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ट्रांजेक्शन फेल होने पर बैंक तय समय में लौटाएंगे पैसा, देरी होने पर 100 रु/दिन का देना होगा मुआवजा

RBI का यह फरमान 15 अक्टूबर 2019 ये अमल में आएगा.

September 21, 2019 11:25 AM

RBI's new guidelines for banks on failed transactions

रिजर्व बैंक ने कस्टमर्स के फेल्ड ट्रांजेक्शन को लेकर नया फरमान निकाला है. इसके तहत बैंकों के लिए फेल्ड ट्रांजेक्शन पर शिकायतों के निपटारे और रकम के ऑटो रिवर्सल को लेकर समयावधि निश्चित की गई है. इसे टर्न अराउंड टाइम (TAT) करार दिया गया है. इस समयाव​धि के अंदर ट्रांजेक्शन का सेटलमेंट या रिवर्सल न होने पर बैंकों को कस्टमर्स को मुआवजा देना होगा. समयावधि पूरी होने के बाद 100 रु प्रतिदिन के हिसाब से यह मुआवजा रहेगा. RBI का यह फरमान 15 अक्टूबर 2019 ये अमल में आएगा.

इस फरमान के तहत सभी ऑथराइज्ड पेमेंट सिस्टम जैसे- ATM ट्रांजेक्शन, कार्ड टू कार्ड फंड ट्रांसफर, PoS ट्रांजेक्शंस, कार्ड रहित ई-कॉमर्स, IMPS ट्रांजेक्शन, UPI ट्रांजेक्शंस, आधार इनेबल्ड ट्रांजेक्शन, नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस और मोबाइल ऐप ट्रांजेक्शन कवर होंगे. यहां यह बात गौर करने वाली है मुआवजा उसी स्थिति में दिया जाएगा, जब फेल्ड ट्रांजेक्शन के लिए कस्टमर जिम्मेदार नहीं होंगे. यानी अगर कस्टमर्स की खुद की गलती की वजह से ट्रांजेक्शन फेल हुआ है तो बैंक मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी नहीं हैं.

किन मामलों में नहीं होती कस्टमर्स की गलती

बैंकों को भेजे गए RBI के सर्कुलर के मुताबिक, ट्रांजेक्शन फेल होने के कई कारण ऐसे भी हो सकते हैं जिनमें कस्टमर की गलती न हो, जैसे कम्युनिकेशन लिंक्स में गड़बड़ी, ATM में कैश न होना, टाइम आउट सेशंस आदि. अगर इनमे से किसी वजह से कस्टमर का ट्रांजेक्शन फेल हुआ है तो बैंकों को मुआवजा देना होगा. RBI ने कस्टमर्स द्वारा शिकायत या क्लेम के बिना ही उन्हें मुआवजा दिए जाने का निर्देश दिया है. अगर किसी कस्टमर को मुआवजा नहीं मिलता है तो वह रिजर्व बैंक के बैंकिंग लोकपाल को शिकायत कर सकता है.

