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क्या NPS आपके लिए एक अच्छा रिटायरमेंट विकल्प है? इसके फायदे-नुकसान को जानिए

NPS में किया जाने वाला निवेश, 2 अकाउंट अर्थात् TIER I और TIER II के माध्यम से किया जा सकता है.

April 26, 2018 4:03 PM
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रिटायरमेंट उन्मुखी निवेशों के लिए काफी प्लानिंग करनी पड़ती है बशर्ते वे दीर्घकालिक हों और उन्हें छोटे से मध्यम आकार का होना चाहिए लेकिन समय-समय पर उनमें नियमित रूप से पैसे जमा करने पड़ते हैं. हम जल्दी से रिटायरमेंट की प्लानिंग शुरू करने की जरूरत को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं जो कि एक बहुत बड़ी गलती है जिससे हमारे प्रोफेशनल करियर के अंत में हमारे ऊपर अतिरिक्त बोझ आ जाता है.

इसके अलावा, सही रिटायरमेंट विकल्प चुनना भी बहुत जरूरी है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपके पास 60 साल के बाद एक चिंता मुक्त जिंदगी होगी. और इसके लिए सिर्फ अपने EPFO पर निर्भर न रहें क्योंकि वह आपके रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं भी हो सकता है. जबकि PPF और 5-वर्षीय FD जैसे अन्य लोकप्रिय विकल्पों का निर्माण, EPF योगदान के अलावा एक अतिरिक्त आवर्ती बचत के रूप में रिटायरमेंट के करीब पहुँचने वाले लोगों के लिए किया गया है, लेकिन आप नेशनल पेंशन स्कीम या NPS में भी निवेश कर सकते हैं.

NPS, बाजार में उपलब्ध अन्य पेंशन योजनाओं की तुलना में एक नई योजना है और अभी से लगभग 9 साल से गैर सरकारी कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध हो गया है. यह योजना, EPF के विपरीत एक स्वैच्छिक योगदान योजना है लेकिन यह EPF की तरह ही है जो उन लोगों को आकर्षित करती है जो अपने रिटायरमेंट की प्लानिंग करना चाहते हैं.

NPS अकाउंट्स के प्रकार

NPS में किया जाने वाला निवेश, 2 अकाउंट अर्थात् TIER I और TIER II के माध्यम से किया जा सकता है.

TIER I यह एक अनिवार्य पेंशन अकाउंट है जहां निवेश का चयन, आवेदक की उम्र के अनुसार अपने आप किया जाता है. इस अकाउंट से संचित धनराशि को निकालने और उसका इस्तेमाल करने पर कुछ प्रतिबंध हैं. NPS द्वारा प्रदान किए जाने वाले सारे टैक्स ब्रेक, सिर्फ टियर I अकाउंटों पर ही लागू हो सकते हैं.

TIER II यह एक निवेश अकाउंट है जहाँ आवेदक को विभिन्न संयोजनों में इक्विटी, कॉर्पोरेट बॉन्ड्स और सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने का विकल्प मिलता है. पूर्व-मौजूदा टियर I अकाउंटों के सब्स्क्राइबर, जब चाहे तब पैसे जमा कर सकते हैं और निकाल सकते हैं. यह एक म्यूच्यूअल फंड के निवेश अकाउंट की तरह है.

ठीक अन्य प्रकार के निवेशों की तरह, NPS के अपने कुछ लाभ और नुकसान है, जिसके आधार पर आपको यह तय करना चाहिए कि यह योजना आपके लिए उपयुक्त है या नहीं. यहां इस योजना में निवेश करने के कुछ आम फायदे- नुकसान के बारे में बताया गया है:

NPS में निवेश करने के फायदे

  • निवेश करने की कोई अधिकतम सीमा नहीं और धारा 80C की 1,50,000 रु. की सीमा से ऊपर 80CCD(1b) के अंतर्गत 50,000 रु. की अतिरिक्त टैक्स बचत
  • इक्विटी और डेब्ट के बीच खुद अपना एसेट आवंटन चुनने की सुविधा
  • पेंशन फंड मैनेजरों को बदलने का विकल्प
  • सम्पूर्ण पूंजी सुरक्षा
  • भारतीय नागरिक और NRI दोनों के लिए उपलब्ध
  • टियर II अकाउंट से किसी भी समय पैसे निकाले जा सकते हैं

NPS में निवेश करने से नुकसान

  • टियर 1 में जमा किए गए पैसे की लिक्विडिटी बेहद कम है क्योंकि पैसे निकालने के नियम बड़े कठोर हैं
  • अकाउंट को सक्रिय रखने के लिए हर साल कम से कम 6,000 रुपये का योगदान करना जरूरी है
  • पेंशन फंड मैनेजर का चयन करने और अकाउंट शुरू करने की प्रक्रिया जटिल है
  • टियर 1 से टियर 2 में फंड ट्रांसफर करना संभव नहीं है लेकिन इसके विपरीत टियर 2 से टियर 1 में फंड ट्रांसफर करने की अनुमति है
  • टियर II अकाउंट के लिए कोई टैक्स लाभ नहीं
  • मैच्योरिटी के समय मिलने वाली रकम पर टैक्स लगेगा
  • रिटर्न के ब्याज दर की कोई गारंटी नहीं

इस लेख के लेखक, बैंक बाजार डॉट कॉम के सीईओ आदिल शेट्टी हैं.

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