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Post Office की इन 2 स्कीम में पाइए 8.7% तक सालाना ब्याज, पैसा डूबने की नहीं रहेगी टेंशन

इस वक्त इन दोनों स्कीम्स में पोस्ट आॅफिस की किसी भी स्कीम से सबसे ज्यादा ब्याज मिल रहा है.

November 12, 2018 4:08 PM
india post senior citizen savings scheme and sukanya samriddhi provide anuual interest of more than 8 percentकिसी परिस्थिति में अगर पोस्टल डिपार्टमेंट निवेशकों की रकम लौटाने में फेल हो जाए तो यहां सरकार आगे बढ़कर निवेशकों के पैसों की गारंटी लेती है. (PTI)

अगर आप सेविंग्स पर अच्छा ब्याज पाना चाहते हैं तो पोस्ट आॅफिस इसके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. यहां दो सेविंग्स स्कीम पर 8.7 फीसदी सालाना तक का ब्याज मिल रहा है. ये स्कीम्स हैं सुकन्या समृद्धि और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम. इस वक्त इन दोनों स्कीम्स में पोस्ट आॅफिस की किसी भी स्कीम से सबसे ज्यादा ब्याज मिल रहा है.
आइए बताते हैं इन स्कीम्स के बारे में—

सुकन्या समृद्धि स्कीम

सुकन्या समृद्धि स्कीम पर सालाना 8.5 फीसदी का ब्याज मिल रहा है. यह पोस्ट आॅफिस की किसी भी सेविंग्स स्कीम के ब्याज में सबसे ज्यादा है. इस स्‍कीम के तहत कस्‍टमर अपनी बच्‍ची के फ्यूचर के लिए अकाउंट खुलवा सकते हैं. एक बच्ची के नाम पर एक ही अकाउंट खुलवाया जा सकता है और एक माता-पिता मैक्सिमम 2 ही अकाउंट खुलवा सकते हैं, फिर भले ही उनकी बच्चियां 2 से ज्यादा हों.

इसमें एक वित्त वर्ष के अंदर मिनिमम 250 रुपये और मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये जमा करने का प्रावधान है. अगर एक वित्‍त वर्ष के अंदर न्‍यूनतम डिपॉजिट नहीं होता है तो अकाउंट डिसकंटीन्‍यू हो जाता है. इसके बाद 50 रुपये प्रति वर्ष की पेनल्‍टी भरने के बाद ही इसे रिवाइव किया जा सकता है. साथ ही मिनिमम अमाउंट भी डिपॉजिट करना होगा.

अगर अकाउंट को पेनल्‍टी भरकर रिवाइव नहीं किया जाता है तो फिर यह पोस्‍ट ऑफिस का नॉर्मल सेविंग्‍स अकाउंट बन जाता है और इसमें मौजूद कुल अमाउंट पर इंट्रेस्‍ट भी उसी हिसाब से मिलता है.

इस स्‍कीम के अकाउंट को 21 साल पूरे होने के बाद ही बंद किया जा सकता है. हालांकि बच्‍ची के 18 साल की होने के बाद नॉर्मल प्रीमैच्‍योर क्‍लोजर की अनुमति है. साथ ही बच्‍ची की शादी के बाद भी वह इसे क्‍लोज कर सकती है. बच्‍ची के 18 साल का होने के बाद वह इस अकाउंट से आंशिक तौर पर विदड्रॉल कर सकती है. इस विदड्रॉल की लिमिट वित्त वर्ष खत्‍म होने पर अकाउंट में मौजूद बैलेंस का 50 फीसदी तक है. इसमें मैक्सिमम 15 साल तक निवेश किया जा सकता है.

india post senior citizen savings scheme and sukanya samriddhi provide anuual interest of more than 8 percentImage: Reuters

सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)

पोस्ट आॅफिस SCSS पर 8.7 फीसदी सालाना ब्याज दे रहा है. 60 साल या उससे ज्यादा की उम्र का कोई भी व्यक्ति इस स्कीम का लाभ ले सकता है. इसके अलावा अगर किसी ने 55 साल या उससे ज्यादा लेकिन 60 साल से कम उम्र पर ​जल्दी रिटायरमेंट ले लिया है तो वह भी SCSS के तहत अकाउंट खुलवा सकता है. इसे एकल या ज्वॉइंट में खोल सकते हैं. स्कीम में अधिकतम 15 लाख रुपये ही लगाए जा सकते हैं. इसमें नॉमिनेशन की सुविधा भी मौजूद है.

