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इन म्यूचुअल फंड से जब चाहें तब निकालें पैसा; 1, 3 और 5 साल में FD से ऊंचा रहा है रिटर्न

एफडी जैसी स्माल सेविंग्स स्कीम पर ब्याज दरें जिस हिसाब से कम हो रही हैं, इन फंडों का आकर्षण और बढ़ गया है.

Published: June 18, 2020 2:57 PM
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कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ है, आगे भी दबाव बने रहने की उम्मीद है. निवेशकों का रूझान सुरक्षित निवेश की तरफ बढ़ रहा है. वहीं, अर्थव्यवस्था को वापस ग्रोथ की पटरी पर लाने के लिए आरबीआई ने पिछले दिनों तरलता बढ़ाने के उपायों के तहत ब्याज दरों में 2 बार में 1.15 फीसदी की कटौती की है. कई रिपोर्ट आगे भी दरों में 1 फीसदी तक कटौती की गुंजाइश बता रही हैं. फिलहाल इस कंडीशन में लिक्विड फंड एक बार फिर आकर्षक दिखने लगे हैं. एफडी जैसी स्माल सेविंग्स स्कीम पर ब्याज दरें जिस हिसाब से कम हो रही हैं, इन फंडों का आकर्षण और बढ़ गया है.

क्या होते हैं लिक्विड फंड

लिक्विड फंड डेट म्यूचुअल फंड हैं, जो गवर्नमेंट सिक्युरिटीज, सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट, ट्रेजरी बिल्स, कमर्शियल पेपर्स और दूसरे डेट इंस्टू्मेंट्स में निवेश करते हैं. ये ऐसे फंड होते हैं, जिनमें 91 दिन तक मेच्योरिटी पीरियड यानी छोटी अवधि के लिए भी निवेश किया जा सकता है. इनमें जोखिम भी कम होता है. लिक्विड फंड का दूसरा नाम है कैश फंड और इसका मकसद है – ज्यादा लिक्विडिटी, कम जोखिम और स्थिर रिटर्न.

1, 3, 5 और 10 साल का रिटर्न

लिक्विड फंडों का औसत रिटर्न देखें तो 1 साल में 5.31 फीसदी, 3 साल में 6.39 फीसदी, 5 साल में 6.74 फीसदी और 10 साल में 7.79 फीसदी रहा है. वहीं, बड़े बैंकों की बात करें तो 5 साल की एफडी पर ब्याज 5.7 फीसदी से 6.25 फीसदी के आस पास ही रह गया है. पीपीएफ, एनएससी, केवीपी जैसी स्कीम पर भी पर ब्याज जून तिमाही के लिए 1.4 फीसदी तक घटा है.

5 साल में टॉप रिटर्न देने वाले फंड

क्वांट लिक्विड फंड: 7.36 फीसदी
फ्रैंकलिन लिक्विड फंड: 7.21 फीसदी
बड़ौदा लिक्विड फंड: 7.15 फीसदी
आदित्य बिरला सनलाइफ लिक्विड फंड: 7.14 फीसदी
PGIM इंडिया इंस्टा कैश: 7.14 फीसदी
निप्पॉन इंडिया लिक्विड फंड: 7.13 फीसदी

लिक्विड फंडों के लाभ

  • लिक्विड फंडों की मेच्योरिटी 91 दिनों की होती है.
  • निवेशकों को इनमें बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट के जैसा ब्याज मिलता है.
  • इन स्कीम में निवेश के अगले दिन पैसा निकाला जा सकता है, यानी यह सेविंग्स अकाउंट की तरह भी काम करता है.
  • इनमें लिक्विडिटी की समस्या नहीं है.
  • लिक्विड फंड सेफ माने जाते हैं क्योंकि ये शॉर्ट टर्म के लिए बॉन्डों में निवेश करते हैं.
  • लिक्विड फंडों पर ब्‍याज दर के उतार-चढ़ाव का जोखिम सबसे कम होता है, क्‍योंकि प्राथमिक रूप से ये अल्‍पावधि की मेच्‍योरिटी वाले फिक्‍स्‍ड इनकम सिक्‍युरिटीज में निवेश करते हैं.

ऐसे चुनें अच्छा फंड

लिक्विड फंड के रिटर्न में ज्‍यादा असमानता नहीं होती है क्‍योंकि सभी लिक्विड फंड एक ही तरह की सिक्‍युरिटीज में निवेश करते हैं. हालांकि, जब आप लिक्विड फंड में निवेश का निर्णय कर लेते हैं तो यह जरूर देखिए कि जिस लिक्विड फंड में आप निवेश करने का मन बना चुके हैं उसके फंड की साइज क्‍या है यानि उसका कॉर्पस कितना है और फंड हाउस का इतिहास कैसा रहा है.

(नोट: यह लिक्विड फंड के बारे में जानकारी और और अलग अलग फंड की जानकारी प्रदर्शन के आधार पर दी गई है. फाइनेंशियल एक्सप्रेस किसी भी तरह के निवेश की सलाह नहीं देता है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर परामर्श कर लें.)

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