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बैंक FDs Vs पोस्ट ऑफिस MIS Vs पोस्ट ऑफिस TD: सीनियर सिटीजन के लिए क्या है बेस्ट ऑप्शन

60 साल की उम्र के बाद आम लोगों में रिस्क लेने की क्षमता कम होती जाती है और रिटर्न के प्रति उनकी उम्मीदें उम्र के साथ बदलती जाती हैं.

February 6, 2019 4:22 PM
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Senior Citizens :  60 साल की उम्र के बाद आम लोगों में रिस्क लेने की क्षमता कम होती जाती है और रिटर्न के प्रति उनकी उम्मीदें उम्र के साथ बदलती जाती हैं. इस उम्र तक आते-आते अधिकतर लोग रिटायर हो जाते हैं और अब वे अपनी वर्षों की जमा-पूंजी को ऐसी जगह निवेश करना चाहते हैं जहां उनकी मूल जमा-पूंजी सुरक्षित रहे और कम से कम रिस्क में मैक्सिमम रिटर्न मिल सके.

उम्र के इस पड़ाव पर उनके लिए ऐसे विकल्प मौजूद हैं जो सीनियर सिटिजन्स को स्पेशल बेनेफिट्स देते हैं. अब इनमें से उन्हें ही बेहतर विकल्प चुनना होता है कि कौन सा उनकी उम्मीदों के अनुरुप है. आइए एक-एक कर मुख्य विकल्प देखते हैं जिससे सीनियर सिटिजन अपनी जमा-पूंजी के निवेश के लिए बेहतर विकल्प चुन सकें.

फिक्स्ड डिपॉजिट्स (FDs)

आम लोगों के लिए निवेश का सबसे अधिक पसंदीदा विकल्प बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इसमें इक्विटी की तुलना में निवेश सुरक्षित रहता है. इसके अलावा इसमें निवेशकों को ब्याज की निश्चित राशि भी मिलती है. आम लोगों की तुलना में बैंक सीनियर सिटीजन्स को करीब 0.5 फीसदी अधिक दर से ब्याज ऑफर करते हैं.

उदाहरण के लिए 5-10 साल की अवधि के फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए सीनियर सिटीजन्स को SBI में 7.35 फीसदी, HDFC में 7 फीसदी, ICICI में 7.5 फीसदी और एक्सिस बैंक में 7.5-7.75 फीसदी ब्याज मिलता है. फिक्स्ड डिपॉजिट्स में कम से कम कितना निवेश किया जा सकता है, यह बैंकों पर निर्भर करता है लेकिन अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है. इसके अलावा सीनियर सिटीजन्स इसमें मेच्योरिटी पर ब्याज के साथ कुल जमा राशि ले सकते हैं या वे एक नियमित अंतराल पर इंटरेस्ट पे-आउट का विकल्प चुन सकते हैं.

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (Post Office MIS)

डाकघरों में सिर्फ चिट्ठियों का ही आदान-प्रदान नहीं होता है, यह बैंकिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराता है. इसके पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम के जरिए सीनियर सिटिजंस अपनी जमा-पूंजी को न सिर्फ सुरक्षित रख सकते हैं बल्कि उस पर ब्याज की निश्चित रकम भी कमा सकते हैं. 5 साल की अवधि की जमा पर पोस्ट ऑफिस 7.3 फीसदी का ब्याज देता है. हालांकि इस योजना में बैंक की तरह अधिकतम जमा की सीमा असीमित नहीं है.

पोस्ट ऑफिस की इस योजना में अधिकतम 4.5 लाख रुपये ही जमा कर सकते हैं लेकिन संयुक्त खाता है तो उसमें 9 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं. इस खाते में न्यूनतम जमा राशि 1500 रुपये हैं. पोस्ट ऑफिस योजना के तहत सीनियर सिटिजंस को हर महीने ब्याज देता है. एक साल के बाद अपनी पूरी जमा निकाली जा सकती है लेकिन 1-3 साल के भीतर निकासी करने पर 2 फीसदी की पेनाल्टी देनी पड़ती है. 3 साल के बाद निकासी करने पर 1 फीसदी की पेनाल्टी देनी होगी. इस खाते की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे देश भर के किसी भी पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर किया जा सकता है.

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (Post Office TD)

बैंक एफडी के विकल्प के रूप में पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी जमा और ब्याज पर सरकारी गारंटी रहती है. इसके तहत किसी भी सरकारी बैंक या निजी बैंक के जरिए निवेश किया जा सकता है. इसमें न्यूनतम निवेश 200 रुपये और इससे अधिक 200 रुपये के गुणक में निवेश किया जा सकता है. वर्तमान में 5 साल की अवधि के जमा के लिए बैंक 7.8 फीसदी का ब्याज ऑफर करते हैं जो सालाना दिया जाता है. हालांकि ब्याज तिमाही आधार पर कैलकुलेट होती है.

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