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AY 2020-21 में कितना बचेगा आपका इनकम टैक्स, इस तरह करें कैलकुलेशन

मोदी सरकार ने बजट में मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देते हुए 5 लाख रुपये तक की सालाना आय को टैक्स फ्री कर दिया.

February 5, 2019 4:59 PM

income tax calculation for different income limit

Income Tax: मोदी सरकार ने अंतरिम बजट 2019 में मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देते हुए 5 लाख रुपये तक की सालाना आय को टैक्स फ्री कर दिया. हालांकि यह राहत टैक्स रिबेट के तौर पर दी गई. टैक्स रिबेट का अर्थ है कि सरकार एक निश्चित लिमिट तक टैक्स बनने पर उसे माफ कर देती है.

इस रिबेट की लिमिट पहले 2500 रुपये थी और यह 3.5 लाख रुपये तक की टैक्सबेल इनकम वालों को ही मिलता था. अब बजट 2019 में इस रिबेट को बढ़ाकर 12500 रुपये कर दिया गया है और अब यह 5 लाख रुपये तक की टैक्सेबल इनकम वालों को मिलेगा. इस लिहाज से 5 लाख रुपये तक की सालाना आय वालों को शून्य टैक्स पे करना होगा.

टैक्स एक्सपर्ट व सीए समीर गोगिया का कहना है कि इस बढ़े हुए रिबेट का फायदा लेते हुए विभिन्न तरह की टैक्स सेविंग स्कीम के जरिए 10 लाख रुपये तक सालाना इनकम वाले भी अपना टैक्स शून्य कर सकते हैं.

दूसरी ओर, सवाल यह है कि अगर किसी तरह का कोई इन्वेस्टमेंट नहीं है तो बढ़े हुए रिबेट के बाद कितना टैक्स चुकाना होगा? साथ ही अलग-अलग सैलरी लिमिट के लिए टैक्स कितना रहेगा? आइए कुछ उदाहरणों के जरिए जानते हैं पूरी कैलकुलेशन-

3 लाख रु ग्रॉस इनकम पर

income tax calculation for different income limit

8 लाख रु ग्रॉस इनकम पर

 

income tax calculation for different income limit

ऐसे हुआ टैक्स कैलकुलेट

8 लाख रुपये ग्रॉस इनकम में से स्टैंडर्ड डिडक्शन घटाने के बाद आए अमाउंट को दो ब्रैकेट 5 लाख तक और उससे उपर में बांटा. इसके बाद 5 लाख तक इनकम वाले ब्रैकेट में से 2.5 लाख रुपये की टैक्स फ्री इनकम लिमिट घटाई और बचे हुए 2.5 लाख रुपये पर इस ब्रैकेट के लिए तय 5 फीसदी की दर से टैक्स कैलकुलेट किया. यह अमाउंट 12500 रुपये बना.

अब दूसरे बचे 5 लाख रुपये से उपर के अमाउंट पर इस ब्रैकेट के लिए तय 20 फीसदी की दर से टैक्स कैलकुलेट किया. आए हुए अमाउंट में 12500 रुपये जोड़कर आए अमाउंट पर 4 फीसदी की दर से सेस लगाया. इस तरह पूरा टैक्स कैलकुलेट हुआ.

12 लाख रु ग्रॉस इनकम पर

 

income tax calculation for different income limit

ऐसे हुआ कैलकुलेट

12 लाख रुपये ग्रॉस इनकम में से स्टैंडर्ड डिडक्शन घटाने के बाद आए अमाउंट को तीन ब्रैकेट 2.5—5 लाख, 5 लाख—10 लाख और उससे उपर में बांटा. इसके बाद शुरू के 5 लाख में से 2.5 लाख रुपये की टैक्स फ्री इनकम लिमिट घटाई और बचे हुए 2.5 लाख रुपये पर इस ब्रैकेट के लिए तय 5 फीसदी की दर से टैक्स कैलकुलेट किया. यह अमाउंट 12500 रुपये बना.

अब 5-10 लाख वाले ब्रैकेट में आए 5 लाख रुपये पर इस ब्रैकेट के लिए तय 20 फीसदी की दर से टैक्स कैलकुलेट किया. तीसरे और आखिरी 10 लाख रुपये से उपर के अमाउंट को 10 लाख रुपये से ज्यादा वाले ब्रैकेट में रखते हुए इसके लिए तय 30 फीसदी की दर से टैक्स कैलकुलेट किया. हर ब्रैकेट पर टैक्स कैलकुलेशन के बाद आए तीनों अमाउंट को जोड़कर बने कुल टैक्स अमाउंट पर 4 फीसदी की दर से सेस लगाया. इस तरह पूरा टैक्स कैलकुलेट हुआ.

 

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