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Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद खुशहाल जिंदगी के लिए ऐसे करें प्लानिंग, नहीं होगी कभी पैसे की दिक्कत

एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिटायरमेंट के बाद बेहतर ज़िंदगी के लिए दो बातों का ध्यान रखना जरूरी है- रिटायरमेंट के लिए निवेश व योजना बनाना और रिटायरमेंट फंड से एफिशिएंट विड्रॉल प्लानिंग.

Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद खुशहाल जिंदगी के लिए ऐसे करें प्लानिंग, नहीं होगी कभी पैसे की दिक्कत
जितनी जल्दी आप अपने रिटायरमेंट की तैयारी करेंगे, यह आपके भविष्य के लिए उतना ही बेहतर होगा.

Retirement Planning: जब भी रिटायरमेंट प्लानिंग की बात आती है, तो कई लोग इसे अहमियत नहीं देते हैं. जितनी जल्दी आप अपने रिटायरमेंट की तैयारी करेंगे, यह आपके भविष्य के लिए उतना ही बेहतर होगा. कई लोग सोचते हैं कि रिटायरमेंट प्लानिंग उन्हें करना चाहिए, जिनका रिटायरमेंट करीब हो या जिनकी उम्र साठ साल के आसपास हो, पर ऐसा सोचना पूरी तरह सही नहीं है. रिटायरमेंट जीवन की एक नई जर्नी है. रिटायरमेंट के बाद आपकी ज़िंदगी कैसी होगी यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसकी प्लानिंग किस तरह से करते हैं.

स्क्रिपबॉक्स के चीफ बिजनेस ऑफिसर अनूप बंसल कहते हैं, “रिटायरमेंट के बाद बेहतर ज़िंदगी के लिए दो बातों का ध्यान रखना जरूरी है- रिटायरमेंट के लिए निवेश और योजना बनाना और रिटायरमेंट फंड से एफिशिएंट विड्रॉल प्लानिंग.

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निवेश और रिटायरमेंट प्लानिंग

अपनी रिटायरमेंट के लिए कम उम्र से ही निवेश और बचत शुरू करना हमेशा बेहतर होता है, यानी एक बार जब आप कमाई करना शुरू कर देते हैं, तो आपको बचत भी शुरू कर देना चाहिए. इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार, आप नियमित रूप से एक छोटी राशि निवेश करके लंबे समय में बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं. बंसल बताते हैं, “निवेश करते समय आपको महंगाई के आधार पर रिटायरमेंट के समय के अपने खर्चों (इन्फ्लेशन-एडजस्टेड) को लेकर हिसाब लगा लेना चाहिए. हालांकि रिटायरमेंट के करीब आने पर आप अपनी लाइफ स्टाइल को मेंटेन करने के लिए जरूरी खर्चों के आधार पर महंगाई का सही अनुमान लगा सकते हैं.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि आपको अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग करते समय महंगाई पर विचार जरूर करना चाहिए. मई 2022 में भारत की वार्षिक मुद्रास्फीति दर 7.04 प्रतिशत थी. इस हिसाब से प्लान बनाने के लिए आप हिस्टोरिकल नंबर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं और साल बीतने के साथ ही इसे संशोधन करते रहें. बंसल ने आगे कहा, “आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप जहां निवेश कर रहे हैं वह आपको महंगाई के बराबर या उससे अधिक रिटर्न हासिल करने में मदद करता है या नहीं.”

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रिटायरमेंट के बाद फंड से विड्रॉल प्लानिंग

एक बार जब आप रिटायर हो जाते हैं, तो आपके इन्वेस्टमेंट फंड का अंतिम लक्ष्य आपको रेगुलर इनकम प्रदान करना होता है. हालांकि, किस दर पर फंड विड्रॉल किया जाए इस पर भी विचार किया जाना जरूरी है. बंसल बताते हैं, “विड्रॉल रेट सीधे आपकी इनकम रिक्वायरमेंट से जुड़ी होती है. सामान्य तौर पर 4 फीसदी विड्रॉल रेट को आदर्श माना जाता है. इसे रिटायरमेंट का 4 प्रतिशत नियम भी कहा जाता है.”

आप एक सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) का विकल्प भी चुन सकते हैं ताकि आप अपने रिटायरमेंट कोष से धन निकालने का एक कुशल तरीका सुनिश्चित कर सकें. बंसल बताते हैं, “इससे न केवल आप रेगुलर इनकम का आनंद ले सकेंगे, बल्कि आपका बचा हुआ फंड निवेशित रहता है और बढ़ता रहता है व रिटर्न देता है. आपको अपने रिटायरमेंट के बाद के जीवन की लाइफ-स्टाइल के खर्चों की गणना करनी चाहिए और किसी तरह की दिक्कत से बचने के लिए विड्रॉल रेट पर सही निर्णय लेना चाहिए.

(Priyadarshini Maji)

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