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स्मॉल सेविंग्स निवेशकों को झटका, रेपो रेट बढ़ने के बाद भी PPF, NSC, KVP जैसी स्कीम की नहीं बढ़ी ब्याज दरें

रेपो रेट और महंगाई में लगातार बढ़ोतरी के बाद भी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया. यह लगातार 9वीं तिमाही है, जब ब्याज दरें नहीं बदली हैं.

स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में निवेश करने वालों को सरकर ने फिर झटका दिया है. (File)

Small Savings Scheme: स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स (Small savings scheme) में निवेश करने वालों को सरकर ने फिर झटका दिया है. रेपो रेट और महंगाई में लगातार बढ़ोतरी के बाद भी पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS), नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC), किसान विकास पत्र (KVP) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), टाइम डिपॉजिट स्कीम (TD) और मंथली इनकम स्कीम (MIS) जैसी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. यह लगातार 9वीं तिमाही है, जब ब्याज दरें नहीं बदली हैं.

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बैंकों ने दी थी राहत, यहां लगा झटका

यानी स्माल सेविंग्स पर कम से कम सितंबर 2022 तक पहले की ही तरह ब्याज मिलता रहेगा. जबकि माना जा रहा था कि बढ़ती महंगाई के दौर में सरकार ब्याज दरों में इजाफा कर छोटे निवेशकों को राहत दे सकती है. बता दें कि बीते दिनों आरबीआई ने रेपो रेट में लगातार 2 बार में 90 बेसिस प्वॉइंट का इजाफा किया है, जिसके बाद से कई बैंकों ने एफडी पर ब्याज दरों में इजाफा किया था.

किस स्कीम पर कितना मिल रहा है ब्याज

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): 7.1% सालाना
सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS): 7.40% सालाना
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC): 6.8% सालाना
किसान विकास पत्र (KVP): 6.9% सालाना
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): 7.60% सालाना
टाइम डिपॉजिट स्कीम (TD): 6.7% सालाना
मंथली इनकम स्कीम (MIS): 6.6% सालाना
रिकरिंग डिपॉजिट (RD): 5.8% सालाना

इसके पहले 1 अप्रैल 2020 को हुई थी कटौती

सरकार ने पिछले साल 1 अप्रैल 2020 को ही छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज में कटौती की थी. तब इनकी ब्याज दरों में 1.40 फीसदी तक की कटौती की गई थी. इसके बाद 31 मार्च 2021 को भी कटौती का फैसला लिया गया था, जिसे वापस ले लिया गया. उसके बाद से स्माल सेविंग्स की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

इस वजह से ब्याज दरें बढ़ने का था अनुमान

स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज दरों की हर तिमाही समीक्षा होती है. इन योजनाओं की ब्याज दरें तय करने का फॉर्मूला 2016 श्यामला गोपीनाथ समिति ने दिया था. समिति ने सुझाव दिया था कि इन स्कीम की ब्याज दरें समान मैच्योरिटी वाले सरकारी बांड के यील्ड से 0.25-1.00 फीसदी ज्यादा होनी चाहिए. अभी सरकारी बांड यील्ड की ब्याज दरें 7.5 फीसदी के करीब हैं. माना जा रहा था कि गोपीनाथ कमेटी के 2011 में दिए गए फॉर्मूले के मुताबिक छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज की दर 25 से 100 बेसिस पॉइंट्स तक बढ़ सकती है. इसकी वजह यह है कि पिछले एक साल में बेंचमार्क 10 ईयर बॉन्ड पर यील्ड 140 बेसिस पॉइंट बढ़ चुका है. इस दौरान यह 6.04 फीसदी से बढ़कर 7.46 फीसदी पहुंच चुकी है. अप्रैल-जून तिमाही में इसका औसत 7.31 फीसदी रहा है. इसके बावजूद भी स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई है.

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