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  1. 1 जुलाई से फ्री हो जाएंगी बैंकों की ये सेवाएं! जानें आपकी कितनी हो सकती है बचत

1 जुलाई से फ्री हो जाएंगी बैंकों की ये सेवाएं! जानें आपकी कितनी हो सकती है बचत

1 जुलाई से ऑनलाइन फ्रंड ट्रांजैक्शन फ्री हो सकता है.

June 12, 2019 2:54 PM
RBI, NEFT, RTGS, Fund Transfer, Bank, Online Fund Transfer Charges, SBI, Online Transaction, भारतीय रिजर्व बैंक, बैंकों की ये सेवाएं फ्री1 जुलाई से ऑनलाइन फ्रंड ट्रांजैक्शन पर लगने वाला चार्ज फ्री

1 जुलाई से अगर आप ऑनलाइन फंड ट्रांजैक्शन करते हैं तो इस पर लगने वाला चार्ज फ्री हो सकता है. भारतीय रिजर्व बैंक ने NEFT और RTGS के जरिये फंड ट्रांसफर करने पर लगने वाला शुल्क 1 जुलाई से एक जुलाई से खत्म करने की घोषणा की है. केंद्रीय बैंक ने बैंकों से भी उसी दिन से अपने कस्टमर्स को लाभ देने को कहा है. बता दें कि फंड ट्रांसफर के लिए NEFT/RTGS लोकप्रिय जरिया हैं.

RTGS बड़ी धन राशि को एक खाते से दूसरे खाते में तत्काल ट्रांसफर करने की सुविधा है. इसी तरह NEFT के जरिए 2 लाख रुपये तक की राशि का ट्रांसफर किया जा सकता है. बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने 6 जून को द्वैमासिक मौद्रिक समीक्षा के बाद घोषणा में कहा था कि उसने NEFT और RTGS के जरिए सदस्य बैंकों पर लगाए जाने वाले विभिन्न शुल्कों की समीक्षा की है.

RBI की वेबसाइट के अनुसार NEFT पर चार्ज

10 हजार रुपए तक की राशि पर: 2.50 रुपए
10 हजार से 1 लाख रुपए तक की राशि पर: 5 रुपए
1 लाख से 2 लाख रुपए तक की राशि पर: 15 रुपए
2 लाख रुपए से ज्यादा की राशि पर: 25 रुपए

(+ Applicable GST)

RTGS पर RBI कितना लेता है चार्ज

2 लाख रुपए से 5 लाख रुपए तक की राशि पर : 25 रुपए और टाइम वैरिंग चार्ज
5 लाख रुपए से अधिक के लिए: 50 रुपए और टाइम वैरिंग चार्ज

बता दें कि 8 घंटे से 11 घंटे तक के लिए बैंक कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लेता था, जबकि 11 घंटे से 13 घंटे के लिए चार्ज 2 रुपए अतिरिक्त, 13 घंटे से 16.30 घंटे के लिए 5 रुपए अतिरिक्त और 16.30 घंटे से ज्यादा के लिए 10 रुपए अतिरिक्त चार्ज वसूलता था.

SBI के चार्ज

देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक एसबीआई NEFT के जरिए फंड ट्रांसफर के लिए एक रुपये से पांच रुपये का शुल्क लेता है. वहीं, RTGS के जरिए फंड ट्रांसफर के लिए वह 5 से 50 रुपये का शुल्क लेता है. रिजर्व बैंक आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिये धन स्थानांतरण पर न्यूनतम शुल्क लगाता है, जबकि बैंक अपने ग्राहकों से अधिक शुल्क वसूलते हैं.

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