ट्रांजेक्शन और मुआवजे की डिटेल

मामला
ट्रांजेक्शन के ऑटो रिवर्सल की टाइमलाइन
डिले होने पर बैंक की ओर से मुआवजा
ATM ट्रांजेक्शन
कस्टमर के बैंक अकाउंट से पैसे कटे लेकिन कैश नहीं निकला
ट्रांजेक्शन वाला दिन+ 5 दिन मैक्सिमम (T+5)T+5 की अवधि पूरी होने के बाद 100 रु/दिन
कार्ड टू कार्ड ट्रांसफर
रकम एक कार्ड से डेबिट हुई लेकिन दूसरे कार्ड में नहीं पहुंची
ट्रांजेक्शन के बाद मैक्सिमम 1 दिन (T+1)T+1 की अवधि पूरी होने के बाद 100 रु/दिन
PoS मशीन से ट्रांजेक्शन, कैश भी शामिल
अकाउंट से पैसे कटे लेकिन मर्चेंट को कन्फर्मेशन नहीं आया या चार्ज स्लिप जनरेट नहीं हुईट्रांजेक्शन वाला दिन+ 5 दिन मैक्सिमम (T+5)T+5 की अवधि पूरी होने के बाद 100 रु/दिन
ई-कॉमर्स, जहां कार्ड मौजूद नहींअकाउंट से पैसा कटा लेकिन मर्चेंट को कन्फर्मेशन नहीं मिला
ट्रांजेक्शन वाला दिन+ 5 दिन मैक्सिमम (T+5)
T+5 की अवधि पूरी होने के बाद 100 रु/दिन
IMPS से ट्रांजेक्शनअकाउंट से रकम कटी लेकिन प्राप्तकर्ता (बेनिफीशियरी) के अकाउंट में नहीं पहुंचीबेनिफीशियरी के बैंक के लिए ट्रांजेक्शन वाला दिन+ 1 दिन मैक्सिमम (T+1)T+1 की अवधि पूरी होने के बाद 100 रु/दिन
UPI से फंड ट्रांसफरअकाउंट से रकम कटी लेकिन बेनिफीशियरी के अकांउंट में नहीं पहुंचीबेनिफीशियरी के बैंक के लिए ट्रांजेक्शन वाला दिन+ 1 दिन मैक्सिमम (T+1)T+1 की अवधि पूरी होने के बाद 100 रु/दिन
UPI से मर्चेंट को पेमेंटअकाउंट से पैसे कटे लेकिन मर्चेंट को कन्फर्मेशन नहीं मिलाट्रांजेक्शन वाला दिन+ 5 दिन मैक्सिमम (T+5)T+5 की अवधि पूरी होने के बाद 100 रु/दिन
आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम, आधार पे भी शामिलअकाउंट से पैसा कटा लेकिन मर्चेंट को कन्फर्मेशन नहीं मिला/फंड ट्रांसफर में बेनिफीशियरी के अकाउंट में नहीं पहुंचाक्रेडिट अडजस्टमेंट के लिए ट्रांजेक्शन वाला दिन+ 5 दिन मैक्सिमम (T+5)T+5 की अवधि पूरी होने के बाद 100 रु/दिन
आधार पेमेंट ब्रिज सिस्टम (APBS)बेनिफीशियरी के अकांउट में पैसा ​क्रेडिट किए जाने में देरीबेनिफीशियरी के बैंक के लिए ट्रांजेक्शन वाला दिन+ 1 दिन मैक्सिमम (T+1)T+1 की अवधि पूरी होने के बाद 100 रु/दिन
नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH)बेनिफीशियरी के अकाउंट में पैसा क्रेडिट होने या रिवर्सल में देरीबेनिफीशियरी के बैंक के लिए ट्रांजेक्शन वाला दिन+ 1 दिन मैक्सिमम (T+1)T+1 की अवधि पूरी होने के बाद 100 रु/दिन
प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPIs)- कार्ड/वॉलेटबेनिफीशियरी के PPI में पैस क्रेडिट नहीं हुआ/PPI से पैसा कटा लेकिन मर्चेंट को कन्फर्मेशन नहीं मिलाट्रांजेक्शन वाला दिन+ 1 दिन मैक्सिमम (T+1)T+1 की अवधि पूरी होने के बाद 100 रु/दिन

नोट: T का मतलब ट्रांजेक्शन वाला दिन

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कुछ महत्वपूर्ण बातें

  • इस नए फ्रेमवर्क के तहत सभी डॉमेस्टिक ट्रांजेक्शन कवर होंगे.
  • फंड ट्रांसफर के मामले में भेजने वाले के अकाउंट से पैसा कट गया लेकिन बेनिफीशियरी तक नहीं पहुंचा तो इसे तय समयावधि के अंदर बेनिफीशियरी के अकाउंट में क्रेडिट किया जाएगा. ऐसा न होने पर मुआवजा बेनिफीशियरी को मिलेगा.
  • अगर ट्रांजेक्शन में देरी पैसा भेजने वाले के बैंक की ओर से हो रही है तो मुआवजा पैसा भेजने वाले को मिलेगा.

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