मोदी सरकार की देखें ये रिपोर्ट; कैसे होगी 35 हजार मंथली इनकम, वो भी सिर्फ 2 लाख निवेश में

आज के दौर में बहुत से युवा आपना खुद का काम तो शुरू करना चाहते हैं लेकिन उनके पास आइडिया नहीं होता है.

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आज के दौर में बहुत से युवा आपना खुद का काम तो शुरू करना चाहते हैं लेकिन उनके पास कई बार बेहतर आइडिया नहीं होता है. इसी वजह से कई बार वे गलत जगह पैसा लगा देते हैं और उम्मीद के अनुरूप रिजल्ट नहीं मिलता. लेकिन मोदी सरकार मुद्रा योजना के तहत आपको कारोबारी बनाने में मदद कर रही है. योजना के तहत कई कारोबार शुरू करने का आइडिया देने के लिए सरकार ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी बनाई है, जिससे कोई भी आसानी से उस कारोबार के फाइनेंशियल को समझ सकता है.

हमने भी इसी में एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट चुनी है, जिसमें टोमैटो केचप बनाने वाली यूनिट लगाने का आइडिया है. प्रोजेक्ट रिपोर्ट में यह समझाया गया है कि कितने खर्च में आप यूनिट शुरू कर सकते हैं. हर महीने कितने रॉ मटेरियल की जरूरत होगी. उतने रॉ मटेरियल में कितनी यूनिट तैयार होगी. सेट अप से लेकर मार्केटिंग पर कितना खर्च आएगा, कर्मचारियों का खर्च क्या होगा. लोन पर इंटरेस्ट क्या होगा. सभी खर्च काटने के बाद मुनाफा क्या होगा.

30,000 किलो सालाना प्रोडक्शन

प्रोजेक्ट रिपोर्ट में एक उदाहरण के तौर पर सालाना 30,000 किलो टोमैटो सॉस के प्रोडक्शन में लगने वाली लागत और सालाना टर्नओवर का अनुमान दिया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, 30000 किलो टोमैटो सॉस के प्रोडक्शन और बिक्री से 28.5 लाख रुपये टर्नओवर आएगा.

खर्च का आंकड़ा

फिक्स्ड कैपिटल: 30,000 किलो सालाना प्रोडक्शन के लिए टोमैटो सॉस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए पल्पर, स्टिरर्स, कंटेनर्स, वेसल्स, स्टीम जैकेटेड कैटल्स, फर्नीचर आदि मशीनरी और इक्विपमेंट पर खर्च 2 लाख रुपये होगा. इसे फिक्स्ड कैपिटल का नाम दिया गया है.

सैलरी का खर्च: मैनपावर पर सैलरी का खर्च 57000 रुपये आएगा, जिसमें 1 स्किल्ड वर्कर, 1 सेमी स्किल्ड वर्कर, 1 मैनेजर, 2 सेल्स पर्सन शामिल होंगे.

अन्य खर्च: बिजली, पानी, टेलीफोन, किराया जैसे यूटिलिटी व अन्य खर्चे 18500 रुपये के बैठेंगे.

वर्किंग कैपिटल: अब अगर वर्किंग कैपिटल की बात करें तो 30,000 किलो सॉस के सालाना प्रोडक्शन के लिए तीन माह के लिए टमाटर, अन्य सामग्री, पैकिंग रॉ मैटेरियल, सैलरी, यूटिलिटीज आदि सब पर कुल मिलाकर 5,82,000 रुपये वर्किंग कैपिटल की जरूरत होगी.

कुल लागत: इस तरह कुल मिलाकर एक 30,000 किलो सालाना प्रोडक्शन कैपेसिटी वाली टोमैटो सॉस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर लागत 7,82,000 रुपये आएगी.

निवेश करना होगा 2 लाख रुपये

7,82,000 रुपये की कुल लागत में से आपको अपनी ओर से 1,95,500 यानी लगभग 2 लाख रुपये लगाने होंगे. बाकी अमाउंट में से 1.5 लाख रुपये टर्म लोन और 4.36 लाख रुपये वर्किंग कैपिटल लोन के तौर पर मुद्रा स्कीम के तहत मिल जाएंगे.

सालाना 4 लाख का मुनाफा

प्रोजेक्ट रिपोर्ट के मुताबिक, इस टोमैटो सॉस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर सालाना प्रोडक्शन लागत 24.37 लाख रुपये आएगी. वहीं 30,000 किलो टोमैटो सॉस पर सालाना टर्नओवर 28.5 लाख रुपये होगा. इस तरह आपका टैक्स समेत नेट प्रॉफिट सालाना करीब 4 लाख रुपये रहेगा. अगर इसे मासिक आधार पर देखें तो यह लगभग 33000 से 34000 रुपये बैठेगा.

कितने दिन में शुरू होगा प्रोडक्शन

यूनिट लगाने के लिए सभी फॉर्मेलिटीज पूरी करने के बाद कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू करने में 1 साल का वक्त लगता है. टोमैटो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से किसी भी तरह का प्रदूषण नहीं फैलता है.

कैसे लें मुद्रा लोन

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन लेने के लिए आप किसी भी बैंक में अप्लाई कर सकते हैं. इसके लिए आपको एक फॉर्म भरना होगा, जिसमें नाम, पता, बिजनेस एड्रेस, एजुकेशन, मौजूदा इनकम और कि‍तना लोन चाहिए आदि जैसी डिटेल्स देनी होंगी. इसमें किसी तरह की प्रोसेसिंग फीस या गारंटी फीस भी नहीं देनी होती, साथ ही लोन का अमाउंट 5 साल में लौटा सकते हैं.

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