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आपके मां-बाप के काम आएंगे ये 3 सेविंग्स ऑप्शन, अच्छे रिटर्न के साथ मिलेगी फाइनेंशियल सिक्योरिटी

उम्र ढलने लगे और कमाई का जरिया न रहे तो फाइनेंशियल सिक्योरिटी की टेंशन पैदा हो जाती है. ऐसे में काम आते हैं सीनियर सिटीजन के लिए बनाए गए इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस या सेविंग्स स्कीम.

January 10, 2019 9:13 AM
savings and pension options for senior citizensImage: Reuters

उम्र ढलने लगे और कमाई का जरिया न रहे तो फाइनेंशियल सिक्योरिटी की टेंशन पैदा हो जाती है. ऐसे में काम आते हैं सीनियर सिटीजन के लिए बनाए गए इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस या सेविंग्स स्कीम. भारत में किसी भी सेविंग्स स्कीम में सीनियर सिटीजन को एक्स्ट्रा बेनिफिट मिलता है. इसके अलावा कुछ सेविंग्स स्कीम केवल बुजुर्गों को ध्यान में रखकर ही शुरू की गई हैं. आइए बताते हैं सीनियर सिटीजन के लिए ऐसे ही 3 सेविंग्स या इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस के बारे में-

पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)

  • सालाना ब्याज 8.7 फीसदी, मैच्योरिटी पीरियड 5 साल
  • 1000 रुपये के मल्टीपल में डिपॉजिट किया जा सकता है. साथ ही इसमें 15 लाख रुपये से ज्यादा अमाउंट नहीं रह सकता है.
  • SCSS के तहत 60 साल या उससे ज्यादा की उम्र का व्यक्ति अकाउंट खुलवा सकता है.
  • अगर कोई 55 साल या उससे ज्यादा का है लेकिन 60 साल से कम का है और VRS ले चुका है तो वह भी SCSS में अकाउंट खोल सकता है. लेकिन शर्त यह है कि उसे रिटायरमेंट बेनिफिट्स मिलने के एक माह के अंदर यह अकाउंट खुलवाना होगा और इसमें डिपॉजिट किया जाने वाला अमाउंट रिटायरमेंट बेनिफिट्स के अमांउट से ज्यादा नहीं होना चाहिए.
  • SCSS के तहत डिपॉजिटर इंडीविजुअली या अपनी पत्नी/पति के साथ ज्वॉइंट में एक से ज्यादा अकाउंट भी रख सकता है. लेकिन सभी को मिलाकर मैक्सिमम इन्वेस्टमेंट लिमिट 15 लाख से ज्यादा नहीं हो सकती.
  • 1 लाख से कम रकम के साथ अकाउंट कैश में खुलवाया जा सकता है लेकिन उससे ज्यादा रकम के लिए चेक का इस्तेमाल करना होगा.
  • नॉमिनेशन फैसिलिटी उपलब्ध
  • अकाउंट को एक पोस्ट ऑफिस से अन्य में ट्रांसफर किया जा सकता है.
  • प्रीमैच्योर क्लोजर की अनुमति. लेकिन पोस्ट ऑफिस केवल अकाउंट ओपनिंग के 1 साल बंद अकाउंट क्लोज करने पर डिपॉजिट का 1.5 फीसदी काटेगा, वहीं 2 साल बाद बंद करने पर डिपॉजिट का 1 फीसदी काटा जाएगा.
  • मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने के बाद अकाउंट को और तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है. इसके​ लिए मैच्योरिटी वाली तारीख के एक साल के अंदर एप्लीकेशन देनी होगी.
  • टैक्स की बात करें तो अगर SCSS के तहत आपकी ब्‍याज राशि 10,000 रुपये सालाना से ज्‍यादा हो जाती है तो आपका TDS कटने लगता है. हालांकि इस स्कीम में इन्वेस्टमेंट पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत छूट है.

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savings and pension options for senior citizens

Fixed Deposit 

FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट के तहत सीनियर सिटीजंस को कुछ फीसदी ज्यादा ब्याज मिलता है. ऐसे में FD उनकी फाइनेंशियल सिक्योरिटी का एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकती है. उदाहरण के लिए इस वक्त SBI में FD की ब्याज दरें अलग-अलग मैच्योरिटीज पर 5.75 से 6.85 फीसदी सालाना तक हैं लेकिन सीनियर सिटीजन के लिए ब्याज दरें 7.35 फीसदी सालाना तक हैं. इसी तरह ICICI बैंक में FD रेट्स 4 से 7.50 फीसदी सालाना तक हैं लेकिन सीनियर सिटीजन के लिए ये रेट्स 8 फीसदी तक हैं. आप अलग-अलग बैंकों के FD रेट्स कंपेयर कर ज्यादा ब्याज वाला या अपने सहूलियत के मुताबिक बैंक चुन FD खुलवा सकते हैं.

