ITR Filing 2018: Income Tax Return दाख़िल करने से पहले तैयार रखें यह जरुरी डाक्यूमेंट्स

चाहे आप सैलरी पर काम करते हों या अपना खुद का कोई कारोबार करते हों, सभी को आम तौर पर एक जैसे दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है.

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The Ministry of Finance has introduced a fee for default in income tax return filing under section 234F

इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त अब बस कुछ ही सप्ताह दूर है, इसलिए आराम से टैक्स रिटर्न फ़ाइल करने के लिए अपने सभी टैक्स संबंधी दस्तावेजों को इकठ्ठा करने का समय आ गया है. इससे आपकी फाइलिंग प्रक्रिया सिर्फ तेज ही नहीं होगी बल्कि अनजाने में कोई गलती होने और कोई जानकारी छूटने की संभावना भी कम हो जाएगी.

यहां उन सभी महत्वपूर्ण टैक्स संबंधी दस्तावेजों के बारे में बताया जा रहा है जिन्हें आपको फाइनेंशियल वर्ष 2017-18 के लिए अपना आईटीआर फ़ाइल करने से पहले तैयार करके रख लेना चाहिए.

सामान्य दस्तावेज

चाहे आप सैलरी पर काम करते हों या अपना खुद का कोई कारोबार करते हों, सभी को आम तौर पर एक जैसे दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है. हर बार अपना आईटीआर फ़ाइल करते समय आपको इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी. इसलिए, भविष्य में इनका इस्तेमाल करने के लिए इन्हें एक साथ किसी सुरक्षित स्थान में रख लेना बेहतर होता है.

  • पैन: आपका पैन नंबर, आपके टैक्स से जुड़ी सभी जानकारियों के लिए आवश्यक सबसे महत्वपूर्ण फाइनेंशियल विवरण है. यह नंबर, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ई-फाइलिंग वेबसाइट के लिए एक यूजर आईडी की भूमिका भी निभाता है. इसके लिए आपको सिर्फ अपना पैन नंबर पता होना चाहिए, पैन कार्ड का होना जरूरी नहीं है, लेकिन फिर भी अपने पैन कार्ड की एक हार्ड कॉपी को सुरक्षित रखना जरूरी है.
  • आधार: ठीक आपके पैन नंबर की तरह, आसानी से आईटीआर फ़ाइल करने और आधार-आधारित ओटीपी का इस्तेमाल करके उसे ई-वेरिफाई करने के लिए आपको अपने आधार नंबर की भी जरूरत पड़ती है. ई-वेरिफिकेशन सिर्फ तभी हो पाएगा जब आपका आधार आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और पैन नंबर से जुड़ा होगा.
  • बैंक अकाउंट स्टेटमेंट: आपको अपनी कुल टैक्स देनदारी का हिसाब निकालने से पहले संबंधित फाइनेंशियल वर्ष के लिए अपने सभी बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट भी निकालकर रख लेना चाहिए. आपको अपने टैक्स रिटर्न के दौरान खुलासा करने के लिए ख़ास तौर पर अपने अकाउंट के माध्यम से किए गए बड़े-बड़े लेनदेनों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है.
  • रिवाइज्ड आईटीआर फाइलिंग के लिए ओरिजिनल आईटीआर: अपने आईटीआर में कोई जानकारी छूट जाने पर या कोई गलती हो जाने पर एक रिवाइज्ड आईटीआर फ़ाइल करके उसे ठीक करना पड़ता है और ऐसा करने के लिए आपको पिछली बार फ़ाइल किए गए आईटीआर की कॉपी की जरूरत पड़ती है.

फॉर्म 16

फॉर्म 16 को सैलरी सर्टिफिकेट के नाम से भी जाना जाता है जिसे सैलरी पर काम करने वाले लोगों को उनके एम्प्लॉयर द्वारा जारी किया जाता है। इसमें, दी गई सैलरी, स्रोत पर काटे गए टीडीएस, छूट, कटौती, इत्यादि का विवरण रहता है. एक फाइनेंशियल वर्ष में अपनी नौकरी बदलने वाले लोगों को अपने सभी पिछले एम्प्लॉयरों से फॉर्म 16 प्राप्त कर लेना चाहिए. आईटीआर फ़ाइल करते समय अपनी सैलरी से होने वाली
आमदनी को दर्ज करने के लिए और कुल टैक्सेबल आमदनी में उसे शामिल करने के लिए आपके पास सैलरी स्लिप मौजूद न रहने पर इससे काफी मदद मिलती है.

फॉर्म 16A

फॉर्म 16A में, सैलरी से होने वाली आमदनी के अलावा आपकी आमदनी पर काटे गए सभी टीडीएस का भी विवरण रहता है. जो लोग अपनी इच्छा से काम करते (फ्रीलैंसर) हैं या अपना खुद का रोजगार करते (सेल्फ-एम्प्लॉयड) हैं या परियोजना-आधारित कार्य करते हैं और साथ में उनका टीडीएस भी कटता है उन लोगों को उनके क्लाइंट के द्वारा उनके पेमेंट में से काटे गए टैक्स के लिए फॉर्म 16A जारी किया जाता है.

फॉर्म 12B

एक फाइनेंशियल वर्ष के बीच में एक नई कंपनी ज्वाइन करने वाले कर्मचारियों को इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 26A के अनुसार नए एम्प्लॉयर के पास फॉर्म 12B सबमिट करना चाहिए. फॉर्म 12B सबमिट करना जरूरी नहीं है, फिर भी इससे नए एम्प्लॉयर को उस कर्मचारी के पिछले फाइनेंशियल लेनदेनों की जानकारी हासिल करने में काफी मदद मिलती है. उसके बाद नया एम्प्लॉयर, फाइनेंशियल वर्ष के अंत में उसे एक कंसोलिडेटेड फॉर्म 16 जारी कर सकता है.

फॉर्म 26AS

फॉर्म 26AS, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा जारी किया जाने वाला एक टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट या एक वार्षिक स्टेटमेंट है. फॉर्म 26AS में आपके द्वारा या आपकी तरफ से दिए गए किसी एडवांस टैक्स या सेल्फ-एसेसमेंट टैक्स सहित सभी टैक्स का विवरण रहता है. फॉर्म 26AS को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ट्रेसेस पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है.

निवेश संबंधी दस्तावेज

निवेश से जुड़े दस्तावेज, ख़ास तौर पर टैक्स बचाने वाले साधनों जैसे हेल्थ इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस, तरह-तरह की चैरिटी को दिए गए दान, लोन की अदायगी, टैक्स सेविंग एफडी इत्यादि में किए गए निवेश से जुड़े सभी दस्तावेजों को एक साथ एक जगह रखना चाहिए ताकि टैक्स रिटर्न फ़ाइल करते समय टैक्स कटौती के लिए उन सभी का इस्तेमाल किया जा सके.

इंटरेस्ट सर्टिफिकेट

इंटरेस्ट सर्टिफिकेट या ब्याज प्रमाणपत्र एक ऐसा फॉर्म है जिसमें आपके सभी फिक्स्ड डिपोजिट पर काटे गए टीडीएस का विवरण रहता है. इंटरेस्ट सर्टिफिकेट ख़ास तौर पर फाइनेंशियल वर्ष के दौरान नॉन-टैक्सेबल इनकम के लिए या कटौती की सुविधा प्राप्त करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस के रिवर्सल के लिए फॉर्म 15G या 15H का इस्तेमाल करते समय काफी उपयोगी साबित हो सकता है.

इसके लेखक बैंकबाज़ार के सीईओ आदिल शेट्टी हैं.

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