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NPS: VRS लेने वालों के लिए अलग हैं नियम, 5 प्वॉइंट में समझें

NPS में 18 साल से लेकर 60 साल तक का कोई भी व्यक्ति निवेश कर सकता है.

November 12, 2019 7:43 AM

Important Things to Know If You Want to Exit NPS Before Reaching Retirement Age, nps rules for those who are opting vrs

नेंशनल पेंशन स्कीम (NPS) केन्द्र सरकार और पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) की निवेश स्कीम है. इसमें नौकरी काल के दौरान निवेश करने पर व्यक्ति को 60 साल की उम्र पर पहुंचने पर एकमुश्त रिटायरमेंट फंड और बाद में एन्युइटी बेनिफिट उपलब्ध होता है. इस लॉन्ग टर्म स्कीम में लगाया गया पैसा इक्विटीज, गवर्मेंट बॉन्ड्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स आदि जैसे विभिन्न एसेट्स में निवेश किया जाता है ताकि NPS सब्सक्राइबर को बेहतर रिटर्न मिल सके.

NPS की लॉन्चिंग के वक्त इसमें निवेश करने की सुविधा केवल केन्द्र सरकार के कर्मचारियों को थी. बाद में इसे सभी भारतीय नागरिकों, नॉन-रेजिडेंट इंडियंस और ओवरसीज सिटीजन्स ऑफ इंडिया (OCI) के लिए भी खोल दिया गया. NPS में 18 साल से लेकर 60 साल तक का कोई भी व्यक्ति निवेश कर सकता है.

NPS का चुनाव करने वाला अपने नौकरीपेशा जीवन के दौरान अपने द्वारा चुने गए पेंशन फंड में निवेश कर सकता है. पेंशन फंड को वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम वहन करने की क्षमता के आधार पर चुना जा सकता है. रिटायरमेंट के बाद व्यक्ति को एकमुश्त फंड के अलावा मासिक पेंशन मिलती है. लेकिन NPS के नियम उन लोगों के मामले में थोड़े अलग हैं, जो रिटायरमेंट एज से पहले ही रिटायरमेंट ले लेते हैं यानी VRS का विकल्प चुनते हैं. भारत में अधिकतर कार्यक्षेत्रों में रिटायरमेंट एज 60 साल है. आइए बताते हैं VRS लेने वालों और रिटायरमेंट एज पर पहुंचकर NPS छोड़ने वालों के मामले में NPS के नियम कैसे भिन्न हैं….

1. रिटायरमेंट एज पर पहुंचने से पहले ही NPS में निवेश बंद करने वालों को अपने पेंशन फंड में से कम से कम 80 फीसदी अमाउंट का इस्तेमाल एन्युइटी खरीदने में करना होगा. इससे आपको मासिक पेंशन या समय-समय पर होने वाले अन्य भुगतान प्राप्त होंगे, जिनका आपने चुनाव किया है. बाकी 20 फीसदी अमाउंट को एकमुश्त रिटायरमेंट फंड के तौर पर विदड्रॉ किया जा सकता है. यह रकम पूरी तरह से टैक्स के दायरे में आएगी.

वहीं रिटायरमेंट एज पर पहुंचने के बाद NPS में निवेश बंद करने वालों को अपने पेंशन फंड का कम से कम 40 फीसदी एन्युइटी मे लगाना होता है. बाकी 60 फीसदी फंड वे एकमुश्त टैक्स फ्री अमाउंट के तौर पर विदड्रॉ कर सकते हैं.

2. VRS लेने वाले व्यक्ति का पेंशन फंड अगर 1 लाख रुपये या इससे कम रहता है तो उसके पास पूरा फंड निकालने का विकल्प होगा. उसे कोई भी एन्युइटी प्लान नहीं लेना होगा.

3. VRS लेने वाला अगर सरकारी कर्मचारी नहीं है तो वह NPS में निवेश के 10 साल पूरे होने के बाद ही इसके प्रीमैच्योर विदड्रॉल का विकल्प चुन सकता है.

4. रिटायरमेंट एज से पहले NPS छोड़ने वाले के पास एन्युइटी खरीद या फंड के एकमुश्त विदड्रॉल में से किसी एक को रखने का विकल्प नहीं होगा. यह विकल्प 60 साल की उम्र पर रिटायर होने वालों के पास रहता है.

5. अगर NPS सब्सक्राइबर की रिटायरमेंट एज पर पहुंचने से पहले ही मृत्यु हो जाती है तो पूरा पेंशन फंड उसके नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी को सौंप दिया जाता है.

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NPS में टैक्स छूट

NPS को अत्यधिक टैक्स इफीशिएंट इंस्ट्रूमेंट माना जाता है. इसकी वजह है कि NPS में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत तो 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती ही है. साथ ही सेक्शन 80CCD (1B) के तहत 50000 रुपये की अतिरिक्त टैक्स कटौती का भी फीचर है.

Article By: Adhil Shetty, CEO, BankBazaar.com

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