कस्टमर चाहे तो अकाउंट को एक पोस्ट आॅफिस से दूसरे में ट्रांसफर करा सकता है. SCSS के तहत किसी भी पोस्ट आॅफिस में कितने ही अकाउंट खुलवाए जा सकते हैं लेकिन उन सभी का बैलेंस मिलाकर 15 लाख रुपये से ज्यादा नहीं हो सकता. इसमें ब्याज तिमाही आधार पर मिलता है, जो अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी के पहले वर्किंग डे में क्रेडिट कर दिया जाता है.

इस स्कीम का मैच्योरिटी पीरियड 5 साल है, हालांकि इसमें प्रीमैच्‍योर विदड्रॉल सुविधा मौजूद है. प्रीमैच्‍योर विदड्रॉल 1 साल की अवधि के बाद ही किया जा सकता है. 1 साल बाद ऐसा करने पर डिपॉजिट का 1.5 फीसदी चार्ज के रूप में काटा जाता है, वहीं 2 साल बाद 1 फीसदी अमाउंट कटता है. अगर मैच्‍योरिटी पीरियड खत्‍म होने के बाद आप इसे आगे भी जारी रखना चाहते हैं तो इसके लिए मैच्‍योरिटी के एक साल के अंदर आपको एप्‍लीकेशन देनी होगी. इसके बाद इस स्‍कीम को और 3 सालों के लिए बढ़ा दिया जाएगा. लेकिन अगर आप तय अवधि के अंदर एप्‍लीकेशन नहीं देते हैं तो पोस्‍ट ऑफिस द्वारा बिना किसी डिडक्‍शन अकाउंट क्‍लोज कर दिया जाता है. इस स्कीम के तहत सालाना 10000 रुपये से ज्यादा ब्याज टैक्स के दायरे में आता है.

india post senior citizen savings scheme and sukanya samriddhi provide anuual interest of more than 8 percentImage: PTI

कैसे है पूरे पैसे की सेफ्टी की गारंटी

अगर कोई बैंक डिफॉल्‍ट कर जाता है या दिवालिया हो जाता है तो ऐसे में DICGC यानी डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन बैंक में कस्टमर्स के सिर्फ 1 लाख रुपये की सुरक्षा की गारंटी देता है. यह नियम बैंक की सभी ब्रांच पर लागू होता है. इसमें मूलधन और ब्‍याज दोनों को शामिल किया जाता है. यानी अगर किसी बैंक में आपका कुल जमा 4 लाख है तो बैंक के डिफॉल्ट करने पर आपके सिर्फ 1 लाख रुपये ही सुरक्षित माने जाएंगे. बाकी के पैसे मिलने की गारंटी नहीं होगी. अगर एक से ज्यादा अकाउंट हैं तो सभी अकाउंट का बैलेंस जोड़कर केवल 1 लाख तक जमा को ही सुरक्षित माना जाएगा.

पोस्ट ऑफिस कैसे 100% सुरक्षित

अगर पोस्टल डिपार्टमेंट रकम लौटाने में फेल हो तो पोस्ट ऑफिस के जमा पैसों पर सॉवरेन गारंटी होती है. यानी किसी परिस्थिति में अगर पोस्टल डिपार्टमेंट निवेशकों की रकम लौटाने में फेल हो जाए तो यहां सरकार आगे बढ़कर निवेशकों के पैसों की गारंटी लेती है. किसी स्थिति में आपका पैसा फंसने नहीं पाता है. पोस्ट ऑफिस स्कीम में जमा पैसों का इस्तेमाल सरकार अपने कामों के लिए करती है. इसी वजह से इन पैसों पर सरकार गारंटी भी देती है.

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