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Last minute tax saving: टैक्स सेविंग का अभी भी है मौका, ये 5 ऑप्शन बचाएंगे आपका पैसा

Last minute tax saving tips : यदि अभी तक आपने टैक्स सेविंग का प्लान नहीं किया है तो बस आपके पास आखिरी मौका है.

March 15, 2019 7:31 AM
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वित्त वर्ष 2018-19 समाप्त होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं. यदि अभी तक आपने टैक्स सेविंग का प्लान नहीं किया है तो बस आपके पास आखिरी मौका है. लेकिन, सावधान जल्दबाजी में टैक्स बचाने का कोई भी रास्ता न पकड़ ले. कहीं ऐसा न हो कि आप गलत इन्स्ट्रूमेंट में निवेश कर फंस जाए. इसलिए आखिरी क्षण में टैक्स प्लानिंग करते समय सतर्क और सावधान रहना चाहिए.

हम इसे प्रतीक के उदाहरण से समझते हैं.

प्रतीक 30 फीसदी टैक्स स्लैब के दायरे में आते हैं. अभी तक उन्होंने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए टैक्स प्लानिंग नहीं कर रखी है. अब प्रतीक को टैक्स सेविंग के लिए कुछ स्मार्ट ऑप्शन ही चुनना होगा. मसलन, इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत प्रतीक 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर 45 हजार रुपये की टैक्स बचत कर सकते हैं.

इसके अलावा सेक्शन 80CCD, 80D और 80G के तहत भी प्रतीक टैक्स बचा सकते हैं. आइए जानते हैं लॉस्ट मिनट में निवेश के ऐसे विकल्प जो आपकी टैक्स सेविंग में मदद कर सकते हैं.

पुराने टैक्स सेविंग निवेश को दोबारा निवेश करें

यह जरूरी नहीं कि आप हमेशा अधिक पैसे निवेश करे. जिन टैक्स सेविंग फंड्स का लॉक इन पीरियड पूरा हो गया है उनसे पैसा निकालकर दोबारा से टैक्स सेविंग इन्स्ट्रूमेंट में निवेश करें. ELSS जैसी टैक्स सेविंग स्कीम्स से आप तीन साल के बाद पैसा निकाल सकते हैं. दूसरी ओर PPF से आप छह साल के बाद आंशिक रूप से पैसा निकाल सकते हैं. खास बात यह है कि इन निवेश से होने वाली कमाई और मैच्योरिटी अधिकांश मामलों में टैक्स फ्री ही रहती है.

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदें

हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर आप सेक्शन 80D के तहत टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं. आपके पोर्टफोलियो के लिए हेल्थ इंश्योरेंस एक जरूरी प्रोडक्ट है. यह अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में आपके या आपके परिवार के बिल को कवर करता है. इसलिए, यदि आप आखिरी क्षण में भी टैक्स सेविंग का विकल्प ढूंढ रहे हैं, तो अपने फाइनेंशियल पोर्टफोलियो में हेल्थ इंश्योरेंस जरूर शामिल करें. सेक्शन 80D के तहत आप स्वयं, अपने जीवनसाथी और बच्चे के हेल्थ इंश्योरेंस पर 25 हजार रुपये टैक्स सेविंग कर सकते हैं. इसके अलावा 60 साल से ज्यादा के माता—पिता के लिए आप 50 हजार रुपये तक की सेविंग हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के जरिए कर सकते हैं. हालांकि प्रीमियम का भुगतान नॉन कैश मोड में होना चाहिए.

टर्म इंश्योरेंस कवर लें

अपने परिवार को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने के लिए टर्म इंश्योरेंस जरूर लें. आपात परिस्थिति में यह बहुत काम आता है. टर्म इंश्योरेंस का कवर आपकी सालाना इनकम का 10 से 20 गुना होना चाहिए. टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम कम होता है और धारा 80सी के तहत टैक्स छूट भी मिलती है. लॉस्ट मिनट में यह टैक्स सेविंग का अच्छा विकल्प है.

NPS में निवेश करें

नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) एक आकर्षक पेंशन स्कीम है, जो आपकी टैक्स देनदारी को कम कर सकती है. धारा 80सी के तहत निवेश पर 1.5 लाख रुपये तक लिमिट पूरी करने के बाद एनपीएस में निवेश पर आप धारा 80CCD के तहत 50 हजार रुपये की अतिरिक्त टैक्स सेविंग कर सकते हैं. हाल में हुए बदलावों के तहत एनपीएस के तहत पूरा कॉर्पस अब टैक्स फ्री होगा, जोकि पहले 40 फीसदी हुआ करता था. हालांकि एन्यूटी इनकम अभी भी टैक्स स्लैब के तहत टैक्सेबल है.

पात्र संस्थानों को दान

आप रिलीफ फंड या चैरिटिबल संस्था को दान देकर भी टैक्स सेविंग कर सकते हैं. धारा 80G के तहत इस रकम पर टैक्स छूट मिलती है. टैक्स छूट का दायरा इस बात पर निर्भर करता है कि आप जिस संस्था को दान दे रहे हैं वह किस तरह की है. यह ध्यान रखें कि केवल नोटिफाइड संस्थाओं को दान देने पर भी टैक्स में छूट का फायदा मिलता है.

– आदिल शेट्टी, सीईओ बैंक बाजार डॉट कॉम

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