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY)

PMVVY में 60 साल या उससे ज्यादा का कोई भी नागरिक इन्वेस्ट कर सकता है. यह एक पेंशन स्कीम है. इसमें इन्वेस्टमेंट की मैक्सिमम लिमिट 15 लाख रुपये है और यह स्कीम 31 मार्च 2020 तक चलेगी. इस योजना को Service tax और GST से छूट दी गई है. वय वंदना योजना को केवल LIC ऑपरेट करती है. इसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से निवेश किया जा सकता है. उसके बाद सीनियर सिटीजन को तत्काल तौर पर पेंशन मिलने लगती है.

  • इस स्कीम का टर्म 10 साल है यानी 10 साल तक पेंशन मिलती है. 10 साल बाद इसमें निवेश की गई राशि भी वापस मिल जाती है.
  • अगर किसी कारणवश 10 साल के टर्म के अंदर पेंशन की मौत हो जाती है तो इसमें इन्वेस्ट किया गया पैसा पेंशनर के कानूनी उत्तराधिकारी/नॉमिनी को वापस कर दिया जाता है. अगर पेंशनर खुदकुशी कर ले तो भी जमा रकम वापस मिल जाएगी.

वय वंदना योजना के तहत मिनिमम और मैक्सिमम परचेज प्राइस या इन्वेस्टमेंट और पेंशन अमाउंट

इस स्कीम के तहत पेंशन मंथली/ क्वार्टरली यानी तिमाही/छमाही/सालाना किसी भी आधार पर ली जा सकती है.

savings and pension options for senior citizensImage Source: LIC

पेंशन की अधिकतम सीमा एक परिवार के लिए है, परिवार में पेंशनधारक, उसके पति /पत्नी और आश्रित शामिल होंगे.

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ब्याज

PMVVY के तहत जमा रकम पर 8 से 8.30% प्रति वर्ष का निश्चित ब्याज मिलता है. ब्याज की दर इस बात पर निर्भर करती है कि पेंशनर मासिक, तिमाही, छमाही या वार्षिक, किस आधार पर पेंशन की रकम लेगा. हर महीने पेंशन लेने वालों को 8% का ब्याज जबकि सालाना पेंशन लेने पर 8.30% का ब्याज मिलेगा.

प्रीमैच्योर एग्जिट और लोन 

  • वय वंदना योजना में प्रीमैच्योर एग्जिट यानी टर्म खत्म होने से पहले निकलने की भी सुविधा है. पेंशनर या उसके पति/पत्नी को गंभीर बीमारी होने पर इस स्कीम में लगाए गए पैसे का 98 फीसदी सरेंडर वैल्यू के तौर पर मिल जाएगा.
  • इस स्कीम पर सीनियर सिटीजन लोन भी ले सकते हैं. यह इन्वेस्ट किए गए अमाउंट का 75% होगा. लेकिन इसके लिए स्कीम के 3 साल पूरे होना जरूरी है. साथ ही लोन की रकम पर ब्याज हर तिमाही तय होता है. पेंशनर जब तक लोन की रकम वापस नहीं कर देता, तब तक हर छह महीने पर ब्याज देना होगा. दरअसल, ब्याज की रकम मिल रही पेंशन से ही काटी जाएगी.

15 से 30 दिन में स्कीम से निकलने का भी विकल्प

अगर पॉलिसी लेने के बाद आप किसी नियम या शर्त से संतुष्ट नहीं हैं तो LIC दफ्तर से PMVVY लेने पर रसीद मिलने के 15 दिनों के अंदर और ऑनलाइन पॉलिसी लेने पर रसीद मिलने के 30 दिनों के अंदर कारण बताकर स्कीम से निकल सकते हैं. इस दौरान अगर पेंशन मिल गई तो वह रकम और स्टांप ड्यूटी चार्ज की रकम काटकर सारा जमा पैसा वापस कर दिया जाएगा.

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