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Income Tax Return 2018-19: ITR जमा करते वक्त न करें यह 10 गलतियां

ITR 2018-19: यदि आप अपने टैक्स को दर्ज करने में गलतियां करते हैं, तो आप रिफंड से वंचित रह जाएंगे और साथ ही दंड भी भुगतना पड़ सकता है.

August 3, 2018 3:30 PM
income tax return mistake, how to rectify income tax return online, tax return, itr filing, tax return filing, tax return filing last date, tax return online filing, income tax return online for salaried employee, income tax return online procedureयदि आप अपने टैक्स को दर्ज करने में गलतियां करते हैं, तो आप रिफंड से वंचित रह जाएंगे और साथ ही दंड भी भुगतना पड़ सकता है.

ITR 2018: यदि आप नौकरीपेशा हैं तो आपका आयकर स्वतः ही आपकी आय से कट जाता होगा, हालंकि अगर आपका अपना व्यवसाय है तो आप साल में चार बार अपना आयकर भरते होंगे. लेकिन ऐसी सुविधा, असुविधा आपको आईटीआर फाइल करते समय नहीं मिलती है. यह करदाताओं के लिए सालाना एक बार होने वाली गतिविधि है, शर्त बस यह है कि आपसे कोई गलती न हुई हो. “गलतियां उन सभी चीजों के साथ होती हैं जो हम अक्सर या नियमित रूप से नहीं करते हैं. एच एंड आर ब्लॉक इंडिया के टैक्स रेसर्च के प्रमुख चेतन चंदक कहते हैं, “यदि आप अपने टैक्स को दर्ज करने में गलतियां करते हैं, तो आप रिफंड से वंचित रह जाएंगे और साथ ही दंड भी भुगतना होगा और अभियोजन पक्ष का सामना भी करना पड़ सकता है.

Income Tax Return: जानिए वो 10 गलतियां जो लोग अपना टैक्स रिटर्न फाइल करने में करते हैं:

  •  ITR जमा करिए

ऐसा सोचना बहुत गलत है कि आपके टैक्स चुकाने के बाद आपकी जिम्मेदारियां खत्म हो जाती हैं. यदि वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए आपकी आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है, तो आपको आयकर रिटर्न दाखिल करना होता है तो याद रखें कि इस आय की गणना कटौतियों के लेखांकन से पहले की जाती है.

  •  ई-फाइलिंग जरुरी है

सरकार आपको ऑफलाइन रूप से टैक्स रिटर्न फाइल करने या इसे ऑनलाइन जमा करने का विकल्प देती है. हालांकि, “यदि आपकी आय 5 लाख रुपये से अधिक है, तो आपको टैक्स रिटर्न को ई-फाइल करना अनिवार्य होता है. लेकिन यदि आप एक वरिष्ठ नागरिक हैं, तो आपको टैक्स रिटर्न ऑफलाइन फाइल करने की छूट है.

  •  फॉर्म 26AS ध्यान से पढ़ें

फॉर्म 26 एएस या टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट आपके द्वारा किए गए करों के भुगतान का सभी महत्वपूर्ण विवरण दे देते हैं. अपनी टैक्स वापसी दर्ज करने से पहले इसे जरुर जांच लें. यह टैक्स गणना में किसी भी तरह की गलती से आपको बचाएगा जिससे आप एक सटीक टैक्स रिटर्न फाइल कर पाएंगे.

  •  गलत व्यक्तिगत जानकरी न दें

कल्पना करें कि क्या होगा यदि आपकी धनवापसी किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते में चली जाए या आपकी धनवापसी गलत पते पर पहुंचा जाए. आईटीआर में किसी भी तरह की गलती करने से इस तरह के कई मुद्दे पैदा हो सकते हैं. इसीलिए टैक्स रिटर्न बड़ी सतर्कता के साथ फाइल करें.

  •  कम सैलरी न बताएं

याद रखें कि टैक्स से बचने के लिए अपनी आय छिपाना एक अपराध है. यदि ऐसा करने पर आप पकड़े जाते है तो आपको भारी दंड के साथ जेल भी जाना पड़ सकता हैं. इन दिनों, टैक्स विभाग आसानी से आपके पैन के माध्यम से आपकी आय को ट्रैक कर सकता है. इसीलिए आपको सलाह दी जाती है कि आप अपनी पूरी आय बताएं और समय पर टैक्स रिटर्न फाइल करें.

  •  गलत आईटीआर फॉर्म न भरें

आयकर विभाग ने कई आईटीआर फॉर्म निर्धारित किए हैं. आपको अपने टैक्स को दर्ज करने के लिए सावधानी से अपना आईटीआर चुनना होगा, अन्यथा, टैक्स विभाग इसे अस्वीकार कर देगा और आपको संशोधित रिटर्न दाखिल करने के लिए कहा जाएगा.

  •  FD के बारे में पूरी बात समझिए

आपके बचत खाते से 10,000 रुपये तक की ब्याज टैक्स फ्री है लेकिन आपके एफडी से कमाई गयी ब्याज आय पर टैक्स फ्री नहीं है.

  •  टैक्स नेट से पैसे बचाएं

ऐसी बहुत सी आय है जो कर मुक्त है. जैसे यदि आपके पास बचत बैंक खाते से स्टॉक या ब्याज आय से लाभांश आय है तो आप अपने आईटीआर में कर विभाग को सूचित करके टैक्स नेट से अच्छी राशि बचा सकते हैं.

  •  टैक्स रिटर्न को वेरीफाई करें

पहली बार टैक्स फाइल करने वाले लोग यह गलती बहुत अधिक करते हैं. वह सोचते हैं कि उनके द्वारा टैक्स रिटर्न भरने के बाद उनका काम खत्म हो गया है. आपको टैक्स रिटर्न फाइल करने के बाद उसे सत्यापित भी करना होता हैं. चंदक कहते हैं, “यदि आप अपने टैक्स को ई-फाइल करते हैं, तो आप आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल से अपने टैक्स को ई-सत्यापित कर सकते हैं या आईटीआर-वी की एक मुद्रित और हस्ताक्षरित प्रति भेजकर सीपीसी-बेंगलुरू भेज सकते हैं.”

  •  गलत रिटर्न दाखिल कर दिया?

यदि आपने अपनी आय या बचत गलत दर्ज कर दी है तो परेशान होने की जरुरत नहीं है क्योंकि आप संशोधित रिटर्न दाखिल करके रिटर्न को सही कर सकते हैं. इस वित्तीय वर्ष से, आपको केवल एक वर्ष मिलेगा अपनी रिटर्न संशोधित करने में, इसकी गणना प्रासंगिक वित्तीय वर्ष के बाद ही की जाती है. इसलिए, अगर आपके द्वारा दायर रिटर्न में कोई गलती मिलती है, तो आपको कोई कार्रवाई करने से पहले टैक्स विभाग से नोटिस का इंतजार नहीं करना चाहिए. इसके बजाए, आपको तुरंत संशोधित एक फाइल दर्ज करनी चाहिए.

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