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EPF: शादी के बाद न भूलें ये छोटा सा काम, नहीं तो फंस सकता है प्रोविडेंट फंड का पैसा

EPF/EPS: सब्सक्राइबर की शादी होने के बाद ईपीएफ और ईपीएस में उसका नॉमिनेशन रद्द हो जाता है.

April 30, 2020 2:08 PM
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यदि आप एक सैलरीड कर्मचारी हैं, तो आप अपने एम्प्लॉयर से मिलने वाली मंथली सैलरी में से एक हिस्सा ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) में योगदान करते हैं. यह एक रिटायरमेंट फंड हैं, जहां सैलरीड कर्मचरियों को योगदान करना जरूरी होता है. वहीं हर सेविंग्स से जुड़े निवेया की ही तरह यहां भी रजिस्ट्रेशन के समय नॉनिम का उल्लेख करना जरूरी होता है. जिससे अगर किसी कारणवश सब्सक्राइबर की डेथ हो जाए तो नॉमिनी को इस फंड का पैसा मिल सके.

यदि आप EPF के सदस्य हैं, तो आप बाई डिफाल्ट EPS (कर्मचारी पेंशन योजना) के सदस्य भी हैं. सैलरीड कर्मचारी द्वारा योगदान किए गए वेतन का पूरा 12 फीसदी हिस्सा ईपीएफ में जाता है, जबकि एम्प्लॉयर का अंशदान ईपीएस में 8.33 फीसदी, ईपीएफ पर 3.67 फीसदी और 0.5 फीसदी कर्मचारी की डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम में जाता है.

क्या है नॉमिनेशन के नियम

आप कोई नौकरी शुरू करते हैं तो अमूमन पहले दिन कंपनी द्वारा आपसे एक फार्म भरवाया जाता है. इसके जरिए प्रोविडेंट फंड में आपका रजिस्ट्रेशन होता है. उस फॉर्म में आपको अपनी डिटेल के साथ नॉमिनी का नाम भी भरना होता है. ऐसा इसलिए होता है कि अगर किसी वजह से सब्सक्राइबर की डेथ हो जाए तो प्रोविडेंट फंड का पूरा पैसा नॉमिनी को मिल जाए. यह नॉमिनी ज्यादातर आपके परिवार का ही सदस्य होता है.

पुरूष सदस्य के लिए परिवार का मतलब

अगर शादी हो गई है तो स्पाउस का नाम
बच्चों का नाम
शादी न होने पर पैरेंट्स का नाम दिया जाता है
मृतक बेटे की पत्नी और बच्चों का नाम

महिला सदस्य के लिए परिवार का मतलब

स्पाउस का नाम
बच्चों का नाम
आश्रित माता-पिता का नाम
सास-ससुर का नाम
मृतक बेटे की पत्नी और बच्चों का नाम

कब नॉमिनेशन अमान्य हो जाता है

सब्सक्राइबर की शादी होने के बाद ईपीएफ और ईपीएस में उसका नॉमिनेशन रद्द हो जाता है. कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) स्कीम, 1952 के नियमों में इस बात का जिक्र किया गया है. नियम के मुताबिक, शादी से पहले ईपीएफ और ईपीएस के लिए सदस्य जो भी नॉमिनेशन करता है, शादी के बाद ये इनवैलिड (अमान्य) हो जाता है. यानी शादी के बाद फिर नॉमिनेशन करने की जरूरत होती है. ऐसे में शादी के बाद अगर आप नया नॉमिनेशन नहीं करते हैं तो किसी खास परिस्थिति में आपका फंड फंस सकता है. अगर शादी के बाद नॉमिनेशन नहीं किया और किसी कारण से डेथ हो गई तो EPF फंड में जमा हुई पूरी रकम परिवार के सदस्यों में बराबर-बराबर बांट दी जाएगी. अगर व्यक्ति शादीशुदा नहीं है तो रकम आश्रित माता-पिता को दी जाएगी.

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Tags:EPFEPFO

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