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Mutual Fund: म्यूचुअल फंड से हर महीने मिलेगी गारंटेड इनकम, SWP कैसे करता है काम

SWP: क्या आप जानते हैं कि म्यूचुअल फंड के जरिए आप मंथली और गारंटेड इनकम का भी इंतजाम कर सकते हैं.

October 24, 2020 8:34 AM
SWP Mutual FundSWP: क्या आप जानते हैं कि म्यूचुअल फंड के जरिए आप मंथली और गारंटेड इनकम का भी इंतजाम कर सकते हैं.

What is SWP and how it works: आपने अक्सर विशेषज्ञों को यह कहते हुए सुना होगा कि अगर लांग टर्म फाइनेंशियन प्लानिंग करनी है तो म्यूचुअल फंड बेहतर विकल्प है. यहां इक्विटी के मुकाबले सुरक्षा और स्माल सेविंग्स स्कीम के मुकाबले ज्यादा रिटर्न मिलता है. म्यूचुअल फंड लंबी अवधि में आपकी दौलत को बढ़ाता ही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके जरिए आप मंथली और गारंटेड इनकम का भी इंतजाम कर सकते हैं. जी हां, म्यूचुअल फंड में अपने निवेश से नियमित आय भी हासिल कर सकते हैं. इसके लिए आपको सिस्टमैटिक विद्ड्रॉल प्लान यानि SWP चुनना होता है. जानते हैं क्या है SWP.

रेगुलर इनकम का जरिया

म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक विद्ड्रॉल प्लान आपके लिए रेगुलर इनकम का जरिया बन सकता है. यह खासतौर से उनके लिए अच्छा विकल्प है जो नौकरी से रिटायर्ड हो जाते हैं, या जिन्हें हर महीने कुछ अतिरिक्त आमदनी की जरूरत होती है. इसमें निवेशक अपनी जरूरत के हिसाब से खुद ही एक तय डेट चुनता है, जिस दिन उसके खाते में पैसा आ जाता है.

कैसे काम करता है SWP?

सिस्टेमैटिक विद्ड्रॉल प्लान (SWP) के जरिये निवेशक एक तय राशि म्यूचुअल फंड स्कीम से वापस पाते हैं. कितने समय में कितना पैसा निकालना है, यह विकल्प खुद निवेशक ही चुनते हैं. यह पैसा रोजाना, वीकली, मंथली, तिमाही, 6 महीन पर या सालाना आधार पर निकाला जा सकता है. वैसे मंथली ऑप्शन ज्यादा लोकप्रिय है. निवेशक चाहें तो केवल एक निश्चित रकम निकालें.

कैसे बनाएं टैक्स एफिसिएंट

म्यूचुअल फंड स्कीम से निकासी को रीडेम्पशन माना जाता है और इस पर चुनी गई स्कीम के आधार पर इक्विटी या डेट के लिए लागू टैक्स दरों के अनुसार अैक्स लगता है. लेकिन अगर आप सही तरीके से योजना बनाते हैं, तो आप अपनी निकासी टैक्स एफिसिएंट बना सकते हैं. डेट फंड की तरह अगर आप अपना एसडब्ल्यूपी शुरू किया है तो 36 महीने पूरे होने से पहले इससे होने वाले गेन को आपकी आय में जोड़ा जाएगा और लागू टैक्स रेट पर आपको टैक्स देना होगा. लेकिन अगर आप जल्दी योजना बनाते हैं, और 36 महीनों के बाद निकासी शुरू करते हैं, तो इससे होने वाले लाभ को गेंस माना जाएगा और इंडेक्शन के बाद 20 फीसदी टैक्स लगेगा. इसलिए जल्दी प्लानिंग करना टैक्स के लिहाज से बेनेफिट वाला होता है.

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SWP अधिक भरोसेमंद विकल्प

BPN फिनकैप के डायरेक्‍टर एके निगम का कहना है कि SWP भरोसेमंद विकल्प है. इसमें निवेश करने वाला अपने निवेश की खुद से कंट्रोल कर सकता है. SWP रेगुलर निकासी है, जिसके जरिये स्कीम से यूनिट को भुनाया जाता है. वहीं अगर तय समय बाद सरप्लस पैसा होता है तो वह आपको मिल जाता है. जहां तक टैक्स की बात है, इसमें वैसे ही टैक्स लगेगा जैसा इक्विटी और डेट फंड के मामले में लगता है. जहां होल्डिंग की अवधि 12 महीने से ज्यादा नहीं है, वहां निवेशकों को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स देना होगा. अगर किसी स्कीम में निवेश कर रहे हैं तो आप उसमें एसडब्लूपी विकल्प को एक्टिवेट कर सकते हैं.

SWP के लिए ये जानकारी जरूरी

आप किस फंड से SWP चलाना चाहते हैं. तनी राशि की SWP चाहते हैं. कितने समय तक SWP चलाना चहते हैं. महीने की निर्धारित तारीख बताना जरूरी. ये पैसे आपके फंड से यूनिट्स बिकने से मिलते हैं. फंड में पैसे खत्म हुए तो SWP बंद हो जाएगा.

SWP और SIP में अंतर

SIP में हर महीने निर्धारित राशि आपके खाते से कट जाती है. खाते से कटी राशि म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए जाती है. SWP में निर्धारित राशि आपके बैंक खाते में आ जाती है. SWP की राशि म्यूचुअल फंड यूनिट्स बिकने से आती है.

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