मुख्य समाचार:
  1. जानिए क्या है Credit Score और Loan लेने वक्त यह कैसे बहुत जरुरी हो जाता है?

जानिए क्या है Credit Score और Loan लेने वक्त यह कैसे बहुत जरुरी हो जाता है?

आपका क्रेडिट स्कोर आम तौर पर 300 से 900 के बीच का एक नंबर होता है जिसका कैलकुलेशन आपके क्रेडिट कार्ड के इतिहास और लोन के इस्तेमाल के आधार पर किया जाता है.

July 25, 2018 5:41 PM
what is credit score, credit score, credit score check, credit score check free, credit score check free online, credit score check in india, credit score check by aadhar card, credit score check for loan, know your credit scoreआपका क्रेडिट स्कोर आम तौर पर 300 से 900 के बीच का एक नंबर होता है जिसका कैलकुलेशन आपके क्रेडिट कार्ड के इतिहास और लोन के इस्तेमाल के आधार पर किया जाता है. (Reuters)

आपका क्रेडिट स्कोर, आपकी क्रेडिबिलिटी की एक संख्यात्मक अभिव्यक्ति है. दिन पर दिन इसका महत्व बढ़ता जा रहा है. आजकल अधिकांश उधारदाता आपको लोन देने का फैसला करने से पहले आपका क्रेडिट स्कोर देखते हैं. आपका क्रेडिट स्कोर आम तौर पर 300 से 900 के बीच का एक नंबर होता है जिसका कैलकुलेशन आपके क्रेडिट कार्ड के इतिहास और लोन के इस्तेमाल के आधार पर किया जाता है. उधारदाता आपका स्कोर देखकर आपको उधार देकर उठाए जाने वाले कुछ जोखिमों को समझने में सक्षम हो सकते हैं. क्रेडिट स्कोर के साथ एक विस्तृत क्रेडिट रिपोर्ट भी मिलती है जिसमें आपके उधार के इतिहास का संक्षिप्त विवरण होता है. आपका स्कोर कई कारकों पर आधारित होता है. आइए उन पर एक नजर डालते हैं.

पेमेंट का इतिहास

एक अच्छा क्रेडिट स्कोर हासिल करने में इसका सबसे बड़ा योगदान होता है. समय पर पेमेंट करने का एक अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड होने पर एक अच्छा क्रेडिट स्कोर मिलता है. यह बात सिर्फ क्रेडिट कार्ड के लिए ही नहीं बल्कि लोन के अन्य सभी साधनों जैसे होम लोन, कार लोन, इत्यादि के लिए भी सही है. लेट पेमेंट, सेटलमेंट, और डिफ़ॉल्ट के कारण आपका स्कोर नीचे चला जाता है और इनमें समय पर सुधार न करने पर वापस अच्छी स्थिति में लौटने में काफी समय लग सकता है.

क्रेडिट का इस्तेमाल

इसका पता मुख्य रूप से इस बात से लगाया जाता है कि आप अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कैसे करते हैं. आपके स्कोर पर इसका बहुत गहरा असर पड़ता है. अपनी क्रेडिट सीमा का अत्यधिक इस्तेमाल करने पर आपका स्कोर कम हो सकता है. आपको अपनी क्रेडिट सीमा के 20 से 30 फीसदी से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए तभी आपका स्कोर अच्छा बना रह सकता है. इसके अलावा आपको अपना पूरा क्रेडिट कार्ड बैलेंस भी क्लियर करना पड़ता है वर्ना वह अगले स्टेटमेंट में शामिल हो जाता है जिससे वह आपके क्रेडिट उपयोग स्कोर में फिर से दिखाई देने लगता है.

क्रेडिट लाइनों की उम्र

इसका मतलब है कि आपके लोन अकाउंट और क्रेडिट कार्ड अकाउंट कितने पुराने हैं. अधिक लम्बी क्रेडिट लाइनों का मतलब है कि आप एक जिम्मेदार उधारकर्ता हैं और आप लम्बे समय से अपनी बकाया रकम का भुगतान करते आ रहे हैं. आपके कुल स्कोर पर इसका मध्यम या बहुत गहरा असर पड़ता है. उदाहरण के लिए, यदि आपके पास कई साल से एक क्रेडिट कार्ड अकाउंट है तो इसका मतलब है कि आप लम्बे समय से अपना बकाया चुकाने में सक्षम हैं और इसीलिए आपका अकाउंट अभी भी एक्टिव है.

एक्टिव अकाउंट्स की संख्या

आपके क्रेडिट स्कोर पर इसका बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ता है लेकिन फिर भी यह आपके क्रेडिट स्कोर कैलकुलेशन का एक हिस्सा है. इसमें सभी एक्टिव अकाउंट्स की एक विस्तृत सूची रहती है, चाहे वह लोन या करंट या सेविंग्स अकाउंट हो. यह निगेटिव अकाउंट्स पर भी गौर करता है जिन्हें शायद बैलेंस मेन्टेन न कर पाने के कारण बंद कर दिया गया हो.

क्रेडिट इनक्वायरी

क्रेडिट इनक्वायरी, दो तरह की होती है – हार्ड इनक्वायरी और सॉफ्ट इनक्वायरी. हार्ड इनक्वायरी, बैंकों और फाइनेंशियल कंपनियों द्वारा की जाती है. हाल ही में कई बार इनक्वायरी का मतलब है कि आप क्रेडिट के लिए बेताब हैं और आपके स्कोर पर इसका मध्यम प्रभाव पड़ेगा. सॉफ्ट क्वेरी या इनक्वायरी आपके द्वारा अपना खुद का स्कोर चेक करने के लिए की गई क्वेरी या इनक्वायरी है और आपके स्कोर पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है.

इस के लेखक बैंक बाज़ार के सीईओ आदिल शेट्टी हैं.

Go to Top