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Income Tax: 10,000 रु से ज्यादा है लायबिलिटी, तो 30 जून से पहले कर दें एडवांस टैक्स का भुगतान

सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए एडवांस टैक्स के भुगतान की तारीख को बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया है.

Published: May 30, 2020 4:29 PM
income tax is your liability more than ten thousand then pay advance tax before june 30सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए एडवांस टैक्स के भुगतान की तारीख को बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया है.

अपनी हाल ही में हुई प्रेस कॉन्फ्रस के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वार्षिक साल 2020-21 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की तारीख को जुलाई/अक्टूबर 2020 से बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 करने का एलान किया था. केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए एडवांस टैक्स के भुगतान की तारीख को भी बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया है. इनकम टैक्स रिटर्न फािल करने की आखिरी तारीख बढ़ने से उन लोगों को फायदा होगा जिन्हें एडवांस टैक्स का भुगतान नहीं करना होता है.

हालांकि, जो टैक्सपेयर्स एडवांस टैक्स के ब्रैकेट में आते हैं, उन्हें सुझाव है कि वे 30 जून से पहले टैक्स जमा कर दें, जिससे टैक्स लायबिलिटी पर कोई ब्याज न हो. यह बात इंटरनेशनल ट्रेड काउंसिल इन इंडिया के चेयरमैन और समीर मित्तल एंड एसोसिएट्स LLP के मैनेजिंग पार्टनर समीर मित्तल ने कही है.

मित्तल ने FE ऑनलाइन को बताया कि मुख्य तौर पर सेक्शन 234 A/B/C और 234E में एडवांस टैक्स और इनकम टैक्स रिटर्न में देरी पर जुर्माना और दंड होते हैं. उन्होंने समझाया कि टैक्सपेयर्स को आईटीआर फाइलिंग और एडवांस टैक्स पेमेंट की तारीख के बढ़ने से क्या समझना चाहिए.

मित्तल ने कहा कि रिटर्न फाइल करने की तारीख बढ़ने के बाद भी एडवांस टैक्स का 30 जून से पहले नहीं भुगतान करने पर ब्याज लगेगा. रिटर्न फाइल की तारीख बढ़ने से सेक्शन 234A के अंदर ब्याज और सेक्शन 234E के तहत इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग में देरी पर जुर्माना से राहत मिलेगी. लेकिन सेक्शन 234B और 234C के तहत 30 जून के बाद भी वित्त वर्ष 2019-20 से संबंधित टैक्स के भुगतान में हर देरी के लिए ब्याज लगता रहेगा.

ITR की तारीख आगे बढ़ने से कौन फायदा ले सकता है ?

मित्तल ने कहा कि जो व्यक्ति एडवांस टैक्स के ब्रैकट में नहीं आता है, वह इस राहत को ले सकता है. हालांकि, उन्होंने सुझाव दिया कि सभी टैक्सपेयर्स वित्त वर्ष 2019-20 से जुड़ी सभी टैक्स लायबिलिटी का भुगतान 30 जून 2020 से पहले कर लें, जिससे वे टैक्स पर ब्याज बचा सकें और ब्याज और जुर्माने से बचने के लिए तारीख से पहले ही रिटर्न फाइल कर लें.

सेक्शन 234E जिसमें इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग में देरी पर जुर्माना शामिल है, वह तब लागू नहीं होगा, इगर व्यक्ति बढ़ी हुई तारीख से पहले अपना रिटर्न फाइल कर देता है.

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एडवांस टैक्स

मित्तल ने बताया कि जो टैक्सपेयर्स एडवांस टैक्स की सीमा के तहत आते हैं, वे 30 जून से पहले अपनी टैक्स लायबिलिटी का भुगतान कर लें. अगर आर तारीख से पहले बकाये टैक्स का भुगतान नहीं करते हैं, तो ब्याज लग सकता है.

एडवांस टैक्स किसे भुगतान करने की जरूरत है ?

मित्तल ने कहा कि इनकम टैक्स कानून के तहत, अगर टैक्सपेयर की टैक्स लायबिलिटी 10,000 रुपये से ज्यादा है (सिवाए सीनियर सिटीजन जिनकी बिजनेस इनकम नहीं है), तो टैक्सपेयर्स को एडवांस टैक्स का भुगतान करना पड़ता है.

(स्टोरी: राजीव कुमार)

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