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SBI Alert! बैंक 1 अक्टूबर से नए बेंचमार्क पर देगा होम लोन और ऑटो लोन

इससे पहले, SBI ने रेपो रेट से लिंक्ड होम लोन प्रोडक्ट को वापस ले लिया था.

September 23, 2019 12:23 PM
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यदि आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से होम लोन, ऑटो लोन या अन्‍य दूसरे रिटेल लोन लेने का प्‍लान बना रहे हैं, तो 1 अक्‍टूबर से नई व्‍यवस्‍था के तहत आपको कर्ज मिलेगा. दरअसल, एसबीआई ने लोन की ब्याज दर तय करने का तरीका बदल दिया है. एसबीआई 1 अक्‍टूबर 2019 से MSME, हाउसिंग और रिटेल (Auto loan, Personal Loan etc.) को लोन देने के लिए रेपो रेट को एक्सटर्नल बेंचमार्क बनाया है. यानी, अब एसबीआई इसी के आधार पर कर्ज देगा.

एसबीआई ने यह फैसला आरबीआई की ओर से 4 सितंबर को जारी नोटिफिकेशन के आधार पर किया है. इससे पहले, SBI ने रेपो रेट से लिंक्ड होम लोन प्रोडक्ट को वापस ले लिया था. बैंक ने इस प्रोडक्ट को 1 जुलाई 2019 को लॉन्च किया था. बता दें, SBI पहला बैंक था, जिसने रेपो रेट से लिंक्ड ब्याज दर वाले होम लोन प्रोडक्ट की पेशकश की थी. इसके बाद कई अन्य बैंक इस तरह के प्रोडक्ट लेकर आए थे. रेपो रेट लिंक्ड लेंडिंग रेट पर आधारित होम लोन स्कीम एक नया प्रोडक्ट है.

इसके पीछे मकसद कस्टमर्स तक रेपो रेट में कटौती का फायदा जल्द से जल्द पहुंचाना था. इससे पहले बैंक MCLR बेस्ड होम लोन दे रहे थे, जिनकी शुरुआत 2016 के बाद से हुई. बता दें कि 1 अप्रैल 2016 के बाद से कोई भी बैंक MCLR से कम ब्याज दर पर कर्ज नहीं दे सकता है. SBI ने RLLR 7.65 फीसदी तय किया था, जो 1 सितंबर 2019 से प्रभाव में आया था.

एसबीआई की ओर से सोमवार को जारी बयान के अनुसार, बैंक ने एमएसएमई सेक्टर को स्वैच्छिक आधार पर एक्सटर्नल बेंचमार्क के आधार पर लोन देने का फैसला किया है. एसबीआई ने 1 जुलाई 2019 को लोम लोन के लिए फ्लोटिंग रेट पेश किए थे. अब संशोधित स्कीम 1 अक्टूबर 2019 से नई रेग्युलेटरी निर्देशों के अनुसार लागू हो जाएगी.

इन बेंचमार्क को अपना सकते हैं बैंक

 

  • RBI की रेपो रेट
  • भारत सरकार के 3 माह या 6 माह के ट्रेजरी बिल यील्ड
  • फाइनेंशियल बेंचमार्क्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (FBIL) द्वारा प्रकाशित कोई भी अन्य बेंचमार्क

आरबीआई के निर्देश के अनुसार, अक्टूबर से बैंकों को कर्ज की दरों को एक्सटर्नल बेंचमार्क से जोड़ना होगा. सरकारी बैंक रेपो रेट से जुड़े प्रोडक्ट को काफी बढ़ावा दे रहे हैं. अधिकांश प्राइवेट बैंकों को अपने लोन प्रोडक्टों को तीन महीने की ट्रेजरी बिल से लिंक करने के लिए 30 सितंबर की डेडलाइन का इंतजार है.

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