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कॉरपोरेट बॉन्ड फंड: सेफ्टी, लिक्विडिटी से लेकर स्टेबल रिटर्न; क्यों और कितना करना चाहिए निवेश

Corporate Bond Fund: बैकों की सावधि‍ जमा योजनाएं (FDs) परंपरागत रूप से सबसे भारतीयों के लिए सबसे पसंदीदा डेट निवेश विकल्प रही हैं.

Updated: Feb 16, 2021 3:25 PM
Corporate Bond FundMicro sector with 630.52 lakh estimated enterprises accounted for over 99 per cent of 633.58 lakh enterprises in the overall MSME sector, according to the MSME Ministry’s 2019-20 annual report.

Corporate Bond Fund: बैकों की सावधि‍ जमा योजनाएं (FDs) परंपरागत रूप से सबसे भारतीयों के लिए सबसे पसंदीदा डेट निवेश विकल्प रही हैं. लेकिन अब ऐसा नहीं है. एफडी पर ब्याज दरें घटते जाने की वजह से, खासकर पिछले एक साल में इनकी लोकप्रियता कम हो रही है. ऐसे समय में कॉरपोरेट बॉन्ड उन निवेशकों के लिए एफडी के विकल्प बन सकते हैं, जो कम जोखि‍म वाले निवेश विकल्पों की तलाश में रहते हैं.

क्रेडिट रेटिंग से जांचें सुरक्षा

कॉरपोरेट बॉन्ड को नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर के रूप में भी जाना जाता है. ये कंपनियों द्वारा जारी किए  जाने वाले डेट साधन हैं. असल में कंपनियां बैंक लोन के विकल्प के रूप में इस तरह के बॉन्ड जारी कर कर्ज जुटाती हैं. कोई कॉरपोरेट बॉन्ड कितना सुरक्षि‍त है, इसकी जांच आप रेटिंग एजेंसियों के द्वारा जारी क्रेडिट रेटिंग से कर सकते हैं. AAA रेटिंग वाली कंपनियों के बॉन्ड सबसे ज्यादा सुरक्ष‍ित माने जाते हैं और इनमें AA रेटिंग वाली बॉन्ड के मुकाबले जोखि‍म कम होता है.

लांग टर्म डेट इंस्ट्रूमेंट

रेटिंग         क्रेडिट रिक्स

AAA : हाइएस्ट सेफ्टी
AA : हाई सेफ्टी
A : एडीक्वेट सेफ्टी
BBB : मॉडरेट सेफ्टी
BB : मॉडरेट रिस्क
B : हाई रिस्क
C : वेरी हाई रिस्क
D : डिफाल्ट का खतरा

शॉर्ट टर्म डेट इंस्ट्रूमेंट

रेटिंग     क्रेडिट रिक्स

A1: लोअेस्ट रिस्क
A2: लो रिस्क
A3: मॉडरेट रिस्क
A4: हाई रिस्क​
D: डिफाल्ट का खतरा

(नोट: क्रिसिल (CRISIL) लॉन्ग टर्म के डेट साधनों की CRISIL AAA से लेकर CRISIL C तक और शॉर्ट टर्म के साधनों में CRISIL A1 से लेकर CRISIL A4 तक की रेटिंग में + या – चिह्न का इस्तेमाल किसी एक श्रेणी में तुलनात्मक स्थ‍िति दिखाने के लिए कर सकता है.)

असल में कॉरपोरेट इन बॉन्ड पर किसी तरह की कर्ज जोखिम की भरपाई सरकारी बॉन्डों के मुकाबले ऊंचा यील्ड देकर करते हैं. इस प्रकार कम रेट वाले बॉन्ड सरकारी बॉन्डों और ऊंची रेटिंग वाले बॉन्डों के मुकाबले ऊंचे यील्ड और स्प्रेड प्रदान करते हैं, लेकिन इनमें क्रेडिट जोखिम ज्यादा होता है.

चुनें सही बॉन्ड

सही बॉन्ड का चुनाव करना छोटे निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि उनके पास बाजार की निगरानी कर सकने के लिए पर्याप्त कौशल, जानकारी या समय नहीं होता. यह सब करने की जगह वे कॉरपोरेट बॉन्ड फंड का चुनाव कर सकते हैं.

