म्यूचुअल फंड के नियमों में बड़ा बदलाव, 1 अक्टूबर से जरूरी होगा नॉमिनेशन डिटेल देना, वरना देना पड़ेगा यह डिक्लेरेशन | The Financial Express

म्यूचुअल फंड के नियमों में बड़ा बदलाव, 1 अक्टूबर से जरूरी होगा नॉमिनेशन डिटेल देना, वरना देना पड़ेगा यह डिक्लेरेशन

1 अक्टूबर से म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए नॉमिनेशन डिटेल देना अनिवार्य होगा, ऐसा नहीं करने वालों को एक डिक्लेरेशन भरना होगा.

म्यूचुअल फंड के नियमों में बड़ा बदलाव, 1 अक्टूबर से जरूरी होगा नॉमिनेशन डिटेल देना, वरना देना पड़ेगा यह डिक्लेरेशन
सिक्योरिटी मार्केट के सभी निवेश विकल्प नियमों में एकरूपता लाने वाला सेबी का नॉमिनी नियम 1 अक्टूबर से प्रभावी हो जाएगा.

म्यूचुअल फंड से जुड़े नियमों में जल्द ही बड़ा बदलाव होने जा रहा है. 1 अक्टूबर या उसके बाद म्यूचुअल फंड्स के लिए सब्सक्राइब करने वाले निवेशकों के लिए नॉमिनेशन डिटेल भरना अनिवार्य होगा. जो निवेशक नॉमिनेशन डिटेल नहीं भरना चाहते, उन्हें एक डिक्लेरेशन भरना होगा, जिसमें नॉमिनेशन की सुविधा नहीं लेने की घोषणा करनी होगी.

एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) को निवेशक की जरूरतों के अनुसार फिजिकल या ऑनलाइन मोड में नॉमिनेशन फॉर्म या डिक्लेरेशन फॉर्म का विकल्प देना होगा. फिजिकल विकल्प के तहत फॉर्म में निवेशक के सिग्नेचर होंगे, जबकि ऑनलाइन फॉर्म में निवेशक ई-साइन फैसिलिटी का इस्तेमाल कर पाएंगे. अगर कोई एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) अपने ग्राहकों के लिए ऑनलाइन सबमिशन की सुविधा मुहैया कराना चाहती है, तो उसका वैलिडेशन टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) के जरिए करना होगा. इनमें से एक फैक्टर ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पर भेजा गया वन टाइम पासवर्ड (OTP) रखना अनिवार्य होगा.

1 अगस्त से प्रभावी होना था यह नियम

1 अक्टूबर से लागू हो रहे इन नए नियमों पर पहले 1 अगस्त 2022 से ही अमल किया जाना था, लेकिन अगस्त में इस डेडलाइन को 1 अक्टूबर 2022 तक आगे बढ़ा दिया गया था. जुलाई में बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने म्यूचु्अल फंड होल्डर्स के लिए नॉमिनी डिटेल्स से जुड़े नियमों को लागू किये जाने पर रोक लगा दी थी. जिसकी वजह से म्यूचुअल फंड के निवेशकों को नॉमिनी देने या नॉमिनेशन से बाहर आने का विकल्प नहीं मिल रहा था. एसेट मैनेजमेंट कंपनियों द्वारा नॉमिनेशन फॉर्म या ऑप्ट-आउट डिक्लेरेशन फॉर्म को दो चरणों में वेरिफाई किया जाएगा. निवेशक के रजिस्टर्ड ई-मेल या मोबाइल फोन नंबर पर ओटीपी आएगा. इसलिए निवेशक को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ई-मेल की एक बार फिर से जांच कर लेगी चाहिए. 

सेबी ने यह नियम सिक्योरिटी मार्केट के सभी निवेश विकल्प से जुड़े नियमों में एकरूपता लाने के लिए लागू किया है. 2021 में सेबी ने नए ट्रेडिंग और डीमैट खाता खुलवाने वाले निवेशकों को भी ऐसा विकल्प मुहैया कराया था. इसके अलावा सेबी ने कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट के बेहतर रेगुलेशन और सभी इशूअर्स व अन्य स्टेकहोल्डर्स को एक ही जगह सभी एप्लीकेबल रूल्स तक एक्सेस देने के लिए एक ऑपरेशनल सर्कुलर जारी किया था.

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