिफॉल्ट या गड़बड़ी होने पर आपका भी क्रेडिट स्कोर कम होता है. इसलिये किसी भी लोन पर को-साइन या गारंटी न दें, जब तक कि आप कर्ज लेने वाले की क्षमता के बारे में पूरा भरोसा न रखते हों. एक बार लोन पर को-साइन या गारंटी देने पर उसका भुगतान समय पर होता रहे, उस पर नजर रखें.

HDFC बैंक अलर्ट! क्‍या आपकी नेटबैंकिंग और मोबाइल ऐप डाउन है? जानें बैंक का जवाब

अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करते रहें

आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में किसी गलती की वजह से गलत जानकारी हो सकती है. आपके नाम पर फ्रॉड क्रेडिट एप्लीकेशन या ट्रांजैक्शन से भी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर असर हो सकता है. इससे आपका क्रेडिट स्कोर भी कम हो सकता है. इसलिये साल में कम से कम चारों ब्यूरों में से एस से अपनी रिपोर्ट लें. इसके अलावा आप ऑनलाइन भी अपनी क्रेडिट रिपोर्ट ले सकते हैं. गलत जानकारी होने पर ब्यूरो में इसके बारे में शिकायत करें. सुधार के बाद क्रेडिट स्कोर में बढ़ोतरी होती है.

इमरजेंसी फंड का इंतजाम करें

इमरजेंसी फंड आपके रोजाने के खर्च या अचानक नौकरी खोने की स्थिति में मदद करेगा. एक सही इमरजेंसी फंड आपके महीने के खर्च का 6 गुना होना चाहिये. अपर्याप्त इमरजेंसी फंड आपको लोन में डिफॉल्ट करने की वजह बन सकता है. इसलिये जिस समय आप लोन के लिये अप्लाई करें तो अपने लोन की ईएमआई का 5 से 6 गुना ज्यादा इमरजेंसी फंड की भी प्लानिंग कर लें.

(By: Naveen Kukreja, CEO & co-founder, Paisabazaar.com)

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. निवेश-बचत
  3. लोन से जुड़े इन 7 नियमों का रखें ध्यान, नहीं होगी कोई परेशानी

Go to Top