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क्या PAN या Aadhaar की जानकारी आपने इनकम टैक्स विभाग को नहीं दी है? आपको नहीं मिलेगा ये लाभ

यदि इनकम टैक्स जुड़े मसलों के लिए PAN/Aadhaar का इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो आपको मोदी सरकार के नए टैक्स एलान से वंचित होना पड़ सकता है.

Updated: May 16, 2020 10:16 AM
Not furnishing PAN or Aadhaar? Know about Income tax department new notification on TDS and TCSCOVID-19 महामारी को देखते हुए केंद्र सरकार ने TDS और TCS की दरों में अलग-अलग ट्रांजैक्शन पर 25% की कटौती का एलान किया है.

यदि इनकम टैक्स जुड़े मसलों के लिए PAN/Aadhaar का इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो आपको मोदी सरकार के नए टैक्स एलान से वंचित होना पड़ सकता है. टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (TDS) और टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (TCS) की दरों में हुई हालिया कटौती के लाभ के लिए ऐसे करदाता आवेदन नहीं कर पाएंगे, जिन्होंने अपने पैन या आधार की जानकारी टैक्स डिपार्टमेंट को नहीं दी है. इसे सरल शब्दों में समझें तो जिन लोगोंं ने आयकर रिटर्न दाखिल करते वक्त PAN या Aadhaar से संबंधित जानकारियां आयकर विभाग को नहीं दी हैं, उन्हें TDS और TCS दरों में कटौती का कोई लाभ नहीं मिलेगा. COVID-19 महामारी को देखते हुए केंद्र सरकार ने टीडीएस और टीसीएस की दरों में अलग-अलग ट्रांजैक्शन पर 25 फीसदी की कटौती का एलान किया है. हालांकि, यह कटौती नॉन सैलरीड पेमेंट के संबंध में लागू होगी. इसका लाभ 31 मार्च 2021 तक लिया जा सकेगा.

पुरानी दरों से देना होगा टैक्स

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, PAN/Aadhaar की जानकारी नहीं देने वाले को टीडीएस या टीसीएस की घटों दरों का लाभ नहीं मिलेगा. उन्हें के लिए पहले की दरें ही प्रभावी रहेंगी. जैसे, यदि आयकर कानून की धारा 206AA के तहत 20 फीसदी टैक्स कटौती बनती है तो PAN/Aadhaar की जानकारी नहीं के मामले में यह कटौती 20 फीसदी की ही दर होगी न कि 15 फीसदी की दर से.

कुछ नॉन सैलरीड ​भुगतान के लिए टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (TDS) की दरों में 14 मई 2020 से 31 मार्च 2021 तक के लिए 25 फीसदी की कटौती की गई है. जिससे कि कोरोनावायरस महामारी के चलते पैदा हुए संकट के समय में करदाताओं के लिए खर्च करने के अधिक कैश उपलब्ध हो सके.

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क्या होता है TDS, TCS?

प्रत्यक्ष कर व्यवस्था के अंतर्गत TDS और TCS दो तरह के टैक्स हैं, जिन्हें सरकार वसूलती है. TDS की आय के स्रोत पर कटौती होती है. जबकि, TCS का मतलब आय स्रोत पर टैक्स कलेक्शन से है. इन दोनों ही मामलों में टैक्स रिटर्न फाइल करना पड़ता है. आमतौर पर TDS अगल-अलग तरह के आयकर स्रोतों पर काटा जाता है. जैसेकि वेतन, निवेश पर ब्याज, पेशेवर शुल्क, कमीशन, ब्रोकरेज आदि. दूसरी ओर, TCS के अंतर्गत जब कोई खरीदार विक्रेता से कोई सामान खरीदता है तो विक्रेता को टैक्स देना पड़ता है.

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