सर्वाधिक पढ़ी गईं

Retirement Planning: रिटायरमेंट के लिए कैसी हो निवेश की रणनीति, अपनी जरूरतों के हिसाब से कैसे करें प्लान, समझें पूरा गणित

रिटायरमेंट की रणनीति ऐसी बनानी चाहिए, जिसे लेकर हम फाइनेंशियली कॉन्फिडेंट हों और अपने रिटायरमेंट गोल्स को हासिल करने के लिए बनाए अपने प्लान पर टिके रह सकें.

Updated: Sep 22, 2021 2:20 PM
Retirement Planningरिटायरमेंट प्लानिंग को लेकर जितनी जल्दी तैयारी शुरू कर दी जाए, उतना ही बेहतर होता है.

Retirement Planning: जब भी रिटायरमेंट प्लानिंग की बात आती है, तो कई लोग इसे अहमियत नहीं देते हैं. जितनी जल्दी आप अपने रिटायरमेंट की तैयारी करेंगे, यह आपके भविष्य के लिए उतना ही बेहतर होगा. कई लोग सोचते हैं कि रिटायरमेंट प्लानिंग उन्हें करना चाहिए, जिनका रिटायरमेंट करीब हो या जिनकी उम्र साठ साल के आसपास हो, पर ऐसा सोचना पूरी तरह सही नहीं है. रिटायरमेंट प्लानिंग को लेकर जितनी जल्दी तैयारी शुरू कर दी जाए, उतना ही बेहतर होता है. रिटायरमेंट की रणनीति ऐसी बनानी चाहिए, जिसे लेकर हम फाइनेंशियली कॉन्फिडेंट हों और रिटायरमेंट गोल्स को हासिल करने के लिए बनाए अपने प्लान पर टिके रह सकें.

क्यों जरूरी है रिटायरमेंट प्लानिंग

बढ़ गई है औसत आयू: आज के समय में लोगों की औसत आयू पहले की तुलना में बढ़ गई है. इसलिए अपने रिटायरमेंट की प्लानिंग जल्दी शुरू करने में समझदारी है. लंबी उम्र का मतलब यह है कि जब आप रिटायर हो जाएंगे, तब लंबे समय तक एक आसान ज़िंदगी जीने के लिए आपको ज्यादा पैसों की जरूरत होगी.

भविष्य की बाधाओं के लिए रहें तैयार: अपने भविष्य को लेकर सकारात्मक होना अच्छी बात है, लेकिन यह अनुमान लगाना भी व्यावहारिक है कि आपके जीवन में आगे कुछ ऐसी बाधाएं आ सकती हैं, जहां आपको पैसों की जरूरत पड़े. ऐसे में आप अपने रिटायरमेंट प्लान पर ध्यान देकर भविष्य की इन आर्थिक जरूरतों के लिए पहले से तैयार रह सकते हैं.

परिवार के लिए है जरूरी: एक अभिभावक के तौर पर आप अपने परिवार के लिए और ज्यादा करना चाहते हैं. आप अपने परिवार के लिए कुछ ऐसा करना चाहते हैं कि उन्हें आपके जाने के बाद भी किसी तरह की तकलीफ ना हो. इसके लिए आपको अभी से ही प्लानिंग शुरू कर देनी चाहिए.

रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करने का सही समय

ऐसा माना जाता है कि रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करने का सबसे अच्छा समय वह दिन है जब आपको आपकी पहली सैलरी मिले. इसलिए, भले ही आपको ऐसा लगे कि रिटायरमेंट दूर है, लेकिन 20-25 साल की उम्र में प्लानिंग शुरू कर देने में कोई जल्दबाजी नहीं है. अगर आप जल्दी निवेश करना शुरू करेंगे, तो इससे आपकी बचत करने की आदत बनी रहेगी. ऐसा भी नहीं है कि प्लान करने से आप चूक गए और अब देर हो गई है. एक कहावत है, जब जागो तभी सवेरा. इस कहावत पर अमल करते हुए निराश होने से बेहतर है कि आप आज से ही रिटायरमेंट की प्लानिंग शुरू कर दें.

ऐसे कर सकते हैं अपने रिटायरमेंट की प्लानिंग

यहां हम आपको बता रहे हैं कि रिटायरमेंट को लेकर अपनी व्यक्तिगत आर्थिक जरूरतों के आधार पर प्लानिंग कैसे किया जा सकता है.

स्टेप 1: महीने में होने वाले खर्चों का लगाएं हिसाब

एक महीने में होने वाले अपने सभी खर्चों को नोट कर लें. इसमें उन खर्चों को शामिल ना करें, जो रिटायरमेंट के बाद नहीं होंगे. यहां इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि कुछ ऐसे खर्च हो सकते हैं, (जैसे मेडिकल) जो रिटायर होने के बाद बढ़ जाएं. हालांकि इन्हें उन खर्चों से बैलेंस किया जा सकता है जो रिटायरमेंट के बाद कम होने वाले हैं. मान लीजिए, आपकी उम्र 30 साल है और आपका एक परिवार है. आप अपने परिवार के खर्चों को इस तरह अलग-अलग कैटेगरी में रख सकते हैं:

स्टेप 2: रिटायरमेंट के बाद की अपनी अनुमानित आय की करें गणना

आप पिछले वर्षों में किए गए अलग-अलग निवेशों के आधार पर रिटायरमेंट के बाद होने वाली अपनी आय का अनुमान लगा सकते हैं. इसकी गणना करते समय इस बात का भी ध्यान रखें कि आप आगे 60 साल की आयू तक निवेश जारी रखेंगे. इसे समझने के लिए आप नीचे दी गई तालिका देखें.

