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Tax Saving: इन 11 सोर्स से हुई आय पर नहीं लगता टैक्स, लेकिन शर्तें भी हैं लागू

कुछ स्त्रोत ऐसे भी हैं, जहां से होने वाली आय टैक्स के दायरे में नहीं आती.

January 21, 2020 9:43 AM
Income tax saving: income from these sources is non taxable, tax free earningsImage: Reuters

भारत में रहने वाले किसी व्यक्ति की सालाना आय अगर 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है तो वह आयकर के दायरे में आता है. नौकरीपेशा व्यक्ति के मामले में वेतन से होने वाली आय के अलावा कुछ अन्य स्त्रोतों से हुई आय भी आयकर के तहत आती है. इन स्त्रोतों में बचत से आने वाला ब्याज, घर से हो रही कमाई, साइड बिजनेस, कैपिटल गेन्स जैसी कई चीजें शामिल हैं. यानी टैक्स कुल मिलाकर आपकी पूरी आय पर लगता है. लेकिन कुछ स्त्रोत ऐसे भी हैं, जहां से होने वाली आय टैक्स के दायरे में नहीं आती. आइए बताते हैं ऐसे ही कुछ टैक्स फ्री इनकम सोर्स के बारे में-

खेती से हुई आय

अगर आप किसान हैं तो खेती से होने वाली आय पूरी तरह टैक्स फ्री है, फिर चाहे यह कितने ही बड़े अमाउंट में क्यों न हो.

गिफ्ट

भारत में आयकर कानून, 1961 के सेक्शन 56(2)(x) के तहत गिफ्ट्स पर टैक्स लगता है. लेकिन अगर गिफ्ट आपको शादी पर दोस्तों और रिश्तेदारों से मिले हैं तो इन पर टैक्स नहीं देना होगा. हालांकि शर्त यह है कि ये गिफ्ट 50000 रुपये से ज्यादा के नहीं होने चाहिए. एक अन्य शर्त यह भी है कि गिफ्ट शादी की तारीख या उसके आस-पास की तारीख पर मिलने चाहिए, न कि साल-छह महीने बाद.

आयकर कानून में यह भी उल्लिखित है कि कुछ खास लोगों या रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट टैक्स के दायरे में नहीं आएंगे. फिर भले ही वे 50000 रुपये से ज्यादा के क्यों न हों. ये ​इस तरह हैं…

  • पति या पत्नी से मिला गिफ्ट
  • भाई या बहन से मिला गिफ्ट
  • पति या पत्नी के भाई या बहन से मिला गिफ्ट
  • माता-पिता के भाई या बहन से मिला गिफ्ट
  • विरासत या वसीयत में मिला ​गिफ्ट या प्रॉपर्टी
  • पति या पत्नी के किसी निकटतम पूर्वज या वंशज से मिला गिफ्ट
  • हिंदु अनडिवाइडेड फैमिली के मामले में किसी भी मेंबर से मिला गिफ्ट
  • लोकल अथॉरिटी जैसे पंचायत, म्यूनिसपलिटी, म्यूनिसपल कमेटी और डिस्ट्रिक्ट बोर्ड, कैंटोनमेंट बोर्ड से मिला गिफ्ट
  • सेक्शन 10 (23C) में उल्लिखित किसी फंड/फाउंडेशन/यूनिवर्सिटी या अन्य एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन, हॉस्पिटल या अन्य मेडिकल इंस्टीट्यूशन, ट्रस्ट या इंस्टीट्यूशन से मिला गिफ्ट
  • सेक्शन 12A या 12AA के तहत रजिस्टर किसी चैरिटेबल या धार्मिक ट्रस्ट से मिला गिफ्ट

HUF से मिली रकम

अविभाजित हिन्दू परिवार (HUF) से मिली रकम या विरासत के रूप में हुई आमदनी को आयकर के दायरे से बाहर रखा गया है. आयकर कानून के सेक्शन 10(2) के तहत इस तरह का प्रावधान है.

