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Mutual Funds: डेट फंड में भी है जोखिम, निवेश से पहले जान लें ये जरूरी बातें

Mutual funds investment: अगर बॉन्ड के प्राइस घटते हैं तो इंटरेस्ट रेट बढ़ेंगे.

May 4, 2019 8:13 AM
mutual fund investment debt funds know risks in investing in mutual fundsफंड मैनेजर का अनुमान गलत होने पर आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है

Mutual Fund Investment in Debt Funds: म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले व्यक्ति ज्यादातर डेट फंड्स में इसलिए निवेश करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इसमें कम रिस्क होता है और पोस्ट ऑफिस या बैंक की एफडी के मुकाबले बेहतर रिटर्न मिलता है. लेकिन म्यूचुअल फंड के हर विज्ञापन के बाद वो चेतावनी तो आपने सुनी ही होगी – म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले सभी दस्तावेजों को जांच ले.

इसका मतलब है कि म्यूचुअल फंड के डेट फंड्स में निवेश करने पर भी रिस्क होता है. आम तौर पर डेट फंड्स में ट्रेजरी बिल, सरकारी सिक्योरिटी, कमर्शियल पेपर, मनी मार्केट और कॉर्पोरेट बॉन्ड्स में निवेश किया जाता है. हालांकि डेट फंड्स में फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट होने और तय मैच्योरिटी पीरियड होने से कम रिस्क होता है लेकिन इसके बावजूद क्रेडिट रिस्क और इंटरेस्ट रेट रिस्क जैसी जोखिम जुड़े होते हैं. ऐसे में निवेश करने से पहले जरूर जाने कि ये सभी रिस्क क्या है.

Debt Funds: निवेश करने से पहले रखें घ्यान

इंटरेस्ट रेट रिस्क

डेट फंड्स में इंटरेस्ट रेट बॉन्ड प्राइस पर निर्भर करता है. अगर बॉन्ड के प्राइस घटते हैं तो इंटरेस्ट रेट बढ़ेंगे. अगर बॉन्ड के प्राइस बढ़ते हैं तो इंटरेस्ट रेट घटते हैं. अक्सर इंटरेस्ट रेट का घटना-बढ़ना घरेलु और ग्लोबल फैक्टर्स पर भी निर्भर करता है. ऐसे में इंटरेस्ट रेट को प्रेडिक्ट करना मुश्किल होता है. डेट म्यूचुअल फंड्स मुख्य रूप से बॉन्ड में निवेश करते हैं इसलिए इंटरेस्ट का घटने का मतलब है अच्छी कमाई होना. जब इंटरेस्ट घट रहे होते हैं तब फंड मैनेजर लॉन्ग टर्म सिक्योरिटी में निवेश करते हैं.

क्रेडिट रिस्क

अगर कोई फंड मैनेजर कम क्रेडिट रेटिंग वाली फंड्स में निवेश करता है तो डिफॉल्ट होने का चांस है. आमतौर पर फंड मैनेजर हाई क्रेडिट रेटिंग वाले फंड्स में निवेश करते हैं. हाई क्रेडिट रेटिंग फंड में निवेश करने से इंटरेस्ट रेट समय पर मिलता है. साथ ही मैच्योरिटी पर मूल धन भी मिलने में भी परेशानी नहीं होती है. इसके अलावा हाई क्रेडिट रेटिंग फंड में अन्य के मुकाबले कम उतार चढ़ाव होता है.

स्कीम से जुड़े रिस्क

डेट म्यूचुअल फंड्स भी तरह-तरह के होते हैं. डाइनेमिक बॉन्ड स्कीम्स में फंड मैनेजर लगातार अलग-अलग फंड्स में निवेश करते रहते हैं. नफा-नुकसान को ध्यान में रखते हुए वो लगातार फंड्स बदलते रहते हैं. ऐसे में अगर फंड मैनेजर का अनुमान गलत होता है तो आपको नुकसान हो सकता है.

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