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PPF Vs ELSS: कौन सी स्कीम जल्दी बनाएगी करोड़पति, 12500 मंथली निवेश पर देखें कैलकुलेशन

इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS) और पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) दोनों में ही इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत टैक्स में छूट मिलती है.

Published: July 17, 2020 11:57 AM
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Crorepati Investment/ELSS Vs PPF: इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS) और पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) दोनों में ही इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत टैक्स में छूट मिलती है. हालांकि, यह फायदा 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर ही ले सकते हैं. सरकार ने कोरोना वारस के असर को देखते हुए इनकम टैक्स में छूट पाने के लिए इन योजनाओं में निवेश करने की अवधि को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया है. एक्सपर्ट का कहना है कि पीपीएफ हो या ईएलएसएस या ऐसी अन्य जमा योजनाएं, इनमें निवेश करते समय सिर्फ टैक्स बचाना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए. बल्कि यह ध्यान रखना चाहिए कि टैक्स बचत के साथ ज्यादा रिटर्न भी हासिल हो सके. वैसे तो पीपीएफ और ईएलएसएस दोनों ही बिल्कुल अलग तरह की स्कीम हैं. लेकिन फिर भी निवेया के पहले एक बार कुछ बातों की तुलना जरूर करनी चाहिए.

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) सरकारी स्कीम है, जहां ब्याज दर तय होती है और उसी हिसाब से रिटर्न मिलता है. हालांकि ब्याज दरों में आगे परिवर्तन किया जा सकता है. फिर भी सरकारी स्कीम होन के नाते यह पूरी तरह से सुरक्षित विकल्प है. वहीं इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS) का प्रदर्शन इक्विटी मार्केट के प्रदर्शन पर आधारित है. ऐसे में यहां बाजार का जोखिम होता है. लेकिन ईएलएसएस में भी एसआईपी की सुविधा है, जिससे जोखिम कम किया जा सकता है.

ELSS vs PPF: ब्याज दर

PPF में सालाना 7.1 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है. वहीं, ELSS को मार्केट में बेस्ट इन्वेस्टमेंट व्हीकल्स में से एक माना जाता है. इसकी वजह है कि इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लंबी अवधि में हायर रिटर्न देने की संभावना होती है. हालांकि कोई भी इक्विटी रिटर्न गांरटीड नहीं है, लेकिन ELSS में पिछले 10 साल की एसआईपी रिटर्न देखें तो कम से कम एक दर्जन स्कीम ऐसी है जिन्होंने 9 फीसदी से 13 फीसदी के बीच में रिर्ट दिए हों. पीपीएफ की मेच्योरिटी 15 साल है, ऐसे में यहां ईएलएसएस फंडों में लंबी अवधि के रिटर्न से यहां तुलना की गई है.

कहां कितने दिन में करोड़पति

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

अधिकतम मंथली जमा: 12,500 रुपये
अधिकतम सालाना जमा: 1,50,000 रुपये
नई ब्याज दरें: 7.1 फीसदी सालाना कंपांउंडिंग
25 साल बाद मेच्योरिटी पर रकम: 1.03 करोड़ रुपये
कुल निवेश: 37,50,000
ब्याज का फायदा: 65,58,015 रुपये

इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS)

अधिकतम मंथली एसआईपी: 12,500 रुपये
अधिकतम सालाना जमा: 1,50,000 रुपये
अनुमानित ब्याज दरें: 9 फीसदी सालाना कंपांउंडिंग
22 साल बाद मेच्योरिटी पर रकम: 1.03 करोड़ रुपये
कुल निवेश: 33,00,000
ब्याज का फायदा: 69,79,791 रुपये

 

दूसरे विकल्पों से तुलना

निवेश               ब्याज             मेच्योरिटी                 रिस्क प्रोफाइल

NSC               6.8%             5 साल                      लो रिस्क

PPF                7.1%             15 साल                     लो रिस्क

NPS              6-8%              रिटायरमेंट तक        मार्केट रिलेटेड

ELSS            7-9%              मिनिमम 3 साल        मार्केट रिलेटेड

FD                5.4-6%           5 साल                     लो रिस्क

(नोट: इन सभी योजनाओं पर इनकम टैक्स एकट के तहत धारा 80C पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है.)

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