स्टेप 3: रिटायरमेंट के बाद कितने नेट इनकम की होगी जरूरत

चूंकि अलग-अलग स्रोतों से होने वाली अनुमानित आय रिटायरमेंट के बाद आपके कुछ मासिक खर्चों को कवर करने में आपकी मदद कर सकती है, इसलिए इसे अपने वर्तमान मासिक खर्चों में से घटा दें. अब तक की हमारी अनुमानित गणना के आधार पर, रिटायरमेंट के बाद आपको इतने नेट इनकम की जरूरत होगी.

स्टेप 4: इन्फ्लेशन यानी महंगाई का ध्यान रखना भी है जरूरी

यह नहीं भूलना चाहिए कि आप अपनी रिटायरमेंट के लिए जो कुछ बचाएंगे, वह महंगाई से प्रभावित हो सकती है. इसलिए, अपने रुपये की क्रय शक्ति को समझने के लिए, आपको अनुमानित इन्फ्लेशन रेट के आधार पर अपने कुल खर्च के भविष्य के मूल्य (30 वर्षों के बाद) को देखना होगा. कंपाउंडिंग फॉर्मूले के आधार पर, आज आपके 30,000 का भविष्य मूल्य इतना होगा:

इसलिए, 30 सालों के बाद खर्च समान नहीं होगा और आपको रिटायरमेंट के वर्षों के दौरान इस तरह के ज्यादा खर्चों को पूरा करने के लिए खुद को तैयार करने की जरूरत है.

स्टेप 5: रिटायरमेंट के दिन जमा होने वाली कुल रकम की गणना

अब यह मानते हुए कि आप 60 वर्ष की आयु में रिटायर हो जाएंगे, आइए नीचे दी गई तालिका को देखें. यहां 85 वर्ष की जीवन प्रत्याशा के आधार पर, आपके रिटायरमेंट के दिन जमा होने वाली कुल रकम को दर्शाया गया है.

यहां अनुमान के आधार पर हमने दिखाया है कि रिटायरमेंट के बाद भी आपको अपनी वर्तमान जीवन शैली को बनाए रखने के लिए 5 करोड़ रुपये की जरूरत हो सकती है.

अपनी रिटायरमेंट के लिए कहां कर सकते हैं निवेश

कहीं भी निवेश करते समय अपने जोखिम उठाने की क्षमता पर ध्यान देना चाहिए. अगर आपके रिटायरमेंट को अभी 10 साल से ज्यादा का वक्त बचा हुआ है, तो आप इक्विटी में निवेश करने पर विचार कर सकते हैं. इसमें सबसे ज्यादा रिटर्न की संभावना होती है. इसमें शॉर्ट-टर्म के निवेश में जोखिम होता है, लेकिन अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश करने जा रहे हैं तो जोखिम को कम किया जा सकता है.

इसके अलावा, आप डायरेक्ट इक्विटी इंवेस्टमेंट या म्यूचुअल फंड का विकल्प भी चुन सकते हैं. म्युचुअल फंड न केवल आपको अलग-अलग एसेट वर्गों में एक्सपोजर दे सकता है, बल्कि लंबे समय तक इसमें निवेश करके आप अच्छा रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं. अपनी रिटायरमेंट के लिए निवेश करने का एक बढ़िया तरीका म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (SIP) का विकल्प चुनना है. आप एक मासिक SIP शुरू कर सकते हैं. इसके तहत एक नियमति अंतराल पर एक निश्चित रकम आपके बैंक अकाउंट से कट जाता है और इसे म्यूचुअल फंड में निवेश कर दिया जाता है.

नीचे दी गई तालिका से आप यह समझ सकते हैं कि मासिक SIP के ज़रिए निवेश करने से आपको अपनी संपत्ति बढ़ाने में कैसे मदद मिल सकती है:

SIP के साथ, PPF, NPS आदि को भी शामिल किया जा सकता है जो कि एक संतुलित पोर्टफोलियो बनाने में मदद करता है. आप आरंभिक वर्षों में इक्विटी ओरिएंटेड इंवेस्टमेंट में ज्यादा निवेश कर सकते हैं और रिटायरमेंट के करीब आने पर इक्विटी जोखिम को कम कर सकते हैं. रिटायरमेंट प्लानिंग से संबंधित एक्सपर्ट्स से बात करके आपको अपने और अपने परिवार के लिए सही रकम बचत करने में मदद मिल सकती है. वे आपके खर्चों को समझने में आपकी मदद कर सकते हैं और इस आधार पर एक संतुलित पोर्टफोलियो बनाया जा सकता है, ताकि आपको रिटायरमेंट के बाद किसी तरह की परेशानी ना हो.

आपको आज ही अपने रिटायरमेंट की प्लानिंग शुरू कर देनी चाहिए. इसके लिए एक सही वित्तीय सलाहकार की मदद ले सकते हैं. एक बात का ध्यान जरूर रखें कि रिटायरमेंट के लिए की गई बचत का इस्तेमाल अपनी दूसरी जरूरतों के लिए ना करें. आपके पास अपने सभी गोल्स के लिए अलग-अलग प्लान होना चाहिए.

 

(यह आर्टिकल Geojit Financial Services के प्रमुख निवेश सलाहकार जीवन कुमार ने लिखा है.)

 

 

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. निवेश-बचत
  3. Retirement Planning: रिटायरमेंट के लिए कैसी हो निवेश की रणनीति, अपनी जरूरतों के हिसाब से कैसे करें प्लान, समझें पूरा गणित

Go to Top