Yields (%)     G-Sec    AAA    AA+    AA      AA-     A+

1                  3.40        3.91    4.32    4.68   5.42    5.87
3                  4.46        4.69    5.21    5.59   6.11    6.56
5                  5.04        5.51    5.96    6.25   6.86    7.31
10                5.87        6.59    7.04    7.35   7.61    8.06

(सोर्स: क्रिसिल आंकड़े 31 दिसंबर 2020 तक के हैं)

कैसे काम करते हैं कॉरपोरेट बॉन्ड

कॉरपोरेट बॉन्ड फंड ऐसे डेट म्यूचुअल फंड स्कीम होते हैं, जो कि कॉरपोरेट बॉन्ड या नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर में निवेश करते हैं. सेबी (SEBI) के निर्देश के मुताबिक किसी कॉरपोरेट बॉन्ड फंड को अपने एसेट का कम से कम 80 फीसदी हिस्सा किसी सर्वोच्च रेटिंग वाले कॉरपोरेट बॉन्ड में लगाना होगा. कॉरपोरेट बॉन्ड फंड मुख्य तौर पर सर्वोच्च गुणवत्ता वाले साधनों में निवेश करते हैं, इसलिए इन फंडों का क्रेडिट जोखि‍म उन अन्य डेट साधनों के मुकाबले कम होता है, जो शायद कम रेटिंग वाले साधनों में निवेश करते हों.

कॉरपोरेट बॉन्ड में ही क्यों निवेश करें?

ज्यादा सुरक्षा: कॉरपोरेट बॉन्ड फंड को अपने निवेश का ज्यादातर हिस्सा टॉप रेटिंग वाले डेट साधनों में लगाना होता है, इसलिए वे ज्यादातर अन्य फंड श्रेणि‍यों के मुकाबले ज्यादा सुरक्ष‍ित होते हैं.

लिक्विडिटी: टॉप रेटिंग वाले साधनों में ज्यादा जोर की वजह से इन फंडों की लिक्विडिटी ज्यादा होती है यानी इनमें खरीद-फरोख्त आसान होती है. इसकी वजह से फंड मैनेजर को अपने पोर्टफोलियो को ज्यादा प्रभावी तरीके से पुनर्संतुलित करने में मदद मिलती है.

स्टेबल प्रदर्शन: हाल में वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच भी कॉरपोरेट बॉन्ड फंड ने लगातार अन्य डेट श्रेणि‍यों के मुकाबले बेहतर रिटर्न दिया है.

1 साल का औसत रिटर्न

कॉरपोरेट बॉन्ड फंड: 9.86%
लो ड्यूरेशन फंड: 6.33%
शॉर्ट ड्यूरेशन फंड: 8.91%
मिडियम ड्यूरेशन फंड: 7.35%
डायनमिक ड्यूरेशन फंड: 9.66%
बैंकिंग एंड पीएसयू फंड: 9.74%

टैक्स का फायदा: किसी कॉरपोरेट बॉन्ड फंड में तीन साल से ज्यादा समय के लिए निवेश करने पर 20 फीसदी का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स इन्डेक्सेशन के साथ लगता है. इसकी वजह से ऊंचे टैक्स ब्रैकेट वाले निवेशकों के लिए एफडी के मुकाबले कॉरपोरट बॉन्ड बेहतर विकल्प साबित होते हैं. क्योंकि एफडी पर उनके टैक्स ब्रैकेट के हिसाब से टैक्स लगता है.

पोर्टफोलियो में कॉरपोरट बॉन्ड फंड

निवेश की जरूरतों के हिसाब से आपके डेट पोर्टफोलियो में कुछ महीनों से लेकर 2-3 साल के तक के विभि‍न्न अवधि‍ के फंडों का मिश्रण होना चाहिए. आपके डेट पोर्टफोलियो में ऊंची रेटिंग वाले मनी मार्केट साधन, ऊंची रेटिंग वाले कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियां (G-Secs)  का मिश्रण होना चाहिए. कॉरपोरेट बॉन्ड फंड 3 साल से ज्यादा की अवधि‍ के लिए उपयुक्त होते हैं.

अगर आपका निवेश लक्ष्य तीन साल से ज्यादा का है तो आपको डेट फंड में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्सेशन का फायदा मिलता है. कॉरपोरेट बॉन्ड फंड को आपके कोर डेट फंड पोर्टफोलियो का हिस्सा होना चाहिए. ये फंड स्थायी रिटर्न प्रदान कर सकते हैं, इनमें गिरावट का जोखि‍म कम होता है और यदि लंबी अवधि‍ तक निवेश बनाए रखा गया तो ये टैक्स के बाद भी ऊंचा रिटर्न प्रदान करते हैं. निवेशकों को यदि कॉरपोरेट बॉन्ड फंड अपनी निवेश जरूरतों के लिए उपयुक्त लगता हो तो उन्हें अपने वित्तीय सलाहकार से संपर्क करना चाहिए.

(लेखक: वैभव शाह, हेड-प्रोडक्ट, मार्केटिंग एवं कम्युनिकेशंस, मिरे एसेट मैनेजमेंट इंडिया)

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