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  1. खुशखबरी! अगले चार महीनों तक गोल्ड में निवेश का शानदार मौका, जान लें डिटेल होगा फायदा

खुशखबरी! अगले चार महीनों तक गोल्ड में निवेश का शानदार मौका, जान लें डिटेल होगा फायदा

लोकसभा चुनाव के कारण अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर पर सोवरेन गोल्ड बॉन्ड्स नहीं जारी किया जा सका था.

June 2, 2019 7:03 AM
Sovereign Gold Bonds, SGB, Government of India, Reserve Bank of India, RBI, individuals, HUFs, Trusts, Universities, Charitable Institutions, NSE, BSE, how to invest in Sovereign Gold Bonds, gold bonds,1 ग्राम की यूनिट के आधार पर कर सकेंगे निवेश

लोकसभा चुनाव के कारण अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर पर Sovereign Gold Bonds (SGB) नहीं जारी किया जा सका था. इसकी वजह से केंद्र सरकार प्रत्यक्ष कर की वसूली के अपने लक्ष्य को पाने से 15 फीसदी के अंतर से चूक गई थी. अब सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है. केंद्रीय बैंक RBI के साथ विमर्श कर केंद्र सरकार ने जून से लेकर सितंबर तक हर महीने सोवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी करने का निर्णय लिया है. सरकार के इस फैसले से निवेशकों लगातार चार महीने तक गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने का मौका मिलेगा. इसमें स्माल फाइनेंस बैंक व पेमेंट बैंक को छोड़कर सभी शेड्यूल्ड कॉमर्शियल बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL), कुछ डाकघरों और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के जरिए ऑनलाइन या ऑफलाइन निवेश किया जा सकता है.

Sovereign Gold Bonds, SGB, Government of India, Reserve Bank of India, RBI, individuals, HUFs, Trusts, Universities, Charitable Institutions, NSE, BSE, how to invest in Sovereign Gold Bonds, gold bonds,लगातार चार महीने तक इन बॉन्ड में निवेश कर सकेंगे.

1 ग्राम की यूनिट के आधार पर कर सकेंगे निवेश

RBI की गाइडलाइन्स के मुताबिक, ये बॉन्ड एक ग्राम के गोल्ड के गुणक में होंगे और इसके जरिए सिर्फ भारतीय नागरिक, हिंदू गैर विभाजित परिवार, ट्रस्‍ट, यूनिवर्सिटी और चैरिटेबल इंस्टीट्यूशंस ही निवेश कर सकती हैं. कोई शख्स एक वित्त वर्ष में मिनिमम 1 ग्राम और मैक्सिमम 4 किलोग्राम तक वैल्यू का बॉन्ड खरीद सकता है. हालांकि किसी ट्रस्ट के लिए खरीद की अधिकतम सीमा 20 किग्रा, एचयूएफ के लिए 4 किग्रा है. इसे खरीदने के लिए केवाईसी नॉर्म्स भी पूरा करने होंगे और इसके लिए वही प्रक्रिया है जैसे आप फिजिकल गोल्ड या सामान्य निवेशकों के लिए होता है. वोटर आईडी, आधार कार्ड, पैन, टैन या पासपोर्ट को पहचान के तौर पर प्रयोग कर सकते हैं.

20 हजार रुपये तक ही कैश पेमेंट संभव

बॉन्ड की खरीदारी में सिर्फ 20 हजार रुपये तक का ही कैश पेमेंट किया जा सकता है. कैश के अलावा बॉन्ड को डिमांड ड्राफ्ट, चेक या इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग के जरिए किया जा सकता है. ऑनलाइन पेमेंट करने पर हर ग्राम पर 50 रुपये की छूट भी मिलेगी. इसकी कीमत इंडिया बूलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा 999 प्योरिटी वाले गोल्ड की औसत कीमत के आधार पर रुपये में तय किया जाएगा. यह औसत कीमत सब्सक्रिप्शन पीरियड से ठीक पहले वाले हफ्ते के अंतिम तीन कामकाजी दिनों के आधार पर तय होगा.

8 साल की मेच्योरिटी अवधि, 5 साल के बाद एग्जिट ऑप्शन

सोवरेन गोल्ड बॉन्ड को 8 साल की अवधि के लिए जारी किया जाएगा. हालांकि 5 साल के बाद इसमें एग्जिट ऑप्शन भी है. होल्डिंग के दौरान निवेशकों को सालाना 2.5 फीसदी का ब्याज मिलेगा जो नॉमिनल वैल्यू पर छमाही तय होगा. हालांकि इस ब्याज पर इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत टैक्स देना होगा. एग्जिट ऑप्शन चुनने के बाद रिडेंप्शन प्राइस पिछले तीन वर्किंग डेज के औसत प्राइस के आधार पर तय किया जाएगा. यह प्राइस आईबीजेए द्वारा पब्लिश की जाती है. ये बॉन्ड स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड भी होते हैं, जिसके कारण इसे कभी भी कैश कराया जा सकता है. कैपिटल गेन टैक्स पर निवेशकों को एग्जेंप्शन का फायदा भी है.

(स्टोरी: अमिताव चक्रवर्ती)

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