ग्रैच्युटी अमाउंट

अगर कोई इंप्लॉई किसी ऑर्गेनाइजेशन में लगातार 5 साल काम कर चुका है तो उसके बाद नौकरी छोड़ने पर उसे ग्रैच्युटी मिलती है और यह टैक्स छूट के दायरे में आती है. लेकिन इसकी एक शर्त है, वह यह कि सरकारी कर्मचारी के मामले में 20 लाख रुपये तक की ग्रैच्युटी ही टैक्स फ्री है. वहीं प्राइवेट इंप्लॉई के मामले में केवल 10 लाख रुपये तक का ग्रैच्युटी अमाउंट टैक्स फ्री है.

EPF

अगर कोई इंप्लॉई लगातार 5 साल नौकरी करने के बाद अपना इंप्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) निकालता है तो यह टैक्स फ्री होगा. लेकिन अगर 5 साल की नौकरी पूरी होने से पहले ही EPF अमाउंट निकाला जाता है तो इस पर टैक्स देना होगा.

NRE सेविंग/FD अकाउंट का ब्याज

NRI को NRE (नॉन रेजिडेंट एक्सटर्नल) खाते पर मिलने वाला ब्याज भारत में पूरी तरह टैक्स फ्री है. इसमें NRE सेविंग अकाउंट और NRE FD (फिक्स डिपॉजिट) दोनों तरह के अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज शामिल है.

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VRS में मिली रकम

अगर कोई सरकारी कर्मचारी रिटायरमेंट से पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS लेता है तो उसे मिलने वाली राशि में 5 लाख रुपये तक का अमाउंट टैक्स फ्री होगा. लेकिन यह सुविधा केवल सरकारी कर्मचारियों तक ही सीमित है. 5 लाख से ज्यादा के VRS अमाउंट पर टैक्स देय होगा.

पार्टनरशिप फर्म के रूप में मिला प्रॉफिट

अगर आप किसी फर्म में पार्टनर हैं तो प्रॉफिट के शेयर के तौर पर मिली राशि टैक्स देनदारी से मुक्त है. इसकी वजह है कि कंपनी पहले ही इस पर टैक्स दे चुकी होती है. हालांकि ध्यान रहे कि टैक्स छूट सिर्फ प्रॉफिट पर है, सैलरी पर नहीं.

PPF अमाउंंट

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक ऐसा निवेश विकल्प है, जो पूरी तरह टैक्स फ्री है. इसमें निवेश किया जाने वाला पैसा, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने पर मिलने वाली रकम तीनों टैक्स फ्री हैं. इसे EEE कैटेगरी कहा जाता है.

एजुकेशनल स्कॉलरशिप

स्टडी या रिसर्च के लिए सरकार या प्राइवेट ऑर्गेनाइजेशन से मिली स्कॉलरशिप टैक्स के दायरे में नहीं आती. स्कूल से लेकर कॉलेज लेवल और विदेशों में पढ़ाई के दौरान मिलने वाली हर तरह की एजुकेशनल स्कॉलरशिप टैक्स फ्री है.

मां-बाप से मिला पैसा और प्रॉपर्टी

अगर किसी करदाता को अपने माता-पिता से या पारिवारिक विरासत में प्रॉपर्टी, जेवर या कैश मिला है तो यह टैक्स के दायरे में नहीं आता है. वसीयत के माध्यम से मिलने वाली प्रॉपर्टी या कैश पर भी आयकर नहीं बनता है. हालांकि आयकर विभाग करदाता से इस ट्रांजेक्शन को लेकर सवाल कर सकता है. तब करदाता को साबित करना होगा कि रकम या प्रॉपर्टी आदि माता—​पिता से या वसीयत से या खानदानी विरासत के तौर पर मिले हैं.

अगर करदाता मिली हुई रकम को ​इन्वेस्ट कर कमाई करता है और प्रॉपर्टी को भी आगे चलकर कमाई या ब्याज हासिल करने का जरिया बनाता है तो फिर उसे इनसे आने वाली अर्निंग पर टैक्स देना होगा.

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