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Income Tax Return: देर से आईटीआर फाइल करने पर लगती है पेनाल्टी, लेकिन सब पर नहीं लगता ये जुर्माना, जानिए क्या है नियम

वित्त वर्ष 2021-22 या AY 2022-23 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई, 2022 है.

Income Tax Return: देर से आईटीआर फाइल करने पर लगती है पेनाल्टी, लेकिन सब पर नहीं लगता ये जुर्माना, जानिए क्या है नियम
डेडलाइन समाप्त होने के बाद सभी को आईटीआर दाखिल करने के लिए लेट फीस देना जरूरी नहीं है.

Income Tax Return: वित्त वर्ष 2021-22 या AY 2022-23 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई, 2022 है. अगर आप डेडलाइन तक आईटीआर फाइल नहीं कर पाते हैं, तो आपको देर से आईटीआर फाइल करते समय पेनाल्टी देनी होगी. हालांकि, कुछ ऐसे लोग हैं जो आईटीआर फाइलिंग की डेडलाइन समाप्त होने के बाद भी जुर्माना अदा किए बिना अपना आईटीआर दाखिल कर सकते हैं. आइए जानते हैं कि वो कौन से लोग हैं जो जुर्माना अदा किए बिना आईटीआर फाइल कर सकते हैं.

इनकम टैक्स से जुड़े कानूनों के अनुसार, डेडलाइन समाप्त होने के बाद सभी को आईटीआर दाखिल करने के लिए लेट फीस देना जरूरी नहीं है. अगर कोई शख्स जिसकी ग्रॉस टोटल इनकम बेसिक छूट सीमा से अधिक नहीं है, तो उसे देर से आईटीआर फाइल करते समय जुर्माना नहीं देना होगा. अगर ग्रॉस टोटल इनकम, बेसिक छूट सीमा से अधिक नहीं है, तो आईटीआर पर धारा 234F के तहत कोई लेट फीस नहीं लगता है.

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क्या कहते हैं कानून

वर्तमान टैक्स कानूनों के अनुसार, किसी व्यक्ति के लिए लागू बेसिक टैक्स छूट सीमा उसके द्वारा चुने गए टैक्स रिजीम पर निर्भर करता है. अगर कोई शख्स नए टैक्स रिजीम का विकल्प चुनता है, तो उसकी बेसिक छूट सीमा 2.5 लाख रुपये होगी, चाहे वह किसी भी उम्र का हो. हालांकि, यदि कोई शख्स पुराने टैक्स रिजीम का विकल्प चुनता है, तो बेसिक छूट सीमा व्यक्ति की उम्र पर निर्भर करती है. वर्तमान में, 60 वर्ष से कम उम्र के रेसिडेंट इंडिविजुअल के लिए बेसिक छूट सीमा 2.5 लाख रुपये है. 60 वर्ष और उससे अधिक लेकिन 80 वर्ष से कम आयु के सीनियर सिटीजन्स के लिए 3 लाख रुपये तक की आय कर से मुक्त है. सुपर सीनियर सिटीजन्स (80 वर्ष से अधिक आयु वालों) के लिए बेसिक छूट सीमा 5 लाख रुपये तक है.

ऊपर बताए गए नियम के अपवाद

हालांकि, ऊपर बताए गए नियम के दो अपवाद हैं. नियम का पहला अपवाद के तहत कुछ सेक्शन के लिए आईटीआर दाखिल करना अनिवार्य है, भले ही उनकी ग्रॉस टोटल इनकम बेसिक छूट सीमा से अधिक न हो. अगर कोई व्यक्ति धारा 139(1) के सातवें प्रावधान में दिए गए किसी भी शर्त को पूरा करता है, तो उसे वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अनिवार्य रूप से आईटीआर दाखिल करना होगा. ऐसा नहीं करने पर धारा 234F के तहत शुल्क लगाया जाएगा.

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धारा 139(1) के सातवें प्रावधान के तहत आने वाले लोग

  • जिन लोगों ने किसी बैंकिंग कंपनी या को-ऑपरेटिव बैंक में रखे एक या अधिक करंट अकाउंट्स में एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि या कुल राशि जमा की है, या
  • जिसने किसी फॉरेन कंट्री की यात्रा के लिए अपने या किसी अन्य व्यक्ति के लिए 2 लाख रुपये से अधिक की राशि या कुल राशि खर्च किया है, या
  • जिन्होंने बिजली की खपत के लिए एक लाख रुपये से अधिक की राशि या कुल राशि का खर्च किया है.

अगर आप ऊपर दिए गए किसी भी शर्त के कारण आईटीआर दाखिल करना चाहते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप समय सीमा से पहले अपना टैक्स रिटर्न दाखिल कर लें. नहीं तो लेट फीस देना होगा, भले ही आपकी ग्रॉस टोटल इनकम टैक्सेबल लिमिट से कम हो.

(इनपुट-Tax2win)

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