सर्वाधिक पढ़ी गईं

सिंगल विंडो पर इक्विटी, PPF से लेकर इंश्योरेंस तक में निवेश, IndusInd बैंक की नई सुविधा

IndusInd Bank/FIP: निजी क्षेत्र के लेंडर इंडसइंड बैंक ‘फाइनेंशियल इन्फॉर्मेशन प्रोवाइडर’ (FIP) के रूप में लाइव होने वाला बैंक बन गया है.

Updated: Oct 29, 2020 12:54 PM
IndusInd BankUbs Principal Capital Asia Ltd on Tuesday sold shares of IndusInd Bank worth nearly Rs 148 crore

IndusInd Bank/FIP: निजी क्षेत्र के लेंडर इंडसइंड बैंक ‘फाइनेंशियल इन्फॉर्मेशन प्रोवाइडर’ (FIP) के रूप में लाइव होने वाला बैंक बन गया है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए ‘अकाउंट एग्रीगेटर फ्रेमवर्क’ के तहत एक ऐसा करने वाला इंडसइंड बैंक देश का पहला बैंक है. इसके साथ अब बैंक के कस्टमर सिंगल विंडो पर अपने बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट पाने, ट्रैक डिपॉजिट, प्लान इन्वेस्टमेंट (शेयर, म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस, ईपीएफ, पीपीएफ) से लेकर क्रेडिट कार्ड का लाभ उठा सकते हैं. इससे ग्राहकों को अपने फाइनेंस से संबंधित निर्णय लेने में सुविधा होगी.

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा यह पहल की गई है, जिससे किसी इनडिविजुअल या छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों को सेवाओं का लाभ मिलेगा और साथ ही वे अपनी फाइनेंशियल जरूरतों को सहज तरीके से पूरा कर सकेंगे.

कस्टमर्स की सहमति होगी जरूरी

एफआईपी के रूप में, इंडसइंड बैंक अपने ग्राहकों को सुरक्षित और सहज तरीके से फाइनेंशियल इन्फॉर्मेशन यूजर्स (FIUs) के साथ अकाउंट एग्रीगेटर इकोसिस्टम पर उनकी वित्तीय सूचनाओं को साझा कर सकेगा. हालांकि यह कस्टमर्स की विशेष सहमति से होगा. एक बार जब वित्तीय संस्थान एए फ्रेमवर्क पर लाइव हो जाते हैं, तो लोन लेने, अन्य फाइनेंशिसल प्रोडक्ट और सर्विसेज तक पहुंचने के लिए फिजिकल डॉक्युमेंट्स को कलेक्ट करने या जमा करने की जरूरत नहीं होती है.

ग्राहक चुन सकेंगे पसंदीदा प्रोडक्ट

इंडसइंड बैंक कंज्यूमर बैंकिंग के हेड सौमित्र सेन का कहना है कि इंडसइंड बैंक में हमने हमेशा ग्राहक सशक्तिकरण के लिए प्रौद्योगिकी में नई टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित किया है. अकाउंट एग्रीगेटर फ्रेमवर्क उस दिशा की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है जो ग्राहक को इस बात के लिए सशक्त करेगा कि वे अपने पसंदीदा प्रोडक्ट या सर्विसेज को चुन सकें. उन्होंने कहा कि हम इस यात्रा में DigiSahamati फाउंडेशन के साथ सहयोग करने को लेकर खुश हैं.

किस तरह की सुविधाएं

यह व्यवस्था फिजिकल डॉक्युमेंट जमा करने की मौजूदा प्रक्रिया को खत्म करेगी, जिससे समय की बचत होगी.

इनडिविजुअल और एसएमई ग्राहक सुरक्षित ढांचे के भीतर रेगुलेटेड फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस जैसे बैंक व एनबीएफसी को अपनी फाइनेंशियल इन्फॉर्मेशन डिजिटली साझा कर सकेंगे.

ग्राहकों को सूचना साझा करने से पहले उनकी स्पष्ट सहमति का प्रावधान है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. निवेश-बचत
  3. सिंगल विंडो पर इक्विटी, PPF से लेकर इंश्योरेंस तक में निवेश, IndusInd बैंक की नई सुविधा

Go to Top