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इलाज के भारी खर्च में मददगार है हेल्थ इश्योरेंस; जान लें क्लेम प्रॉसेस वर्ना छोटी चूक से हो जाएगी बड़ी मुसीबत

स्वास्थ्य बीमा के जरिए आप अस्पताल में भर्ती होने के नाम पर भारी-भरकम खर्च की अदायगी की चिंता से मुक्त रहते हैं.

June 2, 2019 7:11 AM
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Health Insurance: जब आप बीमार होते हैं और हॉस्पिटल के भारी खर्च की सोचकर परेशान रहते हैं तो ऐसे समय में स्वास्थ्य बीमा बहुत मदद करता है. इसके जरिए आप अस्पताल में भर्ती होने के नाम पर भारी-भरकम खर्च की अदायगी की चिंता से मुक्त रहते हैं. हालांकि स्वास्थ्य बीमा का फायदा उठाने के लिए जरूरी है कि आप उचित तरीके से पूरी प्रक्रिया अपनाएं और इसे निर्धारित समय के भीतर पूरा करें. स्वास्थ्य बीमा का फायदा दो तरीके से लिया जा सकता है, एक तो आप डायरेक्ट क्लेम सेटलमेंट ऑप्शन का चयन कर सकते हैं और दूसरा रिइंबर्स्ड तरीके से.

2 तरीके से हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम का सेटलमेंट

पॉलिसीबाजार की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक हेल्थ इंश्योरेंस का क्लेम सेटलमेंट दो तरीके से होता है. एक तरीका कैशलेस है. हालांकि इस तरीके से क्लेम सेटलमेंट के लिए जरूरी है कि बीमित व्यक्ति किसी नेटवर्क हॉस्पिटल में भर्ती हो. इस तरीके से क्लेम सेटलमेंट में बीमित व्यक्ति को सिर्फ क्लेम प्रॉसेस शुरू करना होता है और अस्पताल में उसका बिल बीमा कंपनी भरती है.
क्लेम सेटलमेंट का दूसरा तरीका रिइंबर्समेंट है. इसमें नेटवर्क या नॉन-नेटवर्क दोनों तरह के अस्पताल में भर्ती होने पर क्लेम सेटलमेंट होता है. इसके तहत बीमित व्यक्ति को पहले अपने सभी खर्चे खुद अस्पताल को भुगतान करने होते हैं, इसके बाद बीमा कंपनी उसे सभी खर्च का भुगतान कर देती है.

इस तरह शुरू करें Health Insurance Claim Process

  • सबसे पहले आप अस्पताल के इंश्योरेंस हेल्पडेस्क पर जाएं.
  • वहां अपना आईडी कार्ड दिखाएं जो बीमा कंपनी ने आपको दिया है.
  • इसके बाद अस्पताल बीमा कंपनी के पास प्री-ऑथराइजेशन फॉर्म जमा करेगा.
  • बीमा कंपनी सभी दस्तावजों की जांच करेगा और सभी टर्म्स एंड कंडीशंस के तहत क्लेम प्रॉसेस शुरू करेगा.
  • कुछ बीमा कंपनियां एक फील्ड डॉक्टर भी असाइन करती हैं जो बीमित व्यक्ति के लिए हॉस्पिटलाइजेशन प्रॉसेस को और आसान बना देते हैं.
  • सभी फॉर्मेलिटीज पूरी होने के बाद क्लेम का सेटलमेंट हो जाता है.

इमरजेंसी भर्ती में 24 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को दें सूचना

कभी-कभी ऐसा होता है कि आपको अस्पताल में इमरजेंसी की स्थिति में भर्ती होना पड़ जाता है. ऐसी परिस्थिति में बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर कांटैक्ट करें और 24 घंटे के भीतर प्री-ऑथराइजेशन फॉर्म कंपनी को फैक्स कर दें. टोल-फ्री नंबर और फैक्स नंबर पॉलिसी डॉक्युमेट्स या इंश्योरेंस आईडी कार्ड पर होता है.

महत्त्वपूर्ण परिस्थितियां, जिनका ख्याल रखें

  • ऑथराइजेशन फॉर्म अगर अधूरा भरा गया है तो यह प्रॉसेस रद्द हो सकता है.
  • डिस्चार्ज होने के 30 दिनों के भीतर क्लेम के लिए आवेदन कर दें.
  • बीमित व्यक्ति को सभी गैर-भुगतान वाले सामानों का पेमेंट खुद करना होता है.
  • एंटायर पोस्ट-हॉस्पिटलाइजेशन एक्सपेंसेज के क्लेम के लिए डिस्चार्ज होने के 30 दिनों के भीतर सभी डॉक्युमेंट्स जमा करने होते हैं.

जरूरी डॉक्युमेंट्स की सूची

  • हेल्थ कार्ड
  • डॉक्टर के सभी कंसल्टेशन पेपर
  • पूरी तरह से भरा हुआ क्लेम फॉर्म
  • सीटी स्कैन, एक्स-रे और ब्लड रिपोर्ट जैसी सभी जाचं रिपोर्ट
  • दुर्घटना की स्थिति में मेडिको लीगल सर्टिफिकेट (एमएलसी) या एफआईआर
  • दवाओं का बिल
  • डिस्चार्ज समरी
    (इसमें से हेल्थ कार्ड को छोड़कर शेष डॉक्युमेंट्स ओरिजिनल जमा करने होते हैं.)

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